भ्रष्टाचारी सचिव खोड़री नंबर 1पर भ्रष्टाचार की गाज गिरने की जगह अधिकारियों ने दिया अतिरिक्त प्रभार ग्रा.पं. सेमरा, शॉर्ट के आगे सब हैं तन मस्तक
कोतमा- जिला मुख्यालय जिला जनपद पंचायत अनूपपुर मुख्यालय बदरा एवं जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के नाम भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है ज्यादातर ग्राम पंचायतों में पदस्थ सचिव रोजगार सहायक एवं आम जनता से चुने गए जनप्रतिनिधि सरपंच मिल बांट कर शासकीय पैसे में अपने अपने हाथ धो रहे हैं भ्रष्टाचारी सचिवों के इस खेल में बड़े-बड़े महारथी नाम नजर आते हैं भ्रष्टाचार की ऐसी गंगा बह रही है जो देखें वही अपने अपने हाथ शासकीय पैसे में धो रहा है ग्राम पंचायत में विकास कार्य आज कोसों दूर नजर आता है और भ्रष्टाचारी सचिव विकास कार्य के नाम पर शासकीय पैसे पर डाका डालने का काम आज कर रहे हैं प्रदेश में किसी पार्टी की सरकार हो मंचों में बड़े-बड़े भाषण देकर खोखले दावे किए जाते हैं कि हमारी सरकार आएगी तो हम भ्रष्टाचार रोकने के लिए कड़े कदम उठाएंगे भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर नकेल कसी जाएगी लेकिन जब भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर नकेल कसने के बजाय कुछ जनप्रतिनिधि उनसे ही हाथ मिला ले तो फिर भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कारवाही भगवान भरोसे ही नजर आती है और सरकार बनने के बाद ही नेताओं के सुर ताल बदल जाते हैं और भ्रष्टाचार रोकने की बात तो दूर इस खेल में स्वयं पर्दे के पीछे रहकर अपनी अपनी झोली अकाउंट बैलेंस कुछ नेता दिन रात बनाने में लगे कुछ भ्रष्टाचारी नेता अपनी सभी हदें पार कर यह कहने से भी नहीं चूकते कि चुनाव पर इतने पैसे खर्चे होते हैं वह कहां से उसूल होंगे । जिला मुख्यालय क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कुछ ऐसे भ्रष्टाचारी सचिव हैं जो भ्रष्टाचार के सम्राट बन बैठे हैं ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के शासकीय पैसों का गमन कर आज करोड़पति धन्ना सेठ बन बैठे हैं।
खोड़री नंबर 1 के सचिव पर मेहरबान अधिकारी व नेता-
जनपद पंचायत मुख्यालय बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत खोड़री नंबर दो में शासन द्वारा भेजे गए लाखों करोड़ों रुपए विकास कार्यों के पैसे को बिना कार्य किए बगैर ही आनन-फानन में सचिव निरंजन जयसवाल महोदय निकाल लिया करते ग्राम पंचायत खोडरी नंबर 1 के निवासी रामपाल पांडेय द्वारा दिनांक 19.11. 2019 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर एवं सीईओ बदरा जनपद पंचायत को लिखित शिकायत करते हुए बताया भारी पैमाने पर सचिव/ सरपंच ने मिलकर भ्रष्टाचार को खेल को अंजाम दिया बिना कार्य किए बगैर शासकीय पैसे की हेरा फेरी भुगतान चोरी छुपे कर लिया गया।
निर्माण कार्य शुरू भी नहीं निकल जाती राशि -
मथुरा केवट के घर से राजेंद्र द्विवेदी के घर की ओर 90 मीटर पी सीसी रोड निर्माण स्वीकृत हुआ था रोड निर्माण कार्य मात्र 55 मीटर से 60 मीटर मात्र कराया गया और सचिव ने बंदरबांट कर 80 से 50 मीटर रोड निर्माण कार्य कराने के नाम पर पैसे पूर्व में ही निकाल लिए गए थे लेकिन पुनः दिनांक 9/11/ 2019 को 11 हजार 787 रूपए उसी पीसीसी सड़क निर्माण कार्य के नाम पर पैसे निकाले गए जबकि इस पूरे मामले की जांच कमिश्नर शहडोल द्वारा की जा रही है। सुइडंड से पसौरी मार्ग पर बिना प्रस्ताव के ही सचिव निरंजन जयसवाल द्वारा सीसी पुलिया निर्माण कार्य की स्वीकृत राशि 6लाख 80हजार रुपए बिना निर्माण कार्य किए ही दिनांक 30/10/2019 को 1 लाख 49 हजार 950 रूपए निकाल लिए गए। ऐसे ही भ्रष्टाचार का खेल कई स्थानों पर खेला गया 5 लाख रूपए की लागत से 2 जगह संस्कृतिक मंच निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ लेकिन सचिव द्वारा ठेकेदार को या कार्य दे दिया गया और गुणवत्ता विहीन कार्य की भेंट संस्कृतिक मंच चढ़ गया। सचिव महोदय अपनी भ्रष्टाचार के खेल के आगे सभी अधिकारियों को ठेंगा दिखाते हुए निर्माण कार्य का पैसा मजदूरी भुगतान का पैसा मटेरियल सप्लायर को थमा दिया। रामदयाल के खेत से कैलाश के घर की ओर जाने वाली सड़क निर्माण कार्य 2015 में गुणवत्ता विहीन कार्य किया गया जिसे मटेरियल भुगतान को पूर्व में इंजीनियर द्वारा भुगतान करने से मना किया गया उसके बावजूद 4 वर्ष बाद बिना मूल्यांकन कार्य के फर्जी तरीके से 99 हजार 998 रूपए सचिव महोदय ने खयनात किया गया।
सीएम हेल्पलाइन में हुई शिकायत-
शिकायतकर्ता(शिकायत न.9777409)रामपाल पांडे द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर ग्राम पंचायत कोठी नंबर 1 में सचिव निरंजन जयसवाल द्वारा बिना कार्य कराएं फर्जी तरीके से शासकीय राशि का गमन किया गया बिना कार्य के ही शासकीय राशि की हेराफेरी की गई गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य किए गए बिना जीएसटी फर्जी तरीके से भुगतान करने को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की गई किंतु जनपद के अधिकारियों ने सही जांच करने के एवज में शिकायतकर्ता को ही झूठा ठहरा दिया गया शिकायत कर परेशान अनावश्यक रुप से करने का इल्ज़ाम लगा कर सीएम हेल्पलाइन में जानकारी दी गई है जबकि जिम्मेदार अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच ही नहीं की है और शिकायत को बंद करने के लिए कहा गया लेकिन आज भी पीड़ित न्याय की आस सीएम हेल्पलाइन की जांच से लगाए हुए है।
कहना है -
ग्राम पंचायत खोडरी न.1की शिकायत पर कार्यवाही की गई है जिसमें भारी पैमाने पर अनियमितताएं पाई गई है।
सरोधन सिंह
मुख्य कार्यपालन अधिकारी
जिला पंचायत
कहना है -
भ्रष्टाचारी सचिव के विरुद्ध मैंने कई बार शिकायतें की किंतु कुछ भ्रष्टाचारी सचिव को जनप्रतिनिधि व अधिकारी ही बचाने में लगे है जांच होने के बाद भी फाइलों पर ही जांच को दफन कर दी गई है ऐसे में सही न्याय कैसे मिलेगा और भ्रष्टाचारियों पर नकेल कैसी-कैसी जाएगी
रामपाल पांडेय, पंच
ग्राम पंचायत खोडरी नंबर 1