शहडोल-भारतीय जनता पार्टी के संभागीय मीडिया प्रभारी राजेंद्र त्रिपाठी के द्वारा मीडिया सेल में एक पत्रकार वार्ता कर इस घोषणा पत्र व प्रदेश प्रवक्ता राजो मालवीय से पत्रकारों को रूबरू करवाया और प्रदेश प्रवक्ता ने घोषणा पत्र में मुख्य बिंदुओं पर पत्रकारों से चर्चा की,,
मध्य प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने की तैयारी कर रही भारतीय जनता पार्टी ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। बीजेपी ने घोषणा पत्र का नाम ‘दृष्टि पत्र’ रखा है। इसके साथ में महिलाओं के लिए बीजेपी ने अलग से घोषणा पत्र जारी किया है जिसे ‘नारी शक्ति संकल्प पत्र’ नाम दिया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय उप के संकल्प पत्र को हमने पूरा किया, जो संकल्प में भी नही था वो भी हमने किया। हमने मप्र को विकासशील बनाया, अब समृद्ध बनाएग। सीएम ने कहा कि हमने दृष्टी पत्र में भविष्य के मध्यप्रदेश का विकास का रोड मेप तैयार किया है।हर साल 10 लाख रोजगार, स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास हम करेंगे। युवा उद्यमियों को स्टार्ट अप की सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। नए इंडस्ट्रियल टाउनशिप स्थापित करेंगे। व्यापारी कल्याण कोष की स्थापना करने का लक्ष्य रखा है।उन्होंने बताया कि कृषक समृद्धि योजना हमने बनाई। लेकिन इस योजना से छोटे किसानों को लाभ नहीं मिल पाता, इसलिए छोटे किसान इस योजना के लाभ से वंचित ना रहें इसलिए हमने दृष्टि पत्र में तय किया कि किसानों केअनुपात के अनुसार उनके खाते में राशि डाली जाएगी।उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण में हमने कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस बार हमने ‘नारी शक्ति संकल्प पत्र’ प्रस्तुत किया है जिसमें में महिला सशक्तिकरण के लिए स्वसहायता समूहों, तेजसीविनी द्वारा स्वरोजगार को अभियान बनाया जाएगा।नर्मदा एक्सप्रेस वे, चंबल एक्सप्रेस वे और औद्योगिक कॉरीडोर विकसित करने का लक्ष्य हमने निर्धारित किया है, बिजली की क्षमता को 14000 मेगावाट तक हम ले जाएंगे, मेट्रो प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए नलजल योजना। मूल्य स्थिरीकारण कोश जो पहले 500 करोड़ रुपये से आरंभ हुआ था इसे बढ़ा कर 2000 करोड़ करने का निर्णय हमने लिया ताकि। बाजार मूल्य गिरने की दशा में किसानों को लाभकारी मूल्य उन्हें मिल सके। सिंचाई का रकबा 80 लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
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महिलाओं के लिए अलग घोषणापत्र
भाजपा ने इस बार महिलाओं के लिए अलग घोषणापत्र जारी किया है। नारी शक्ति संकल्प पत्र के नाम से इसमें महिलाओं को फोकस करके वादे किए गए हैं। इसमें महिलाओं के शिक्षा स्वास्थ्य से लेकर आर्थिक मजबूती तक के लिए विजन डॉक्युमेंट दिया गया है। पुलिस थानों में महिला सुविधा अधिकारी की नियुक्ति, पुलिस में पहले महिलाओं के पदों को भरने और सभी पुलिस थानों में यौन अत्याचार फॉरेंसिक परीक्षण किट उपलब्ध कराने का वादा है। महिलाओं के लिए नए स्टार्टअप लाने, 10 नए महिला ग्रामीण बीपीओ स्थापित करने, डेयरी उद्योग में महिलाओं को प्राथमिकता देने और रोजगार और स्वरोजगार में भी विशेष इंतजाम करने के दावे घोषणा पत्र में है।
घोषणा पत्र के कुछ अहम बिन्दु
-हर हाथ ‘एक काज” बेरोजगारी खत्म करने शुरू करेगे
-सामान्य वर्ग के बच्चो को भी मुफ्त शिक्षा पीएचडी तक
-फूड प्रोसेसिग यूनिवर्सिटी बनेगि
-कारीगर यूनिवर्सिटी बनेगी
-किसान सम्रददि कारीडोर बनेगा
-छोटे किसानो को लघु किसान स्वालंबन योजना
-निवेशको के लिये 12 नये क्लस्टर
-12वीं में 75 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वाली छात्राओँ को स्कूटी देने का किया वादा
-यात्री और शहरी बसों में महिलाओं को छूट 60 साल से अधिक महिलाओं को निशुल्क यात्रा
-हर साल 50000 लाभार्थियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 1000 करोड रुपए का वार्षिक बजट
-उद्योग कॉरीडोर की तर्ज पर किसान समृद्धि कॉरिडोर बनेगा
-किसानों की सुविधा के लिए 500 करोड़ का विशेष कोष
– कृषि संबंधी गतिविधियों के लिए शक्ति स्वरूपा कार्य बल योजना
सामान्य वर्ग के गरीबों को मुफ्त पढ़ाई
हायर सेकंडरी स्कूल में 75% अंक लाने और कॉलेज जाने वाली लड़कियों को मुफ्त स्कूटी देने का वादा। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन भी सरकार कराएगी।
लड़कियों को कॉलेज तक लाने-ले जाने के लिए सुरक्षित निःशुल्क परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
लड़कियों को स्कूल और कॉलेज में सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने नई मुक्ता योजना लाई जाएगी।
सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों के लिए पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई मुफ्त रहेगी। इसमें मेडिकल और इंजीनियरिंग भी शामिल हैं।
आत्मसुरक्षा के लिए कॉलेज में लड़कियों को मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग दी जाएगी, गर्ल्स हॉस्टल की क्षमता दोगुनी करेंगे।
विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स की सीटें बढ़ाई जाएंगी। हर थाने में महिला उपनिरीक्षक सिर्फ महिलाओं से जुड़े मामले देखेगी।
हर साल 10 लाख रोजगार, एक कारीगर यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी।
फूड प्रोसेसिंग, टूरिज्म यूनिवर्सिटी भी खोली जाएगी।
नए वेतन आयोग की स्थापना की जाएगी। कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय दिया जाएगा।
