अभी तक गरीबों को नहीं मिले अनाज
कोतमा- कोरोना जैसे संक्रमण फैलने के कारण पूरे देश में लाख डाउन लागू है तो दूसरी ओर मजदूर, गरीब दो वक्त के खाने के लिए परेशान नजर आ रहे हैं ! अगर समाजसेवी इन गरीबों की मदद ना करें तो दो वक्त का खाना भी इन गरीबों को नसीब नहीं होगा और हमारे मुख्यमंत्री झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं ,जिसे लेकर कोतमा विधायक ने पत्र लिखकर प्रभावित मजदूर, दैनिक कामगार निराश्रित वर्ग को सहायता पहुंचाने पहुंचाए जाने को लेकर पत्र लिखा है !
यह लिखा पत्र पर- कोतमा विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए कहा है कि मेरे द्वारा पूर्व प्रेषित पत्र में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी भुगतान हेतु निवेदन किया गया था, लेकिन आप के द्वारा कोई विचार नहीं किया मुख्यमंत्री जी आपके द्वारा टेलीविजन के माध्यम से दिन में 10 बार या घोषणा की जाती है कि गरीबों को बिना बीपीएल राशन कार्ड के मुफ्त अनाज दिया जाएगा किंतु जब जनता अनाज लेने जाती है तो उन्हें अनाज नहीं दिया जाता है ! ऐसी स्थिति में जनता अधिकारियों के पास एवं हमारे पास आती है तो हम उन्हें क्या जवाब दे ! कृपा आप ही बता दें किसी भी राशन दुकान में मजदूरों को मुक्त राशन नहीं दिया जा रहा है मात्र बीपीएल राशन कार्ड पर नियमित आवंटन का अनाज दिया जा रहा है बीपीएल राशन कार्ड में जिनके पात्रता पर्ची जारी नहीं हुई है उन्हें कुछ नहीं मिल रहा है आपके द्वारा पंचायतों में 6 क्विंटल नगरों में 20 कुंटल अनाज भेजा गया है ! उसके लिए प्रमुख सचिव के स्पष्ट निर्देश है कि आनाज बाहरी व्यक्तियों के लिए है ! मजदूर, दैनिक कामगार एवं निराश्रित वर्ग कहां जाएं जिन्हें ना तो दिहाड़ी मजदूरी मिल रही है और ना ही शासन की ओर से अनाज ना ही आर्थिक सहायता मिल रही है !
जल्द करें निराकरण- कोतमा विधायक ने बताया कि मैंने कई बिंदुओं में मुख्यमंत्री को संज्ञान में बातें लाया है जो बिना राशन कार्ड वाले गरीब स्थानीय मजदूर निराश्रित परिवारों को पर्याप्त राशन एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा है एवं मनरेगा योजना की मजदूरी यथाशीघ्र हितग्राहियों के खाते में जमा कराने के लिए भी कहा है जिससे गरीब वर्ग भुखमरी से बस सके !