अनूपपुर - जिला मुख्यालय के आदर्श मार्ग में स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा के प्रबंधक एवं कर्मचारियों के टीम के द्वारा वृद्ध आश्रम में ठंड के दिनों में कल्याण का काम करते हुए सभी वृद्ध लोगों को कंबलों का वितरण किया गया है,इसके अलावा फल भी बांटे गए हैं।ज्ञात हो कि अनूपपुर जिले में एकमात्र वृद्ध आश्रम बना हुआ है जहां पर दर्जनों की संख्या में कई ऐसे परिवार हैं जिनका लालन-पालन उनके परिवार में पुत्रों या रिश्तेदारों के द्वारा नहीं किया जाता है जिन्हें अंतिम समय में वृद्ध आश्रम का सहारा लेना पड़ रहा है जहां पर समय-समय पर सामाजिक कार्य करने वाले लोगों के द्वारा उन्हें खुश करने के लिए अनेक प्रकार के सेवाएं प्रदान करते रहते हैं।इसी बीच भारतीय स्टेट बैंक अनूपपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक अमित भगत,आलोक वर्मा, एवं मुख्य प्रबंधक जावेद अंसारी एवं मंगल सिंह के मार्गदर्शन में सीतापुर में स्थित वृद्ध आश्रम पर पहुंचकर लोगों का हाल-चाल जाना और कंबल, फल वितरण कर ढाढस बढ़ाया।इसके अलावा क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना था कि आने वाले समय में जिस तरीके की मदद हो समय-समय पर वृद्धि आश्रम पर करते रहेंगे निश्चित रूप से यह एक सराहनीय काम है,इससे आम लोगों को भी सीख लेनी चाहिए कि किस तरह अपने फालतू के खर्चों को काटकर निर्बल हो चुके वृद्ध माता-पिता जो आश्रम में बसे हुए हैं उनकी सेवा कैसे की जा सकती है। जरूरी नहीं होता कि हम कुछ करके ही उनकी मदद कर पाए समय पर उनकी बातें सुन भी अपने आप में दुख के बांटने के समान होता है।
वृद्धो के चेहरे पर छाई खुशियली-
जिंदगी भर अपने परिवार अपने बच्चों अपने रिश्तेदारों के लिए जीवन भर खुद को भूखा रखकर अपने परिवार को पालने वाले वृद्ध जिनका अंतिम समय में परिवार का सहारा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है,और उनके सुख रहने का कारण भी।ऐसे समय पर जब बच्चे या परिवार के लोग उन्हें नाकारा समझ कर वृद्ध आश्रम में डाल देते हैं,तो यह उनके जीवन की असहनीय पीड़ा होती है जिससे उन्हें हर पल मौत अच्छा लगता है। कई वृद्ध जनों से बात करने पर पता चला कि इस तरह जीने से अच्छा है कि उन्हें मौत आ जाए लेकिन इस बीच अगर परिवार से अलग अन्य सामाजिक कार्यकर्ता या लोग पहुंच कर उनके बीच बैठकर प्यार बांटते हैं और किसी तरह से उन्हें सुख देने के लिए आगे आते हैं तो निश्चित रूप से वृद्ध आश्रम में रह रहे लोगों के चेहरे पर परिवार की याद ताजा हो जाती है और इस तरह से वृद्ध आश्रम में खुशियों का नया खजाना भी मिल जाता है दर्जनों लोग जो दूसरे तीसरे गांव से आकर रहते हैं वह एक परिवार के रूप में स्थापित हो जाते हैं और लोग एक दूसरे के सुख-दुख को सुनकर ही खुशी महसूस करने लगते हैं इस बीच भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों के द्वारा जब कंबल वितरण किया जा रहा था तो उनके चेहरे पर खुशियली छाई रही और एक अपनेपन का एहसास भी हुआ वृद्ध जनों का कहना था कि फल वितरण और कंबल वितरण से निश्चित रूप से ठंड से निजात तो मिलेगी लेकिन जिस तरह से भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों के द्वारा प्यार दिया गया उस सभी के चेहरे पर खुशियली बनी रही ।
सेवा भाव निरंतर रहेगा जारी-
भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अमित भगत ने कहा कि हमारी टीम के आलोक वर्मा एवं मुख्य प्रबंधक जावेद अंसारी एवं मंगल सिंह के द्वारा वृद्ध आश्रम पर समय-समय पर इनके बीच पहुंचकर अन्य प्रकार की सेवाएं देते रहेंगे इस तरह से कार्य करने से उनके टीम को बहुत खुशी मिली और आगे भी निरंतर प्रयास करते हुए कुछ अच्छा कार्य नियोजित किया जाएगा जिससे बुजुर्ग हो चुके माता को कुछ पल की खुशी अगर दे पाते हैं तो वह अपने आप को भाग्यवान समझेंगे निश्चित रूप से जब उन्हें सहारे की जरूरत पड़ती है तो उनके बच्चे उन्हें घरों से निकाल देते हैं यह एक बेहद तकलीफ बाद भी है इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक सद्भावना और पारिवारिक परिवेश को बदलने की बात भी श्री अमित भगत जी के द्वारा कही गई है फिलहाल ठंड से निजात दिलाने के लिए और स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए फल वितरण के साथ कंबल का वितरण होने से वृद्ध आश्रम में रह रहे बुजुर्गों को काफी खुशी मिली है और समय-समय पर विशेष ध्यान रखने की बात भी कही गई है l