अनूपपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ जिला कार्यक्रम अधिकारी विनोद परस्ते के लंबे समय से एक ही जिले में जमे रहने को लेकर अब चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। विभागीय गलियारों से लेकर आम जनता तक यह सवाल उठने लगा है कि आखिर वर्षों से एक ही जिले में पदस्थ अधिकारी का स्थानांतरण क्यों नहीं हो रहा है।
स्थानीय लोगों एवं विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से एक ही कुर्सी पर बने रहने के कारण विभागीय कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ रहा है। कई मामलों में शिकायतों के निराकरण में देरी, आम लोगों को अधिकारियों से मिलने में परेशानी तथा योजनाओं के संचालन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन करता है, लेकिन जिले में कई योजनाओं की धीमी गति को लेकर आमजन में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर अधिकारियों का स्थानांतरण हो तो कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहती है।
वहीं राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के बीच भी यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर किन कारणों से वर्षों से एक ही जिले में पदस्थ अधिकारी पर प्रशासनिक स्तर पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक विभाग में लंबित फाइलों और शिकायतों को लेकर भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। हालांकि इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि शासन-प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोई कदम उठाता है या फिर मामला केवल चर्चाओं तक ही सीमित रह जाएगा।