जिस हाथों में ग्राम पंचायत की खजाने की चाबी वही सचिव डाल रहा शासकीय पैसे पर डाका..?

सचिव रमेश केवट के सगे रिश्तेदार प्रवीण कुमार केवट से सांठगांठ कर फर्जी बिल, बिना जीएसटी नंबर के सचिव ने कर दिया लगभग 8 लाख का भुगतान, अंधेर नगरी चौपट राजा जैसा हाल..!

कोतमा - जिला पंचायत अनूपपुर जनपद पंचायत मुख्यालय बदरा ग्राम पंचायत देवगंवा के तत्कालीन
 सचिव व सरपंच मिलकर शासकीय पैसे का बंदरबांट कर रहे हैं,विकास कार्यों के नाम पर सचिव सरपंच अपनी अपनी जेबें भरने के चक्कर में ग्राम पंचायत देवगांव में भ्रष्टाचार परोस रहे हैं। सचिव रमेश केवट वर्ष 2017 से वर्ष 2021 तक देवगंवा ग्राम पंचायत में पदस्थ रहते जमकर शासकीय पैसे की होली खेली गई और अपने चहेते भाई भतीजे सगे संबंधियों के नाम पर फर्जी फर्म बिल बिना जीएसटी नंबर के सहारे प्रवीण कुमार केवट के नाम पर निर्माण सामग्री राशि का लाखो रुपए का भुगतान किया गया।वही जनपद में बैठे जिम्मेदार अधिकारी इंजिनियर एसडीओ भी भ्रष्टाचारी सचिव रमेश केवट के साथ मिलकर भ्रष्टाचार की नीव रखी गई और ग्राम पंचायत के शासकीय पैसे की हेराफेरी में कही न कही अधिकारियो की भी लिप्तता के बिना भ्रष्टाचार करना संभव नहीं।सचिवों से कमीशन लेने के चक्कर में जिम्मेदार अधिकारी भी मध्य प्रदेश पंचायती राज्य के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है और भ्रष्टाचार शासकीय पैसे की हेराफेरी की किसी भी अधिकारी को कोई खोज खबर नही है।

सचिव रमेश ने बनाया भतीजे को मटेरियल सप्लायर -

 ग्राम पंचायत देवगंवा में विगत कुछ वर्षों में सचिव रमेश केवट सरपंच अजय की जुगल जोड़ी ने मिलकर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के शासकीय पैसे पर पलीता लगाया जा रहा है और भ्रष्टाचार के नए नए अध्याय लिख डाले गए है।अपने चहेते भतीजे प्रवीण कुमार केवट निवासी सोही बेल्हा के फर्जी फर्म व बिना जीएसटी नंबर के बिल भुगतान किए जाते रहे।वर्ष 2018 में 72 हजार,24 हजार,40 हजार,14 हजार,6 हजार,1 लाख 3 हजार,15 हजार,39 हजार 3 सौ,17 हजार 4 सौ वही वर्ष 2019 में 1 लाख 32 हजार,45 हजार 500,वर्ष 2020-21 में 30 हजार,65 हजार,6 हजार,21 हजार 9 सौ 98,13 हजार 9 सौ 98,12 हजार रूपए के भुगतान बिना जीएसटी नंबर के सामग्री क्रय विक्रय के नाम पर भुगतान किए गए और ऐसा प्रतीत होता है कि सचिव रमेश केवट अपने भतीजे प्रवीण कुमार केवट के साथ मिलकर शासन की तिजोरी पर डाका डालने का खेल खेला जा रहा है।

पंचायती राज को नहीं मानता सचिव रमेश खुलेआम उड़ाई नियमो की धज्जियां -

इन दिनों ग्राम पंचायत देवगंवा में मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज 1993 के पृष्ठ क्रमांक 189 में धारा 69 के अध्ययन में उल्लेख है कि त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के नातेदार किसी भी प्रकार का लाभ नहीं ले सकते अधिनियम अंतर्गत धारा 40 में ऐसा करने पर जो प्रवधान दिए गए हैं,उसमें शासकीय सेवकों को पद से पृथक करने के अलावा राशि की वसूली के साथ 6 वर्ष तक का पद से वंचित करने का प्रावधान है लेकिन यह सब नियम कानून को दरकिनार करते हुए ग्राम पंचायत देवगंवा सचिव रमेश केवट ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने भतीजे प्रवीण कुमार केवट निवासी सोही बेल्हा के बिना जीएसटी फर्जी बिल के नाम पर 8 लाख 78 हजार 1 सौ 96 रुपए का भुगतान कर दिया गया।

कहना है -

त्रिपाठी जी खबर न लगाइए, खबर को रोकवा दीजिए,आप यदि खबर लगवा देंगे तो आपकी देखा सुनी सभी लोग खबर लगाएंगे जो मुझे बाद में दिक्कत होगी बीच का रास्ता निकालिए।

रमेश केवट
तत्कालीन ग्राम पंचायत देवगंवा 

कहना है -

यदि सचिव रमेश केवट ने पंचायती राज के नियम के विपरित जा कर अपने नात रिश्तेदार के नाम से ग्राम पंचायत में पदस्थ रहते हुए लाखो रुपए का भुगतान कराया है,बिना जीएसटी के फर्जी बिल भुगतान हुए है तो यह गलत है,जांच करवा कर कार्यवाही की जायेगी।

व्ही एम मिश्रा
सीईओ,जनपद पंचायत
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