नामांकन वापसी के बाद अनूपपुर की तीनों विधानसभाओं में कांग्रेस भाजपा मुख्य मुकाबले में



अनूपपुर चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे अनूपपुर जिले की तीनों विधानसभाओं की स्थिति भी स्पष्ट नजर आने लगी है । नामांकन पत्र वापसी के बाद अनारक्षित सीट कोतमा में तो मुख्य मुकाबला अब कांग्रेस और भाजपा के मध्य ही बचा है वहीं अनूपपुर एवं पुष्पराजगढ़ भी मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के मध्य होना है। कुछ निर्दलीय उम्मीदवार अनूपपुर कोतमा विधानसभा में अपनी अहम भूमिका अदा कर रहे हैं लेकिन निर्दलीय की भरमार होने से उनकी स्थिति स्पष्ट नजर नहीं आ रही जबकि कांग्रेस और भाजपा की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी है । भाजपा के कद्दावर नेता राजेश सोनी एवं मनोज अग्रवाल ने कोतमा विधानसभा से अपने नामांकन वापस कर कोतमा की राजनीति को अल्पविराम दे दिया लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार सपाक्स के पंडित किशोरीलाल चतुर्वेदी एवं बाल योगी लक्ष्मण दास कमजोर प्रत्याशी नजर नहीं आ रहे इनको भी कम आंकना दुर्भाग्यपूर्ण होगा। पूर्व विधायक भाजपा के दिलीप जायसवाल के सामने कांग्रेश के विधानसभा प्रत्याशी सुनील सर्राफ चुनाव में भी नए हैं लेकिन संगठन में इनकी सक्रियता किसी से छिपी नहीं है जिसके दम पर उन्होंने सीटिंग एमएलए टिकट काटकर टिकट प्राप्त कर ली अनूपपुर विधानसभा में कांग्रेस के बिसाहू लाल सिंह एवं भाजपा के रामलाल रौतेल दोनों ही प्रत्याशी किसी भी नजर में कमजोर नहीं है और मुख्य मुकाबला भी इन दोनों के मध्य ही नजर आ रहा है ।वही पुष्पराजगढ़ सीट में कांग्रेस के सीटिंग एमएलए फूदेलाल सिंह मार्को पर कांग्रेस पार्टी ने विश्वास कर विधायक की टिकट दी है ।और उनको भाजपा के प्रत्याशी से मुकाबला करना है लेकिन भाजपा में चीर हरण होने के कारण और नामांकन वापसी ना होने के कारण मुख्य मुकाबला भी कांग्रेश भाजपा के मध्य ही होते नजर आ रहा है। अब देखना है कि मतदाता 28 नवंबर को क्या फैसला देता है किस करवट मतदाताओं का रुख होता है यह आने वाले समय में पता चलेगा ।

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...