कोतमा/डोला- कोतमा विधानसभा के राजनगर क्षेत्र अंतर्गत डोला ग्रामपंचायत में ग्रामीण समस्याओं से लगातार जूझ रहे हैं। डोला में विगत समय में निर्मित कराए गए शौंचालयों की हालत बिल्कुल जर्जर स्थिति में है। शौंचालयों के निर्माण में किये गए भ्रष्टाचार की अब पोल खुलने लगी है । और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े शौचालय खराब हो जाने के कारण ग्रामीण खुले में शौंच करने जाने के लिए मजबूर हैं। शौंचालयों के लिए बनाए गए टैंक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं और खुले पड़े है जिसे देखने वाला कोई नहीं है। कागजों पर तो सारे निर्माण करा दिए जाते हैं परंतु कमीशनखोरी के कारण कार्य की गुणवत्ता इस प्रकार कि गई हैं कि हितग्राहियों का कोई हित ही नहीं हुआ है। भ्रष्टाचार में लिप्त सरपंच सचिव कमीशनखोरी के चक्कर मे इस तरह का निर्माण कार्य करवा दिया और अब ग्रामीणों को रही समस्या का ये जयजा लेना तक ठीक नहीं समझते। ग्राम पंचायत डोला में बने शौचालय स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगाते हुए साफ साफ दिखाई देते हैं।अगर कार्य के नाम पर इसी प्रकार की धाँधली होती रही तो ग्राम पंचायत डोला का विकास कैसे होगा।यह बड़ा प्रश्न है।
कोतमा/डोला- कोतमा विधानसभा के राजनगर क्षेत्र अंतर्गत डोला ग्रामपंचायत में ग्रामीण समस्याओं से लगातार जूझ रहे हैं। डोला में विगत समय में निर्मित कराए गए शौंचालयों की हालत बिल्कुल जर्जर स्थिति में है। शौंचालयों के निर्माण में किये गए भ्रष्टाचार की अब पोल खुलने लगी है । और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े शौचालय खराब हो जाने के कारण ग्रामीण खुले में शौंच करने जाने के लिए मजबूर हैं। शौंचालयों के लिए बनाए गए टैंक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं और खुले पड़े है जिसे देखने वाला कोई नहीं है। कागजों पर तो सारे निर्माण करा दिए जाते हैं परंतु कमीशनखोरी के कारण कार्य की गुणवत्ता इस प्रकार कि गई हैं कि हितग्राहियों का कोई हित ही नहीं हुआ है। भ्रष्टाचार में लिप्त सरपंच सचिव कमीशनखोरी के चक्कर मे इस तरह का निर्माण कार्य करवा दिया और अब ग्रामीणों को रही समस्या का ये जयजा लेना तक ठीक नहीं समझते। ग्राम पंचायत डोला में बने शौचालय स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगाते हुए साफ साफ दिखाई देते हैं।अगर कार्य के नाम पर इसी प्रकार की धाँधली होती रही तो ग्राम पंचायत डोला का विकास कैसे होगा।यह बड़ा प्रश्न है।
