आखिर किसके आदेश व इशारे से नपा के प्रस्तावित भूमि पर जारी अवैध कब्जे का खेल
कोतमा - नगर पालिका क्षेत्र में लगातार आज शासकीय भूमियों पर अवैध कब्जे का खेल जारी है लाखों करोड़ों की शासकीय भूमि कौड़ियों के दाम पर पैसे ले लेकर अवैध कब्जे कराए जा रहे हैं। ऐसा मालूम होता है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारीयो ने मौन धारण कर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने अनुमति प्रदान कर दी है आलम आज यह है कि कोतमा नगर के आसपास नपा का शासकीय भवन बनाया जाना हो या फिर किसी शासकीय विभाग का नव निर्माण भवन कार्यालय बनाने के लिए आज शासकीय भूमि खोजने ढूंढने से भी नहीं मिल रही है,वहीं दूसरी ओर जो शासकीय भूमि गिनती की बच भी गई हैं उस पर भी कुछ पूजीपतियों ने बाज की आंख जैसे नजर टकटकी गड़ाए हुए अवैध कब्जे के लिए आज बैठे हैं। कोतमा तहसील में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने की होड मची हुई है,राजस्व भूमि पर आए दिन अवैध कब्जे का खेल जारी है।कोतमा नगर पालिका की पूर्व परिषद द्वारा दिनांक 16 जून 2017 को प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष स्व.राजेश सोनी की अध्यक्षता में सभाकक्ष में बैठक संपन्न हुई थी जिसमें रोशन वारसी,राजेंद्र सोनी,अजय तोमर, मोहम्मद मुफीद, राम मिलन सिंह, संगीता सोनी, रानी सिंह सभापति ,पी आई सी के समक्ष प्रस्तुत हुआ,प्रकरण का अवलोकन पी आई सी के सदस्यों द्वारा किया गया वार्ड क्र 4 दर्रीटोला बिजली ऑफिस रोड में नीचे तरफ जगदीश शुक्ला मास्टर एवं कमलेश गुप्ता के घर के सामने पड़ी शासकीय भूमि खसरा क्रमांक रिक्त भूमि की कुल 33×57 नपा निकाय कर्मचारियों के आवास बनाए जाने के दृष्टिकोण से कर्मचारियों के रहने के लिए कर्मचारी आवास बनाने का निर्णय सर्व समस्त से पूर्व परिषद द्वारा लिया गया ।
शा.भूमि पर अवैध कब्जे की मची होड -
कोतमा नगर पालिका कार्यालय के चंद फसलों की दूरी पर वार्ड क्रमांक 4 बिजली ऑफिस रोड व दर्रीटोला सड़क मार्ग पर शासकीय भूमि पर कमला प्रजापति भूमिहीन के नाम पर मुख्यमंत्री आश्रय योजना के तहत 60 वर्ग मीटर भूमिहीन सर्वे के दौरान भूमि का पट्टा वितरण किया गया,उसी भूमि से लगी शासकीय रिक्त भूमि 35×57 में नगरपालिका के निकाय के कर्मचारियों को आवास बनाने के लिए प्रस्ताव पारित हुआ था।पूर्व से इस भूमि पर अनावश्यक रूप से अज्ञात लोगों के द्वारा जबरन कब्जे किए जाने की बात पी आई सी के समक्ष प्रस्तुत की गई थी,ऐसी स्थिति में भूमि में जहां कर्मचारी आवास बनाया जाना प्रस्तावित किया गया आज उसी भूमि पर एक व्यापारी द्वारा कुछ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से सांठगांठ कर अवैध कब्जा करने के फिराक में जुटा हुआ है जबकि उपरोक्त भूमि की सुरक्षा की दृष्टि से राजस्व विभाग को पूर्व में पत्राचार कर पूरे मामले से अवगत कराया गया और पत्राचार के माध्यम से नगरपालिका कर्मचारियों को आवास बनाने की राजस्व विभाग से स्वीकृत माँगी गई थी।
भूमिहीन पट्टा धारी,शासकीय भूमि को विक्रय करने पर होगी कड़ी कार्रवाई - नपा
पूर्व नगर पालिका परिषद द्वारा यह भी निर्णय लिया गया यदि उक्त 60 मीटर पट्टा प्राप्त हितग्राही द्वारा यदि अपनी भूमि का विक्रय भविष्य में करती है तो ऐसे में बेचने और खरीदने वाले दोनों व्यक्ति के खिलाफ निकाय हित,लोकहित,जनहित के दृष्टिकोण से कार्यवाही किए जाने हेतु पी आई सी सर्व सम्मति से स्वीकृत प्रदान करने का निर्णय लिया गया लेकिन आज उसी रिक्त शासकीय भूमि का क्रय-विक्रय का खेल खेला जा रहा है अवैध कब्जा कर कार्य भी जोर शोर से शुरू कर दिया गया है ऐसा नहीं है कि नगरपालिका को इसकी खोज खबर नहीं है,शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे कराने की जुगलबंदी खुलेआम आज चल रही है और जिम्मेदार अधिकारी अपनी अपनी जिम्मेदारियों से भागते फिरते दिख रहे है।
कहना है -
मुझे सूचना मिली है मैं तत्काल मौके पर निरीक्षण करूंगा यदि उक्त भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है तो उस पर तत्काल रोक लगाई जाएगी।
शैलेंद्र कुमार ओझा
मुख्य नगरपालिका अधिकारी,कोतमा