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खाद्य मंत्री ने प्रधानमंत्री से की कृषि और चिकित्सा महाविद्यालय/विश्वविद्यालय एवं हवाई अड्डा की मांग

अनूपपुर - मध्यप्रदेश शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री व अनूपपुर विधानसभा के विधायक बिसाहूलाल सिंह ने लालपुर शहडोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन अलग-अलग पत्रों का ज्ञापन सौपा है। जिसमें मध्य प्रदेश शासन के खाद्य मंत्री बिसाहू लाल सिंह ने प्रधानमंत्री से अनूपपुर जिले में राष्ट्र स्तरीय कृषि महाविद्यालय/विश्वविद्यालय,राष्ट्र स्तरीय चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय एवं उड़ान योजना के तहत हवाई अड्डे की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि अनूपपुर जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है। यहां पर अमरकंटक जैसे प्राचीन ऐतिहासिक पवित्र तीर्थ स्थल तथा नर्मदा जैसे पवित्र पौराणिक नदी का उद्गम स्थल है। यह क्षेत्र मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ प्रांत का सीमा स्थल हैं। यह आदिवासियों,दलित शोषित व उपेक्षित पिछड़े वर्गों का क्षेत्र हैं। यहां निवास करने वाले लोगो के पास कृषि कार्य ही जीवन यापन का प्रमुख साधन हैं, यहाँ के निवासी पूर्णतः कृषि कार्य पर निर्भर हैं। भारत सरकार कृषि कार्य को उन्नत तरीके से बढ़ावा देने के लिये निरंतर प्रयत्नशील है। जिससे आज संपूर्ण देश में कृषि कार्य से उत्पादन क्षमता बढ़ा है।जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश के शहडोल, डिण्डौरी व
मण्डला तथा छत्तीसगढ़ के पेण्ड्रा गौरेला,कोरिया, मनेंद्रगढ़ व बैकुण्ठपुर जिलो के मध्य में स्थित है। यहां के लोग गरीब होने के कारण अपने बच्चो को अच्छे महाविद्यालयो में कृषि संकाय की पढ़ाई दूर जिलो के संचालित कृषि महाविद्यालयों में भेजकर नहीं करा पाते है।इस कारण से अनूपपुर जिले में राष्ट्र स्तरीय कृषि महाविद्यालय/ विश्वविद्यालय खोले जाने की विशेष आवश्यकता है।
राष्ट्र स्तरीय चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की मांग -
मंत्री बिसाहू लाल सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि जिला अनूपपुर आदिवासी बाहुल्य जिला है। यहां पर अमरकंटक जैसे प्राचीन ऐतिहासिक पवित्र तीर्थ स्थल तथा नर्मदा जैसे पवित्र पौराणिक नदी का उद्गम स्थल है। यह क्षेत्र मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ प्रांत का सीमा स्थल हैं। यहां आदिवासियों, दलित शोषित व उपेक्षित पिछड़े वर्गों का क्षेत्र हैं। यहां निवास करने वाले लोगो के पास कृषि कार्य ही जीवन यापन का प्रमुख साधन हैं, यहां के निवासी पूर्णतः कृषि कार्य पर निर्भर हैं। यहां के कृषक व खेतिहर मजदूर वर्ग के लोगों के बच्चे हर कार्यों में दक्ष है। धन के अभाव में बाहर जाकर चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा अर्जित नहीं कर पा रहे है। जिससे यहां के गरीब बीमार होने पर समुचित ईलाज करा पाने में असमर्थ रहता है। साथ ही आस पास के जिलो में उच्च स्तरीय चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कई लोग गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के बाद चिकित्सा की सुविधा नजदीकी जिलों में नहीं होने से दम तोड़ देते है। इस क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया जैसे गंभीर बीमारी से बहुत सारे लोग पीड़ित है जिसका उपचार हेतु राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इसलिये इस जिले में चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा की सुविधा को बढ़ावा देने के लिये केन्द्रीय चिकित्सा शिक्षा राष्ट्र स्तरीय विश्वविद्यालय खोले जाने की विशेष आवश्यकता है। अतएव भारत सरकार के चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में चलाये जा रहे अभियान के तहत जिला अनूपपुर में चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा की राष्ट्र स्तरीय चिकित्सा
शिक्षा एवं चिकित्सा विश्वविद्यालय खोला जाए।



उड़ान योजना के तहत हवाई अड्डा बनाया जाए-
मंत्री बिसाहू लाल सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि जिला अनूपपुर आदिवासी बाहुल्य जिला है। यहां पर अमरकंटक जैसे प्राचीन ऐतिहासिक पवित्र तीर्थ स्थल तथा नर्मदा जैसे पवित्र पौराणिक नदी का उद्गम स्थल है। यह क्षेत्र मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ प्रांत का सीमा स्थल हैं। यहां आदिवासी विश्वविद्यालय के साथ-साथ प्रमुख रूप से कोयला खदाने, अमरकंटक थर्मल पावरप्लांट, मोजर बेयर जैसे कंपनिया स्थापित है। यहां व्यापारियों के आवागमन हेतु हवाई अड्डा खोले जाने से बाहरी बड़े-बड़े उद्योग पतियो का आवागमन सुगम हो जाने से और कंपनियो का स्थापना हो सकेगें और इस क्षेत्र के गरीब शिक्षित बेरोजगारो को रोजगार के नये अवसर प्राप्त हो सकेगें। जिला अनूपपुर में हवाई अड्डा बनाये जाने से मध्यप्रदेश के शहडोल, उमरिया, डिण्डौरी, मण्डला एवं छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़, बैकुण्ठपुर, कोरिया एवं पेण्ड्रा- गौरेला जिलो के आम नागरिक व व्यापारियो, उद्योग पतियो एवं जनप्रतिनिधियों को आवागमन में सुविधा मिल सकेगी।
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