कोतमा/मदन चौधरी -इन दिनों पवित्र स्थल माने जाने वाली जगहों जैस अस्प्ताल स्कूल मंदिर इत्यादि जगहो पर आये दिन लडाई झगडे मारपीट गाली गलौज जातिसूचक टिप्पणिया होने की चर्चा आम जनों की जुबान पर रहती है,जिसे सुनने व देखने में मन को पीड़ा जरुर होती है ऐसा ही एक मामला अनूपपुर जिले के भालूमाडा थाना क्षेत्र अंतर्गत क्षेत्रीय चिकित्सालय भालूमाडा में बीते दिनों घटित हुआ है और नगर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किसके इशारो पर ऐसी शर्मनाक हरकत को अंजाम दिया गया और ऐसी घटना क्षेत्रीय चिकित्सालय में पूर्व में भी घटित हुई थी जिसे ठन्डे बसते में डाल दिया गया था।
यह है पूरा मामला-
बीते दिनों अनूपपुर जिले के भालूमाडा थाना क्षेत्र अंतर्गत क्षेत्रीय चिकित्सालय भालूमाडा में स्टाफ नर्स नीता दास के द्वारा एक मजलूम बेबस जिसके सर से अभी कुछ ही महीनो पूर्व पिता का साया उठा था और वह अपने पिता की नौकरी पर अनुकम्पा नियुक्ति पा कर क्षेत्रीय चिकित्सालय में पदस्थ ही हुई थी कि नर्स नीता दास को यह रास नहीं आया और उसके द्वारा किये गए कामो में आये दिन त्रुटीया निकालते रहती थी और हद तो तब हो गयी जब मजलूम बेबस निम्न वर्ग की कर्मचारी अपने कर्तव्य निष्ठा से ड्यूटी पर तैनात थी तभी नर्स नीता दास द्वारा अपने पास बुला कर भला बुरा कहते हुए उसे सबके सामने थप्पड़ जड़ दिया इस घटना से पीडिता मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित व डरी हुई है I वही जब यह घटना घटित हुई तो पूरा का पूरा अस्पताल बैसाखी बना देखता रहा लेकिन किसी ने नर्स नीता दास से यह पूछने की हिमाकत नहीं की कि आखिर उस कर्मचारी का गुनाह क्या था उल्टा मामले को दफ़न करने का पूरा प्रयास करने में जुट गए Iमामला यही शांत नहीं हुआ जब पीडिता के साथ ऐसी शर्मनाक घटना घटी तो कुछ सामाजिक संगठनो ने मामले की शिकायत थाने में देने की बात को कहते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया तो उनके कदम वही रोक दिए गए और यह कहा गया कि मामला हमारे स्टाफ का है हम आपस में निपट लेंगे I हद तो तब हो गयी जब क्षेत्रीय चिकित्सालय भालुमाडा में पदस्थ मित्रा साहब ने पीडिता पर दबाव बना कर उसे धमकी देते हुए बोला कि तुम्हारी अभी अभी नौकरी लगी है तुम थाने के चक्कर में न पड़ो नहीं तो उल्टा तुम्हे ही फसा दिया जायेगा और नौकरी से भी हाथ धो बैठोगी। इस बात से आहत पीडिता काफी डरी व सहमी हुई है सवाल यह उठता है कि यह मामला जब पीडिता के साथ घटित हुआ तो क्षेत्रीय चिकित्सालय के मुखिया बने बैठे cmo डॉ टी के सरकार ने भी मामले में आँख मूंद ली मज्लूब बेबस कर्मचारी को लगा कि मुझे cmo साहब न्याय दिलाएंगे लेकिन यहाँ तो न्याय नहीं अन्याय हो गया।जब इसकी भनक एस ई सी एल जमुना कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक को लगी तो आनन फानन में क्षेत्रीय चिकित्सालय पहुँच कर पीडिता को न्याय दिलाने कि जगह डरा कर आपसी समझौता करवा दिया गया I अब सवाल यह उठता है कि अगर जिम्मेदार ही पीड़ित को न्याय दिलाने की जगह डरा कर उसे नौकरी से हटवाने की धमकी देने लगेंगे तो भला कैसे पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिल पायेगा।