बिजुरी. महिषासुर...। एक ऐसा राक्षस जो स्त्री को कमजोर समझता था। कठिन तप कर उसने सृष्टिकर्ता ब्रह्मा को प्रसन्न किया। वरदान मांगा कोई भी देवता या दावन उस पर विजय प्राप्त नहीं कर सकता। असीम शक्तियों के साथ राक्षस महिषासुर ने पृथ्वी से लेकर स्वर्ग तक उत्पात मचाने लगा।
देवता से लेकर मनुष्य तक त्राहि-त्राहि कर रहे थे। इस अत्याचार को मिटाने के लिए शक्ति की देवी मां दुर्गा का सृजन हुआ, जिसने महिषासुर राक्षस का वध किया। इसके बाद बुराई पर अच्छाई की जीत का यह पर्व उत्साह के साथ मनाया जाने लगा। नवयुवक दुर्गा पूजा उत्सव समिति स्टेशन चौक के पंडाल में मां दुर्गा का विकराल रूप महिषासुर का वध कर रही है। इस दृश्य से आंखें हट ही नहीं रही है। भक्त मां के रूप को अपने मन-मस्तिष्क में उतार रहे है। प्रसाद वितरण के साथ भव्य भण्डारे का आयोजन किया गया है।ब्रजेश साहनी ,विनोद द्विवेदी ,विवेक पांडेय,बबलू शुक्ला,कमलेश मिश्रा ,लवकुश मिश्रा सहित हजारों लोग पँहुच कर मा दुर्गा का आशीर्वाद लिए।
