रुला रहा बिजली बिल और विद्युत विभाग

कोतमा नगर व समीपवर्ती ग्राम पंचायतों में दिनों दिन मिल रहा मनमानी बिजली बिल,विधायक की पहल भी यहां बौनी नजर आ रही है

कोतमा -चाहे वह विद्युत आपूर्ति से संबंधित हो या बिल संबंधित सभी तरफ से ऐसा मायाजाल है, कि समान नागरिक को ना तो विद्युत आपूर्ति समझ में आती है और ना उसकी  विद्युत बिल का हिसाब और आम नागरिकों का शोषण हो जाता है ,पता भी नहीं चलता यदा-कदा किसी को कुछ पता चल ही गया ,जानने की कोशिश की तो उपभोक्ताओं को समझ नहीं आता कि क्या करें कहां जाए कैसे संतुष्ट हो।

विद्युत विभाग द्वारा मनमाने ढंग से भेजा जा रहा बिल--

जब वह लोगो  को ऐसा महसूस होता है कि मेरा बिल हर महीने के अपेक्षा 20 गुना ज्यादा आया है तो उपभोक्ता  को मानो 440 वोल्ट का करंट बिजली की बिल से लग गया हो , फिर कोई उपचार नहीं होता कि बिजली बिल को सही कैसे करवाया जा सके और जब  जब व्यक्ति संबंधित अधिकारी से मिलने जाता है तो वह अपने मायाजाल से लगभग पूरी राशि जमा करवा ही लेते हैं और यदि जमा नहीं किए तो मानो यमराज की तरह आपकी बिजली लाइन में यमदूत  बैठे हो मानो मौके की तलाश खोंज रहे हो

यूनिट मापने का सही मापदंड नहीं---

आमतौर पर बिजली बिल जब किसी की कई गुना में आ जाती है तो उसकी जांच के लिए कोई ऐसी व्यवस्था नहीं है जो बिजली यूनिट का सही संतुष्टि पूर्वक जांच कर यह कंफर्म हो सके कि बिजली का बिल सही आया है।
जब उपभोक्ता चेक मीटर की मांग करते हैं तो ऐसा मीटर लगा दिया जाता है जो बीच की यूनिट की राशि है जो बैलेंस है,जिसकी वजह से उनका बिजली का बिल अधिक आया है चेक मीटर के द्वारा उसकी खानापूर्ति हो ही जाती है अन्यथा उनका बिजली बिल  सही हो जाता हैं ।

विश्वसनीय तकनीक का आभाव--
विद्युत कंपनी द्वारा लगाए गए मीटर को सही सही जांच करने के लिए कोई ऐसा अन्य प्राइवेट कंपनी का मीटर नहीं है जिससे विद्युत विभाग के द्वारा लगाये गए  मीटर के अलावा यह पता लगाया जा सके कि मीटर सही चल रहा है या नहीं आम नागरिकों की मांग है कि बाजार में ऐसे मीटर उपलब्ध हो  जिससे हम बिजली मीटर को सही ढंग से माप सके

विद्युत विभाग के शोषण के विरुद्ध दावा पेश करने के लिए विभाग का आभाव--

विद्युत विभाग के मनमाने ढंग की वजह से उपभोक्ताओं अपने आप को ठगा  महसूस करते हैं या उनका उचित व्यवस्था न हो पाने पर वह वाद  प्रकरण को कहां लेकर जाए किससे समझे यह समझ में नहीं आता लोगों की मांग यह है कि कोतमा नगर या उसके विभाग में ऐसा विभाग हो जिसमे विधुत विभाग का दावा  कर सके या उपभोक्ता संरक्षण जैसी व्यवस्था हो

उपभोक्ता संरक्षण कार्यालय का हो गठन 
उपभोक्ता विधुत विभाग के शोषण के विरुद्ध तथा विभाग संबंधित प्रकरण को प्रस्तुत करने के लिए कोतमा नगर और विभाग में  उपभोक्ता संरक्षण कार्यालय नहीं है जिसकी वजह से प्रभावित लोग अपने आप को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाते है। और सही दिशा निर्देश नहीं पा पाते की क्या करे ।
अघोषित बिजली कटौती-
इन दिनों बिजली विभाग द्वारा कोतमा नगर में अघोषित विद्युत कटौती बहुत अधिक की जा रही है। जिससे आमजन नागरिक और व्यापारिक  जनों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। और व्यवसाय में बहरी दिक्कत हो रही हैं।

अत्यधिक पीड़ित है सामान्य वर्ग और व्यापारी वर्ग के लोग--
व्यापारी वर्ग का कहना है कि अत्यधिक सबसे ज्यादा बिल उन्हीं के पास भेजा जाता है और उन्हें किसी भी प्रकार की सब्सिडी  या  सुविधा सरकार द्वारा नहीं दी जाती है छोटे उपभोक्ताओं तथा गरीबों का बिल सरकार द्वारा माफ कर दिया जाता है।  सामान्य और  व्यापारी वर्ग  अधिक मात्रा में उपभोक्ता है उनसे इस प्रकार से मनमानी ढंग से बिल भेजा जाता हैं  और अधिक से अधिक  मात्रा में बिलों की वसूली की जाती है यह शोषण आम जनता को महसूस होता  हैं, लोगो में भरो आक्रोश हैं इस बात को लेकर 

विभाग द्वारा नहीं किया जाता सही निराकरण जिससे कि उपभोक्ता संतुष्ट हो

कई गुना में भेजी गई विद्युत बिल को जब निराकरण के लिए  अधिकारी के पास जाया जाता है तो संतुष्टि पूर्वक उसका निराकरण नहीं किया जाता महज दो-तीन ₹4000 के कम में अर्थात 10 20 परसेंट कम करके बिजली बिल का भुगतान पुनः करवाया जाता है। मतलब यह हैं कि पहले बिल बहुत भेज दो मजबूरन ग्राहक बिल चुकायेगा ही।

नए मीटर तेज भागते हैं

इन दिनों देखा गया हैं की जो इलेक्ट्रॉनिक मीटर हैं वो पहले के लगाये मीटर से बहुत तेज गति से भाग रहे हैं  यह बात भिभाग के कुछ अधिकारी  द्वारा भी बतलाई गयी हैं   की नए मीटर बहुत तेज गति से भागते हैं  इसलिए संस्य की सुई और चुभने लगती हैं कि विभाग द्वारा  मनमाना ढंग से हर काम किया जा रहा हैं । इस इस बात के कई प्रत्क्षय दर्शी हैं 
अतः आम नागरिकों की मांग है कि कोतमा विभाग में उपभोक्ता संरक्षण कार्यालय जैसी व्यवस्था कराई जाए तथा मीटर को सही माप निकलाने बाजारों में ऐसा प्राइवेट मीटर  उपलब्ध कराया जाए जिससे हम व्यक्तिगत रूप से हम अपनी मीटर की जांच कर सके कि वह सही चल रहा है,। और इस बात का निराकरण किया जाये की बिल अधिक आने पर क्या किया जाना चाहिये जिससे उपभोक्ता संतुस्ट हो सके और मनमानी बन्द हो जाये।
Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...