राजनगर- भारत निर्वाचन आयोग ओपी रावत राज्य निर्वाचन आयोग बी एल जिला निर्वाचन अधिकारी अनूपपुर कलेक्टर अनूग्रह पी के सतत प्रयास कर रहे हैं कि आदर्श आचार संहिता का शत प्रतिशत पालन करते हुए विधानसभा चुनाव निष्पक्ष संपन्न कराया जाए लेकिन अभी भी शराब दुकान के ठेकेदार आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन करते हुए देखे जा सकते हैं निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश को भी ठेंगा दिखाकर अवैध शराब जगह जगह वाहनों के माध्यम से पहुंचाई जा रही है भारत निर्वाचन आयोग ओ पी रावत के दिशा निर्देश अनुसार 6 अक्टूबर को आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई थी लेकिन अनूपपुर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में अवैध शराब का संचलन खुलेआम किया जा रहा है जिसे पुलिस विभाग के मुखिया शहडोल आईजी के निर्देश भी कागजी साबित हो रहे हैं अवैध शराब पर रोक न लगने का मुख्य कारण शराब ठेकेदार के द्वारा आबकारी विभाग व पुलिस विभाग को अच्छी खासी मोटी रकम देना बताया जा रहा है शायद यही कारण है कि विभाग के अधिकारी ठेकेदार को जैसे अभयदान देकर अपने आंखों पर पट्टी बांधकर शराब ठेकेदार को ठेका दे दिया कि आप अपने टू व्हीलर व फोर व्हीलर वाहनों से कहीं भी शराब ला सकते हैं ले जा सकते हैं हम व हमारे रामनगर थाना क्षेत्र के पुलिस विभाग के लोग नहीं पकड़ेंगे
एक बार फिर शराब माफियाओं ने अपना कारोबार मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से फैला दिया है वह रोजाना छोटे व बड़े वाहनों में रख कर अवैध शराब छत्तीसगढ़ की सीमा तक पहुंचा दिया जाता है जिसकी जानकारी स्थानीय थाना को भी है इसके बावजूद भी कार्रवाई नहीं हो पा रही मिली जानकारी के अनुसार
छत्तीसगढ़ राज्य के संपूर्ण शराब दुकान शासकीय हो जाने से इस समय छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से घिरे राजनगर के शराब माफियाओं की चांदी हो गई है जो इस समय छत्तीसगढ़ में शराब की दुकान बंद होने का फायदा राजनगर शराब ठेकेदार उठाते हुए तेजी से अवैध शराब छत्तीसगढ़ में खपा रहे हैं !
वाहनों से पहुंचाई जा रही अवैध शराब= शराब माफियाओं द्वारा शराब या तो स्वयं पहुंचाते हैं या अपनी बाइक या फिर बोलेरो में भरकर पहुंचाई जाती है और इस बॉर्डर की सड़कों पर जैसे ही अंतर्राष्ट्रीय सीमा जांच चेक पोस्ट शुरू किया गया है तो शराब ठेकेदार के आदमियों के द्वारा अपनी मोटरसाइकिल के माध्यम से सेक्टर सी,राजनगर, ओपनकास्ट, पालकीमाडा, खोगापानी के रास्ते छत्तीसगढ़ के उचित जगहों पर पहुचाई जा रही हैं अवैध शराब जहां से खोंगापानी लेदरी मनेंद्रगढ़ में या तो पैकारी के रूप में या फिर होटलों में बेची जाती हैं वही मरवाही दानी कुंडी क्षेत्रों में शराब ठेकेदार द्वारा अपने निजी वाहन या छत्तीसगढ़ के लग्जरी वाहनों के माध्यम से अवैध शराब का संचालन कराया जाता है उसमें कुछ बस संचालक भी सम्मिलित रहते हैं जिसके माध्यम से शराब गंतव्य तक पहुंचाई जाती है जिससे छत्तीसगढ़ शासन को प्रति माह करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ता है वहीं स्थानीय शराब माफिया द्वारा शराब की तस्करी कर करोड़ों का वारा न्यारा किया जा रहा है जिसको देखते हुए वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त शराब दुकान में शासकीय कर्मचारियों द्वारा शराब बेची जा रही है जबकि छत्तीसगढ़ शराब दुकान है दोपहर 1:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुलती हैं उसी के साथ छत्तीसगढ़ में शराब की वैरायटी में भी कमी है साथ ही एक व्यक्ति को क्षमता से ज्यादा शराब भी नहीं दी जा रही है !
बंद का उठा रहे फायदा= जिसका फायदा कोयलांचल क्षेत्र राजनगर के शराब माफिया और ठेकेदार जोरों से उठा रहे हैं और सेटिंग के दम पर खुलेआम पैकारो के माध्यम से स्वयं की गाड़ियों से छत्तीसगढ़ में कोरिया मनेंद्रगढ़ दानी कुंडी मरवाही पेंडा और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब खपाई जा रही है ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश के आखरी छोर पर बसे राजनगर में वर्तमान में तीन अंग्रेजी शराब दुकान है व एक देसी शराब दुकान है जिसे एक ही ठेकेदार के द्वारा चलाया जा रहा है जो कि छत्तीसगढ़ के दो किनारों से महज 2 किलोमीटर पर स्थित है वही जिस ठेकेदार द्वारा राजनगर इन चारो शराब दुकानों का ठेका चलाया जा रहा है वह पूर्व में छत्तीसगढ़ के कई राज्यों में शराब का ठेका चला चुका है जिस कारण उसकी सेटिंग पहले से उन क्षेत्रों में बनी हुई है जिसका फायदा उठाते हुए राजनगर शराब दुकान ठेकेदार द्वारा बेखौफ छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश की शराब की तस्करी की जा रही है ठेकेदार ने अपने चारों दुकानों के लिए चार वाहन भी रखे हुए हैं जिससे दिन-रात छत्तीसगढ़ के सीमा क्षेत्र से जुड़े क्षेत्रों में अवैध शराब भेजी जा रही है जिससे हर रोज छत्तीसगढ़ शासन को लाखों का चूना लग रहा है वही छत्तीसगढ़ शासन की नीति भी फेल होते दिख रही है जिस पर मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के उच्च अधिकारियों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है!
पूर्व में भी पकड़ी जा चुकी शराब= कई बार स्थानीय लोगों के द्वारा भी शराब से लदे वाहनों को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया है लेकिन पुलिस आज तक अपने से कोई भी चेकिंग लगाकर इस अवैध शराब पर कार्यवाही नहीं की जिससे इन शराब माफियाओं के हौसले बुलंद है या यूं कहें कि शराब माफियों की सेटिंग स्थानीय पुलिस आबकारी विभाग से हैं!
