मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ में खपाई जा रही शराब
शिकायत के बावजूद भी अब तक नहीं हुई कार्यवाही
पूर्व में भी हो चुकी है अवैध शराब के ठीहो हो पर छापामार कार्यवाही
विजय जयसवाल
राजनगर = वही नवागत कलेक्टर अनूपपुर के द्वारा अवैध रूप से बेची जा रही शराबों पर भी सख्त कार्यवाही करने के लिए अबकारी विभाग व पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं लेकिन कलेक्टर के भी आदेश कोरे साबित हो रहे हैं
इन दिनों एक बार फिर शराब माफियाओं ने अपना कारोबार मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की ओर फैला दिया है वह रोजाना बड़े वाहनों में भरकर अवैध शराब छत्तीसगढ़ की सीमा तक पहुंचा दिया जाता है जिसकी जानकारी स्थानीय थाना को भी है इसके बावजूद भी कार्रवाई नहीं हो पा रही मिली जानकारी के अनुसार
छत्तीसगढ़ राज्य के संपूर्ण शराब दुकान शासकीय हो जाने से इस समय छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से घिरे राजनगर के शराब माफियाओं की चांदी हो गई है जो इस समय छत्तीसगढ़ के शराब की दुकान के समय का फायदा उठाते हुए तेजी से अवैध शराब छत्तीसगढ़ में खपा रहे हैं !
वाहनों में पहुंचा जा रही शराब= शराब माफियाओं द्वारा शराब या तो स्वयं पहुंचाते हैं या बोलेरो में भरकर या फिर राज नगर स्टेडियम के पास बने स्थाई अड्डे में भेज वाया जाता है जो खोंगापानी लेदरी मनेंद्रगढ़ मनेंद्रगढ़ शहर में या तो पैकारी के रूप में या फिर होटलों में बेची जाती हैं वही मरवाही दानी कुंडी क्षेत्रों में शराब ठेकेदार द्वारा अपने निजी वाहन या छत्तीसगढ़ के लग्जरी वाहनों के माध्यम से अवैध शराब का संचालन कराया जाता है उसमें कुछ बस संचालक भी सम्मिलित रहते हैं जिसके माध्यम से शराब गंतव्य तक पहुंचाई जाती है जिससे छत्तीसगढ़ शासन को प्रति माह करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ता है वहीं स्थानीय शराब माफिया द्वारा शराब की तस्करी कर करोड़ों का वारा न्यारा किया जा रहा है जिसको देखते हुए वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त शराब दुकान में शासकीय कर्मचारियों द्वारा शराब बेची जा रही है जबकि छत्तीसगढ़ शराब दुकान है दोपहर 1:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुलती हैं उसी के साथ छत्तीसगढ़ में शराब की वैरायटी में भी कमी है साथ ही एक व्यक्ति को क्षमता से ज्यादा शराब भी नहीं दी जा रही है !
बंद का उठा रहे फायदा= जिसका फायदा कोयलांचल क्षेत्र राजनगर के शराब माफिया और ठेकेदार जोरों से उठा रहे हैं और सचिन के दम पर खुलेआम पैकारो के माध्यम से स्वयं की गाड़ियों से छत्तीसगढ़ में कोरिया मनेंद्रगढ़ दानी कुंडी मरवाही पेंडा और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब पाई जा रही है ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश के आखरी छोर पर बसे राजनगर में वर्तमान में तीन अंग्रेजी शराब दुकान है व एक देसी शराब दुकान है जिसे एक ही ठेकेदार के द्वारा चलाया जा रहा है जो कि छत्तीसगढ़ के दो किनारों से महज 2 किलोमीटर पर स्थित है वही जिस ठेकेदार द्वारा राजनगर इन चारो शराब दुकानों का ठेका चलाया जा रहा है वह पूर्व में छत्तीसगढ़ के कई राज्यों में शराब का ठेका चला चुका है जिस कारण उसकी सेटिंग पहले से उन क्षेत्रों में बनी हुई है जिसका फायदा उठाते हुए राजनगर शराब दुकान ठेकेदार द्वारा बेखौफ छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश की शराब की तस्करी की जा रही है ठेकेदार ने अपने चारों दुकानों के लिए चार वाहन भी रखे हुए हैं जिससे दिन-रात छत्तीसगढ़ के सीमा क्षेत्र से जुड़े क्षेत्रों में अवैध शराब भेजी जा रही है जिससे हर रोज छत्तीसगढ़ शासन को लाखों का चूना लग रहा है वही छत्तीसगढ़ शासन की नीति भी फेल होते दिख रही है जिस पर मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के उच्च अधिकारियों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है!
वहीं ग्राम पंचायत बनगवां राजनगर के जनपद सदस्य रविंद्र सिंह द्वारा गली गली में बेची जा रहे अवैध शराब पर कार्यवाही करने के लिए रामनगर थाने में शिकायत दी है जिसके 10 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक किसी प्रकार से कोई कार्यवाही न करना साफ दिखाई पड़ता है कि पुलिस की भूमिका भी इसमें सम्मिलित है वही शिकायतकर्ता द्वारा यह भी बताया गया कि अगर उसकी शिकायत पर पुलिस कार्यवाही नहीं करती तो वह धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगे और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी रामनगर पुलिस की होगी अब देखना यह होगा कि इसमें ऊपर बैठे अधिकारी संज्ञान लेते हैं या वह भी इसी तरह चुप्पी साधे देखे जाएंगे
पूर्व में भी पकड़ी जा चुकी शराब= कई बार स्थानीय लोगों के द्वारा भी शराब से लदे वाहनों को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया है लेकिन पुलिस आज तक अपने से कोई भी चेकिंग लगाकर इस अवैध शराब पर कार्यवाही नहीं की जिससे इन शराब माफियाओं के हौसले बुलंद है या यूं कहें कि शराब माफियों की सेटिंग स्थानीय पुलिस आबकारी विभाग से हैं!
इनका कहना है
वैसे तो अवैध शराब की कार्यवाही बीच-बीच में की जाती है अगर अवैध शराब मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ जा रही है ऐसी सूचना नहीं आई है जैसे ही सूचना आएगी कार्यवाही की जाएगी
वीभेन्दु वेंकट टांडिया
थाना प्रभारी राजनगर
