उज्जवला योजना से आज भी वंचित हैं पसान नपा क्षेत्र की महिलाए


उज्जवला योजना से वंचित परिवारों को धुएं के बीच खाना पकाने की मजबूरी से आखिर कब मिलेगी निजात,क्या उज्जवला योजना 2.0 में नपा पसान क्षेत्र की बची हुई महिलाओ को भी मिल पाएगा लाभ

अनूपपुर - देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की गरीब महिलाओ को सशक्त बनाने के साथ साथ धुएं से निजात दिलाने के लिए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना पूरे देश में चलाई जा रही है,पर इसका लाभ कितने गरीब परिवार की महिलाओ को मिल पाया है यह तो जमीनी स्तर पर ही पता चलेगा।शासन प्रशासन लाख दावे कर ले लेकिन आज भी पसान नगर पालिका अंतर्गत कई गरीब परिवार की महिलाओ को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का लाभ नहीं मिल पाया है और पसान नपा क्षेत्र एवम दूरस्थ और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में इस योजना के लाभार्थी नाम मात्र के हैं,इन क्षेत्रों में लोगों द्वारा लकडिय़ां, स्टोव और कोयले का सहारा आज भी लिया जा रहा है। पसान क्षेत्र के रहवासियों का कहना है कि उन्हें इस योजना का लाभ मांगने के बाद भी नहीं दिया गया जिससे उन्हें लकड़ी से खाना पकाना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए उपयोग में आने वाले लकड़ी व जीवाश्म ईंधन की जगह धुआं रहित एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देना है। इस योजना के शुरू होने पर ऐसा माना जा रहा था कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गरीब महिलाओं को मिट्टी के दमघोंटू चूल्हे से आजादी मिल जाएगी, लेकिन इस योजना में कई समस्या सामने आ रही है तो कहीं डीलर ऐसे लोगों से ज्यादा रुपए वसूल रहे हैं। तो कहीं इस योजना को लेकर जागरुकता ही नहीं है। जिससे ऐसे इलाकों में आज भी महिलाऐं लकडिय़ों और कोयले में भोजन पका रहीं हैं।

पसान क्षेत्र में नाम मात्रा के लिए पहुंची योजना -

जिला अंतर्गत आने वाली नगर पालिका पसान में कुछ ही लोगों को इस योजना का लाभ मिल सका है। वही लोगों ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए उन्होंने गैस एजेंसी में अपने-अपने फार्म तो भरकर जमा कर दिए थे, लेकिन आज तक उनका नाम उज्जवल योजना अंतर्गत नहीं आया जिससे उन्हें खाना बनाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि गैस एजेंसीयो की चक्कर लगा लगा कर हम थक गए हैं लेकिन उन्हें आज तक इस योजना का लाभ नहीं दिया गया और जब गैस एजेंसी जा कर यह पूछा जाता है कि हमें इस योजना का लाभ क्यों नहीं मिला तो उनके द्वारा कहा जाता है कि हमें इसकी जानकारी नहीं है, हो सकता है आप इस योजना के लिए पात्र ना हो। तो ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर आम जनता को इस योजना का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी किसकी है और लोगो को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रचार प्रसार क्यों नही किया गया।अनूपपुर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है यहां पर शासन प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करें और उन्हें इस योजना का लाभ दिलवाये।

नहीं है सिलेंडर भरवाने के लिए रुपए-

वही कुछ लोगो का कहना है कि उज्ज्वला योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को गैस सिलेंडर और चूल्हा तो मिल गया है लेकिन सिलेंडर दोबारा भरवाने के लिए रुपए उनके पास नहीं हैं। लिहाजा वह फिर से लकड़ी की आंच पर खाना बनाने को मजबूर है और ऐसे में गैस सिलेंडर और गैस चूल्हे घर की शोभा बढ़ाने के काम आ रहे हैं। इस तरह केंद्र सरकार की यह उज्ज्वला योजना गरीब परिवारों की आर्थिक तंगी के चलते दम तोड़ती नजर आ रही है।

कहना है -

जिन लोगों को उज्जवला योजना का लाभ नहीं मिल पाया है अभी फिर से फॉर्म भरे जा रहे हैं जिले भर में 53 हजार लोगों को इसका लाभ मिलना है,आवश्य ही पात्र लोगो को इस योजना का लाभ मिलेगा।

अंबुज श्रीवास्तव
जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी,अनूपपुर
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