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उपाध्यक्ष अजय यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी,पार्षदों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


अनूपपुर - नगर पालिका परिषद पसान में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष अजय ताराचंद्र यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में नगर पालिका परिषद के निर्वाचित पार्षदों की ओर से जिला अनूपपुर के कलेक्टर को संयुक्त मांग-पत्र प्रस्तुत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ करने की मांग की गई है।

जिला कलेक्टर को सौपे गए ज्ञापन के अनुसार, दिनांक 9 अक्टूबर 2026 को आयोजित नगर पालिका परिषद की बैठक में उपाध्यक्ष अजय ताराचंद्र यादव के विरुद्ध सभी पार्षदों द्वारा सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद पार्षदों ने उनके कार्य व्यवहार पर अविश्वास जताते हुए मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 43-ए के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कलेक्टर के समक्ष संयुक्त मांग-पत्र एवं अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है।

चार साल के कार्यकाल में उपाध्यक्ष के साथ नहीं खड़ा एक भी पार्षद-

पसान नगर पालिका की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चार साल के कार्यकाल के दौरान उपाध्यक्ष अजय ताराचंद्र यादव के समर्थन में एक भी पार्षद नहीं होने की पुष्टि होने के बाद परिषद की सियासत गरमा गई है। उपाध्यक्ष के खिलाफ सभी पार्षदों की एकजुटता और 9 अक्टूबर को सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद अब अविश्वास प्रस्ताव की वैधानिक कार्रवाई को लेकर निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। पार्षदों ने कलेक्टर से नियमानुसार कार्रवाई शुरू करने की मांग की है।

उपाध्यक्ष पर अमर्यादित आचरण और विकास कार्यों में बाधा के आरोप-

कलेक्टर को दिए गए आवेदन में पार्षदों ने आरोप लगाया है कि उपाध्यक्ष अजय ताराचंद्र यादव द्वारा अपने पद की मर्यादा के विपरीत आचरण किया जा रहा है। आवेदन में दावा किया गया है कि उनके व्यवहार के कारण नगर के जनहितकारी विकास कार्यों में लगातार व्यवधान और बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, जिससे नगर निकाय की छवि प्रभावित हो रही है।

पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया है कि उपाध्यक्ष द्वारा सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से नगर पालिका परिषद और पार्षदों के विरुद्ध भ्रामक एवं द्वेषपूर्ण प्रचार किया जा रहा है। आवेदन में इन आरोपों को विकास विरोधी और अमर्यादित आचरण बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में उपाध्यक्ष का पक्ष सामने आना शेष है।

बैठक में सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित करने का दावा-

आवेदन के मुताबिक, उपाध्यक्ष के कथित आचरण के विरोध में 9 अक्टूबर को आयोजित परिषद की बैठक में सभी पार्षदों ने एकमत होकर निंदा प्रस्ताव पारित किया। पार्षदों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में उपाध्यक्ष के कार्य व्यवहार को लेकर विश्वास की स्थिति नहीं रह गई है। इसी आधार पर उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव की वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है।

अब कलेक्टर की कार्रवाई पर निगाहें-

पार्षदों ने कलेक्टर से मामले में मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 43-ए के तहत लागू प्रावधानों के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ करने का अनुरोध किया है। अब इस मामले में जिला प्रशासन द्वारा आवेदन पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि कलेक्टर को आवेदन सौंपना और निंदा प्रस्ताव पारित होना अपने आप में उपाध्यक्ष को पद से हटाए जाने का निर्णय नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव की आगे की प्रक्रिया और उसके परिणाम संबंधित कानून एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही तय होंगे।
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