अनूपपुर - यातायात पुलिस ने भले ही समूचे प्रदेश में 7 जुलाई से विशेष चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के संबंध में पीटीआरआई के एडीजी जी जनार्दन ने भोपाल व इंदौर के पुलिस आयुक्त समेत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजा गया है।इस पत्र में कहा गया है कि 07 जुलाई से 07 सितंबर तक विशेष अभियान चलाते हुए ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करें, जो यातायात नियमों का पालन नहीं करते हैं।इसके साथ ही एडीजी ने यह निर्देश भी दिए हैं कि वाहन चालकों द्वारा हेलमेट व सीट बेल्ट धारण करने के संदर्भ में सभी स्कूल-कालेजों में, मोहल्ले-कस्बों में एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए।एडीजी ने इस संदर्भ में सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों से अभियान को लेकर साप्ताहिक रिपोर्ट देने के लिए भी कहा है। एडीजी ने अपने पत्र में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया है, जिसमें दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य किया गया है।लेकिन अगर जमीनी हकीकत की बात की जाए तो बच्चों को स्कूल से घर व घर से स्कूल लाने ले जाने में उपयोग होने वाले स्कूली वाहनों को खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए देखा जा सकता है।ऐसा ही एक जीता जागता उदाहरण कोतमा नगर में संचालित भारत माता स्कूल की बसों का है जिसमें बच्चों को बुरी तरह से ठूस ठूस कर स्कूल से घर व घर से स्कूल लाया ले जाया जाता है। लेकिन जिम्मेदार सब कुछ देख कर भी अनदेखा कर देते हैं,जिसका नतीजा आने वाले दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना के रूप में देखने को मिल सकता है।
बस क्षमता से अधिक भरे जाते हैं स्कूली बसों में बच्चे -
अनूपपुर जिले के कोतमा नगर में संचालित भारत माता स्कूल में स्कूली बच्चों को घर से स्कूल लाने ले जाने के लिए कुछ किराए के वाहन व स्कूल बस चलती हैं,लेकिन इन वाहनों में सुरक्षा के कोई भी साधन उपलब्ध नहीं रहते हैं,एवं इनमें क्षमता से कई गुना अधिक स्कूली बच्चों को बैठाया जाता है। यहां तक कि कई बार बच्चे बस में जगह न होने के कारण वाहनों में खड़े-खड़े घर से स्कूल और स्कूल से घर तक का सफर तय करने को विवश रहते हैं बच्चों को स्कूल से लाने ले जाने में प्रयोग होने वाले वाहनों को देखते हुए या अंदाजा लगाया जा सकता है कि आए दिन ननिहाल ऊपर जान गंवाने का खतरा मंडरा रहा है।
यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाता भारतमाता स्कूल -
भारतमाता स्कूल में स्कूली बच्चों को लाने ले जाने में उपयोग करने वाले वाहन सड़कों पर खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दिखाई देते हैं कुछ वाहनों में तो सुरक्षा की दृष्टि से ना तो आग बुझाने वाले यंत्र लगे होते हैं और ना ही इमरजेंसी दरवाजे व खिड़कियां।और ज्यादा पैसे कमाने की लालच में क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को बैठाया जाता है। ऐसा नहीं है कि क्षमता से अधिक बच्चे बैठाने की शिकायत यातायात विभाग व पुलिस विभाग से नहीं की गई हो लेकिन उसके बाद भी यातायात विभाग और स्थानीय पुलिस इन वाहनों की जांच नहीं करती जिस कारण से भारतमाता स्कूल प्रबंधन के हौसले बुलंद हैं। और आए दिन भारत माता स्कूल के बच्चों को लाने ले जाने वाली बसों से स्कूल में पढ़ने जाने वाले विद्यार्थियों को जान का खतरा बना रहता है। यातायात एवम पुलिस विभाग ने मानो भारत माता स्कूल व नियम विरुद्ध बसों का संचालन करने वाले स्कूली वाहनों को अपना संरक्षण दे रखा है,जिसकी वजह से स्कूली वाहनों पर कोई कार्यवाही नहीं होती और छोटे छोटे ननिहालो के ऊपर जान का खतरा बना रहता है।
कभी भी हो सकती है बड़ी घटना -
कोतमा नगर में चल रही भारत माता स्कूल की बसों को देखने में ऐसा प्रतीत होता है कि स्कूल बसों की बड़ी लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है। मगर जिला प्रशासन अभी तक सोया हुआ है,साथ ही साथ यातायात विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं देता जिससे नगर में चल रही स्कूल एवं यात्री वाहनों की लापरवाही दिनों दिन बढ़ते जा रही है और किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है।अगर समय रहते भारत माता व अन्य स्कूल बसों की लापरवाही पर लगाम नहीं लगाई गई तो कभी भी कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है,पर उस घटना का जिम्मेदार कौन होगा यह सोचने का विषय है।
कहना है -
जब इस संबंध में जिला यातायात अधिकारी से फोन के माध्यम से चर्चा करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा।
कहना है -
अगर स्कूली बसों में क्षमता से अधिक बच्चे भरे जा रहे हैं तो निश्चित ही कार्यवाही की जाएगी।
रामेश्वर बैस
थाना प्रभारी,कोतमा
कहना है -
भारत माता स्कूल के बच्चो से बस की फीस बराबर वसूली जा रही है,बसों की ओवरलोडिंग को लेकर प्रशासन को निश्चित ही कार्यवाही करनी चाहिए।
रफी अहमद
एनएसयूआई,जिला अध्यक्ष,अनूपपुर
कहना है -
जल्द ही एबीवीपी द्वारा भारतमाता स्कूल की बसों के सामने चक्का जाम किया जाएगा और ऐसे फर्जी स्कूल को बंद कराने का काम भी किया जाएगा।
आयुष रॉय
विभाग संयोजक,एबीवीपी
कहना है -
स्कूल प्रबंधन की मनमानी नहीं चलेगी,जल्द ही इस संबंध में मेरे द्वारा जिला कलेक्टर से शिकयत की जाएगी।
पवन पटेल
शिवसेना संभाग अध्यक्ष,शहडोल
कहना है -
मैं अभी बाहर हूं,जल्द ही वापस आ कर इस संबंध में मीटिंग लूंगा और इस समस्या का निराकरण किया जाएगा।
उदय प्रताप सिंह
अध्यक्ष,भारत माता स्कूल समिति