3 वर्षों से नहीं आई पीएम आवास की राशि , पात्र को अपात्र और अपात्र को पात्र की सूची नाम, आंख मूंदकर हो रहा है सर्वे निरीक्षण
कोतमा- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर देश के अलग अलग राज्य के कोने पर रहने कच्चे मकान झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीब परिवार के पास खुद का पक्का मकान,बिजली,पानी,शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल सके जिसके लिए व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया कुछ हद तक प्रधानमंत्री की यह योजनाएं सफल भी रही ,प्रधानमंत्री के पीएम आवास की इस योजना से गरीबों के चेहरे पर खुशी की झलक देखने को मिली थी झुग्गी झोपड़ी व कच्चे मकान में रहने वाले गरीबों के पास भी पक्के मकान होने के सपने पूरे होंगे, जिसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों के लिए 1 लाख 45 हजार रूपए व शहरी क्षेत्र के गरीबी के लिए 2 लाख 50 हजार रूपए की राशि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर आवास के लिए दिया जाना हैं। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी ही शासन की योजनाओं को पलीता लगाने में दिन-रात जुटे हुए हैं अपात्र व्यक्तियों को पात्र और पात्र व्यक्तियों का अपात्र बना दिया जाता है तो ऐसे में मूलभूत सुविधाओं से वंचित गरीब परिवार को कैसे शासन की योजनाओं को अंतिम छोर तक बसने वाले गरीबों को पीएम आवास जमीनी पट पर लाभ मिल सकेगा।
नपा कोतमा में पीएम आवास के नाम पर मची भरे शाही-
कोतमा नगर पालिका अंतर्गत आने वाले 1 से 15 वार्डों में पीएम आवास देने के नाम पर कोतमा राजस्व अधिकारियों पटवारियों ने जमकर अनियमितता बरती गई आंख मूंदकर सर्वे किया और अपात्र व्यक्तियों को पात्र बना कर पीएम आवास का लाभ दे दिया गया। सरकार के पैसों को प्रशासनिक अधिकारी ही पानी की तरह मापदंडों के विरुद्ध पैसे बहाने में लगे हुए, वार्ड क्रमांक 10 मे पीएम आवास योजना अंतर्गत तहसीलदार कार्यालय से सूची जारी कर पटवारी व नगरपालिका की टीम द्वारा सर्वे निरीक्षण व सत्यापन रिपोर्ट की सूची तैयार की गई जिसमें रामधनी पिता महावीर केवट निवासी विकास नगर कोतमा,पुरुषोत्तम केवट पिता स्व.अमृत लाल केवट, रुकमणी पति बुद्धसेन,प्रशांत नामदेव पिता चम्पा लाल नामदेव अपने पट्टे की भूमि पर बने कच्चा मकान,झुग्गी,झोपड़ी में रहते हैं और उपरोक्त व्यक्ति के पास स्वयं की पट्टे की भूमि होते हुए भी राजस्व अधिकारियों ने आंखो में पट्टी बांध कर पात्र गरीब भू स्वामियों के पास स्वयं की भूमि न होना बताकर आपत्र कर दिया गया।
महलों पर रहने वाले बने पीएम आवास के पात्र श्रेणी में-
कोतमा नगर पालिका अंतर्गत वार्ड क्र 14 लहसुई गांव निवासी मोहम्मद इफ्तिखार पिता मोहम्मद अनवर के पास कई कमरे का पक्का मकान बना होने के बाद भी पिता और बेटे को राजस्व अधिकारी पटवारी व नगरपालिका के भ्रष्ट कर्मचारी की मिलीभगत से उन्हें पात्र की सूची में जोड़ दिया गया, पिता और पुत्र दोनों अपात्र को पात्र बना सूची में नाम रखा गया है ,आखिर ऐसी लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की गाज कब गिरेगी या फिर जिम्मेदार अधिकारी भी धृतराष्ट्र बनकर मौन धारण कर अपनी सहमति ऐसे मामलों पर दिखाते रहेंगे।
पीएम आवास की राशि पर लगा चन्द्र ग्रहण-
कोतमा नगरपालिका क्षेत्र में लगभग 480 पीएम आवास स्वीकृत हुए जिसमें लगभग 150 से अधिक गरीब हितग्राहियों की दूसरी व तीसरी किस्त नहीं आई लगभग 2 से 3 वर्ष हो चुके हैं गरीब परिवार झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले अपने स्वयं के मकान को तोड़वा कर पीएम आवास का निर्माण कार्य करवा रहे थे किंतु प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार आते ही पीएम आवास में ग्रहण सा लग गया और हितग्राही मजबूर होकर पीएम आवास की छत न ढलने के कारण छत में प्लास्टिक की पन्नी लगाकर बरसात,ठंडी,गर्मी तीनों मौसम में छोटे-छोटे नौनिहालों बच्चो के साथ जीवन यापन करने पर गरीब परिवार मजबूर हो रहा है और आस लगाए बैठे हैं कि कब पीएम आवास की किस्त सरकार उनके खाते आखिर कब डालेगी।
पीएम आवास के सर्वे व राशि ना मिलने से पार्षदों ने जताई नाराजगी -
कोतमा नगरपालिका अंतर्गत वार्ड नंबर 10 देव शरण सिंह, वार्ड न.06 अजय तोमर,वार्ड न.14 मुफीद,वार्ड न.04 सुनीता रज्जू सोनी,वार्ड न.05 उर्मिला हनुमान गर्ग, वार्ड न.09 रेहाना रोशन वारसी,वार्ड न.01 संगीता सोनी,वार्ड न.12 सत्यभामा सिंह पटेल,वार्ड न.13 अंकित सोनी और कई वार्ड पार्षदों व जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आज गरीब हितग्राही जिन्हें पीएम आवास का लाभ मिलना चाहिए उन्हें नहीं मिल रहा है और अपात्र व्यक्तियों को पात्र बना कर आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है और साथ ही साथ जिन गरीबों को पीएम आवास का लाभ मिला भी है तो उनकी दूसरी तीसरी किस्त की पूरी राशि ना मिलने से हितग्राही परेशान परेशान है सरकार को तत्काल पीएम आवास की राशि स्वीकृत कर प्रदान करनी चाहिए। वहीं जब जिम्मेदार अधिकारी कोतमा तहसीलदार पंकज नैन तिवारी व कोतमा मुख्य नगरपालिका अधिकारी शैलेंद्र ओझा से फोन पर इस विषय पर चर्चा करने का प्रयास किया गया तो हमेशा की तरह अपनी जिम्मेदारी को ना समझते हुए फोन उठाना उचित नहीं समझा।
कहना है-
हम समझ सकते हैं कि गरीब परिवारों को पीएम आवास की किस्त न मिलने के कारण किस तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा होगा प्रदेश में सरकार बदलने के बाद पीएम आवास की राशि नपा में नहीं आई जिसकी वजह से आज हितग्राहियों को आवास की राशि उनके खाते में नहीं आई और रही बात अपात्र व्यक्तियों को पात्र और अपात्र व्यक्तियों को पात्र बनाने की तो मैं कोतमा एसडीएम व तहसीलदार से पत्राचार पुनः सर्वे निरीक्षण के लिए पत्राचार किया सही पात्र व्यक्तियों को इसका लाभ दिलाने के लिए पूरा प्रयास करूंगा
श्रीमती मोहिनी धर्मेंद्र वर्मा
नपा अध्यक्ष,कोतमा
कहना - 1 वर्ष से अधिक समय हो गया पीएम आवास की राशि नपा में नही आई है कोतमा तहसील राजस्व विभाग द्वारा पीएम आवास सर्वे निरीक्षण अभी पुनः कराया गया है और सूक्ष्म जांच कराने की और है जरूरत जिससे पात्र व्यक्तियों को ही इसका लाभ मिल सके
प्रभात मिश्रा
उपाध्यक्ष नगर पालिका कोतमा