भारत माता पब्लिक स्कूल की मनमानी फीस वसूली को लेकर प्रबंधन पर 15 मार्च तक कार्यवाही न होने पर एबीवीपी,कोतमा करेगी अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय घेराव
कोतमा - इन दिनों नगर में संचालित कुछ प्राइवेट स्कूलों द्वारा राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश को दरकिनार करते हुए मनमानी तरीके से फीस वसूली जा रही है जिसे देखने सुनने वाला कोई नहीं है।सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखाकर कुछ स्कूल संचालक अपनी मनमानी पर उतारू हो गए हैं और मनचाही फीस वसूल कर अपनी जेब भर रहे हैं। जबकि मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के आदेश पूर्व में ही जारी किए थे,उसके बाद भी कुछ स्कूल अपनी मनमानी कर मनचाही फीस वसूल रहे हैं मानो उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश से कोई फर्क ही न पड़ता हो।वही जिले के आला अधिकारी इस ओर ध्यान देने की जगह अपनी कुर्सी पर बैठकर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर चुप्पी साधे हुए हैं,अधिकारियों का इस तरह से चुप्पी साधे हुए सब कुछ देखना अपने आप में कई तरह के सवाल खड़ा कर रहा है।
भारत माता पब्लिक स्कूल की मनमानी को लेकर एबीवीपी ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन -
एबीवीपी इकाई कोतमा ने अनुविभागीय अधिकारी,कोतमा को दिनांक 12 मार्च 2021 को ज्ञापन सौंपते हुए ज्ञापन में उल्लेख किया है कि कोविड-19 महामारी संकट के समय में विद्यार्थी परिषद छात्रहित एवम राष्ट्रहित में निरंतर कार्य कर रही है।वही कोविड-19 महामारी के चलते आम नागरिक आर्थिक संकट से गुजर रहा है और जनता की आर्थिक स्थिति एवम परेशानियों को देखते हुए माननीय उच्च न्यायालय म. प्र. द्वारा 1 सितंबर 2020 को प्राइवेट विद्यालय को मात्र ट्यूशन फीस लेने का आदेश जारी किया गया है,फिर भी भारत माता पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल,कोतमा के संचालक द्वारा मनमानी तरीके से तानाशाह रवैया अपनाते हुए जबरन स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के अभिभावकों से अवैध तरीके से फीस वसूली जा रही है।जिसकी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद,इकाई कोतमा ने भारत माता पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल कोतमा के संचालक के ऊपर अनुविभागीय अधिकारी,कोतमा से उचित कार्यवाही की मांग करते हुए जिन छात्र छात्राओं के अभिभावकों से फीस वसूल की जा चुकी है उन्हे फीस वापस दिलाने की बात कही है। और 15 मार्च 2021 तक भारत माता पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल,कोतमा के प्रबंधन के विरुद्ध उचित कार्यवाही न होने पर एबीवीपी इकाई, कोतमा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय घेराव की करने की बात कही है और इस दौरान किसी भी प्रकार की कोई भी अप्रिय घटना घटित होने की दशा में उसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होने की बात कही है।