शिकायतकर्ता के बाबा को अपात्र व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बना लिया अपना बाबा ,बेंचू लाल एवं अन्य कई व्यक्तियों ने हड़प लिए 29 लाख 80 हजार रुपए मुआबजे की रकम, मुआवजा वितरण में पूर्व राजस्व अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध
कोतमा - राष्ट्रीय सड़क राजमार्ग 43 में भूमि अधिग्रहण करने के नाम पर राजस्व अधिकारियों ने जमकर मुआवजा वितरण में हेरा फेरी कर के पात्र व्यक्तियों को मुआवजे से वंचित रखा गया वहीं अपात्र व्यक्तियों ने शासकीय अमले के कुछ आला अधिकारियों से गठजड़ों कर कूट रचना रचित कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर आपात्र व्यक्तियों को पानी की तरह आंख मूंध कर कई लाखों रुपए मुजवाजे के बांट दिए गए आज आलम यह है कि पुस्तैनी भूस्वामीयो की राष्ट्रीय सड़क राजमार्ग 43 में भूमि भी हांथ से निकाल गई और शासन द्वारा दिया गया मुवाबाजा भी हांथ न लग सका। कोतमा तहसील पहले भी शासकीय भूमि का फर्जीवाड़ा क्रय विक्रय का केंद्र बना रहा है कई राजस्व अधिकारियो ने भू माफियाओं के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासकीय भूमि के क्रय विक्रय का खेल खेला गया था और आज भी अधिकारियो के विरुद्ध माननीय न्यायालय पर मामले विचाराधीन चल रहे हैं यहां रातों रात फर्जी पट्टा,खसरा कम्प्यूटर से तैयार हो जाते हैं यह किसी से छिपा नहीं है रही बात कोतमा अनुविभागीय राजस्व के पूर्व अधिकारी द्वारा नेशनल हाइवे रोड 43 के मुवाबजे में कई अपात्र व्यक्तियों को पात्र बनाकर भूस्वामियों को मुआवजे से वंचित रख कर आज लोग अपने हक के लिए दर दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हो रहे हैं आज पीड़ित भूस्वामी अपने हक का मुवाबाजा पाने के लिए अधिकारियों के आफिसों के चक्कर लगा रहे हैं थाने पर शिकायते कर कर के थक गए पैरों की चप्पल तो घिस गई लेकिन अधिकारियों से अब तक सही न्याय अब तक न मिल सका जांच के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। ऐसे में सत्य की लड़ाई व अपने हक के लिए लड़ाई लड़ने वाले आम जनता को न्याय पर भरोसा कैसे रहेगा।
थाने पर हुई शिकायत ,मामला 29 लाख रुपए के मुआवजे का -
आवेदनकर्ता रामदयाल केवट एवं दीनदयाल केवट पिता स्व. सुखलाल केवट निवासी वार्ड नं 05,पुरानी बस्ती कोतमा द्वारा दिनांक 23/12/2019 को कोतमा थाने पर लिखित शिकायत करते हुए बताया कि उसकी पुश्तैनी भूमि ग्राम कल्याणपुर पटवारी हल्का कल्याणपुर रा. नि. मं. तहसील कोतमा में स्थित आराजी खसरा नंबर 22/7/1/1 रकवा न.0.323 हेक्टेयर का सहखातेदार का भूस्वामी है जो सहखातेदार के रूप में राजस्व अभिलेख रिकार्ड में है तथा पूर्व में उक्त आराजी भूमि शिकायतकर्ता के बाबा मातादीन उर्फ महादेव के नाम से दर्ज थी जिसमे शिकायतकर्ता फौती नामांतरण भी अपने नाम करवा चुका है इसके बावजूद कोतमा अनुविभागीय अधिकारियो (राजस्व) ने कुछ लोगो से सांठगांठ कर 29 लाख 80 हजार रूपए पीड़ित पात्र व्यक्ति को न देकर आपात्र व्यक्ति को दे दिया गया मुवाबजा वितरण में जमकर कोतमा में भर्रेशही व शासकीय पैसे का बंदरबांट किया गया।
पीड़ित के बाबा को बना लिया अपना बाबा -
राष्ट्रीय सड़क राजमार्ग 78 के चौड़ीकरण एवं वर्तमान में राष्ट्रीय सड़क राजमार्ग की रानी भारत सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की गई जिसमें शिकायतकर्ता रामदयाल केवट और दीनदयाल केवट पिता सुखलाल केवट के बाबा स्व. मातादीन उर्फ महादेव को बेंचू लाल पिता रामनाथ केवट एवं उसके भाई द्वारा कूट रचना रचित कर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर पीड़ित के बाबा मातादीन उर्फ महादेव को अपना बाबा बनाकर मुआवजे की राशि 29 लाख रुपए धोखाधड़ी करके अहरित कर ली गई। इस पूरे षडयंत्र के खेल में बेंचूू लाल केवट, शेष नारायण, महेश केवट, गोपाल, रामवती केवट ने मिलकर पूरे षडयंत्र में शामिल होने का आरोप पीड़ित ने लगाया है।
कहना है -
पीड़ित मेरे पास पूरे दस्तावेज, साक्ष्य के साथ शिकायत करेंगे तो निश्चित ही मै जांच कर उचित कार्यवाही करूंगा। मेरी यहां पर अभी पदस्थापना हुई है पुरानी शिकायतो की जानकारी मुझे नहीं है।
अमन मिश्रा
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व,कोतमा