*10 सूत्री मांगों को लेकर दिया ज्ञापन, अपर कलेक्टर महोदय का न्यायालय कोतमा तहसील में संचालित करने हेतु मुख्यमंत्री महोदय के नाम भी दिया गया एसडीएम कोतमा को ज्ञापन*
कोतमा/ अभिभाषक संघ कोतमा काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पारित प्रस्ताव राज्य अधिवक्ता परिषद द्वारा प्रेषित निर्देश तथा अधिवक्ता संघ कोतमा द्वारा सामान्य सभा में पारित प्रस्ताव क्रमांक 3 दिनांक 11 फरवरी 2019 के अनुसार अधिवक्ताओं के अधिकारों की रक्षा न्यायपालिका की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संस्थाओं की रक्षा अधिवक्ताओं की सुरक्षा एवं अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए सरकार द्वारा योजना बनाए जाने तथा पूर्व में दिए गए अभ्यावेदन /ज्ञापन पर कोई कार्यवाही न किए जाने से पूरे देश के अधिवक्ता अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए विश्वास है ,फलस्वरूप बार काउंसिल ऑफ इंडिया पूरे देश में दिनांक 12 फरवरी 2019 को एक दिवसीय कार्य से विरत रहते हुए प्रतिभा दिवस का आव्हान किया गया है। अभिभाषक संघ कोतमा द्वारा प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली के नाम दिनांक 12 फरवरी 2019 को कोतमा एसडीएम को 10 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया जिसमें देश के सभी अधिवक्ता संघ के लिए न्यायालय परिसर में सुविधायुक्त भवन हो जिसमें अभिवक्ता एवं पक्षकारों के बैठने की समुचित व्यवस्था हो महिला अधिवक्ताओं हेतु समुचित प्रसाधन हो पुस्तकालय ईलाइब्रेरी शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था एवं इंटरनेट की सुविधा हो, साथ ही उचित मूल्य पर खाने-पीने की चीजों वाली कैंटीन की सुविधा हो, सभी अधिवक्ता एवं उनके परिवार हेतु जीवन बीमा आकाश में मृत्यु होने पर कम से कम 50 लाख की व्यवस्था वकीलों व परिजनों की किसी भी बीमारी की स्थिति में बेहतर मुफ्त चिकित्सा की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए ,विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम में संशोधन किया जाए ताकि अधिवक्ता अपने कर्तव्य का निर्वहन में समर्थ हो सके लोक अदालतों का कार्य वकीलों के जिम्मे हो तथा न्यायिक पदाधिकारियों व न्यायाधीशों को इससे दूर रखा जाए। संसद एवं राज्य सरकारों द्वारा अधिवक्ताओं के संरक्षण हेतु अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम अधिनियमित तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए ,सभी जरूरतमंद अधिवक्ताओं को गृह निर्माण हेतु भूखंड दिलाए जाने की व्यवस्था की जाए तथा उन्हें ब्याज मुक्त होम लोन लाइब्रेरी लोन वाहन लोन प्रदान की जाए ,मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा अधिवक्ता अधिनियम की धारा 34 में किए गए संशोधन को तत्काल वापस लिया जाए क्योंकि उक्त संशोधन संविधान में आम नागरिकों एवं अधिवक्ताओं को प्राप्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता एवं प्राकृतिक न्याय को प्रतिबंधित करता है उपरोक्त समस्त मांगों की पूर्ति हेतु केंद्र सरकार अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु वार्षिक बजट में पाँच हजार रूपये का आवंटन करें।
*मुख्यमंत्री के नाम भी अभिभाषक संघ कोतमा ने एस डी एम को दिया ज्ञापन*-
अपर कलेक्टर महोदय का न्यायालय कोतमा तहसील में संचालित करने हेतु अभिभाषक संघ कोतमा द्वारा 12 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री महोदय मध्यप्रदेश शासन के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी दिया गया यह मांग की गई कोतमा तहसील क्षेत्र अंतर्गत लगभग 153 गांव हैं कोतमा तहसील में एसडीएम कोर्ट एवं तहसीलदार का कोर्ट संचालित है दो नयाब तहसीलदार का कोर्ट एक वृत्त बिजुरी एवं एक वृत्त आमाडांड में संचालित है इस तरह कुल राजस्व न्यायालय कोर्ट संचालित है ।कोतमा तहसील क्षेत्र के आस पास गांव की दूरी लगभग 70 से 80 किलोमीटर है क्षेत्र की जनता तहसील कोर्ट संबंधी कार्यों को लेकर आते जाते हैं तथा जिला में न्यायालय संबंधी अपील, रिवीजन,पुनर्विलोकन, अनुमति आदि कार्य को लेकर जिला अनुपपुर जाना आना पड़ता है और गांव क्षेत्र की दूरी लगभग जिले से 125 किलोमीटर पड़ती है जिससे क्षेत्र के लोगों का समय व धन का अपव्यय होता है ।मध्य प्रदेश शासन के मंशा अनुसार क्षेत्र के लोगों को सस्ता व सुलभ न्याय कोतमा तहसील क्षेत्र में अपर कलेक्टर महोदय का न्यायालय संचालित किए जाने आवश्यक है ताकि अपर कलेक्टर महोदय का न्यायालय कोर्ट में तहसील में संचालित कराया जाता है जिससे क्षेत्र की आम जनता को यह न्याय सुविधा आसानी से मिल सके ।
*इस अवसर पर अभिभाषक संघ रहे उपस्थित*
अभिभाषक संघ कोतमा के अध्यक्ष राजेश सोनी, उपाध्यक्ष मो0 इस्तियाक, सचिव जसवीर सिंह, सहसचिव शिवकुमार विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय और वरिष्ठ अभिभाषक सहित सैकड़ों अभिभाषक संघ के लोगों ज्ञापन देने में रहे उपस्थित ।
