अनूपपुर- एमबी पॉवर प्लांट जैतहरी से निकलने वाले हैवी वाहन, ओव्हर लोडिंग एवं ओव्हर हाईट कहा जाये तो बने हुये सभी नियमों की सीमा को लांघ कर अपनी मस्त चाल में चल रहे हैं वहीं दूसरी ओर फ्लाई ऐश जिसे जहरीला कचरा की संज्ञा भी दी गई है।मनमानी जगहों पर उड़ेल दिया जाता है इससे वातावारण प्रदूषित तो हो ही रहा है साथ ही गिराये हुये जगहों के आस पास के लोग बीमार हो रहे हैं।
मध्य प्रदेश राज्य के अनूपपुर जिले जैतहरी तालुक क्षेत्र के लहरपुर, मुर्रा, बेलिया, गुंवारी, अमगवां, टकोहली एवं जैतहरी गांवो में पावर प्लांट के स्थापना से पहले जल, मृदा प्रदूषण, पर्यावरण ऐसे बहुत से नियमों को लेकर बहुत बड़ी बड़ी बाते कहीं गई थी लेकिन बने हुये सभी नियम कानून घरे के घरे रह गये और इस पावर प्लांट से हो रही कठिनाईयों को आस पास की आवाम झेल रही है।अपनी समस्याओं को लेकर जनमानस कभी नेता तो कभी अधिकारियों के पास चक्कर लगा रही है लेकिन इनका काम जस का तस चल रहा है कोई भी कार्यवाही नहीं हो रही है।
सकरे मार्ग से निकल रहे भारी वाहन -
एमबी पावर प्लांट जैतहरी से ओवर लोड और ओवर हाईट के वाहन आने जाने के लिए जो रूट तय किए हुए हैं वे बेहद सकरे और आबादी वाले क्षेत्र है इनके आवागमन को लेकर कई बार हर कार्यालय में शिकायत भी पहुंच चुकी है लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।इसकी शिकायत भाजपा के जिला संयोजक चंडीकांत झाँ ने जिला कलेक्टर को लिखित भी जनसुनवाई में की है इन्होने बताया है कि ग्राम कुसियरा एवं ग्राम बदरा में लगातार ओवर लोड भारी वाहनों का आना- जाना बना रहता है। ग्राम आबादी वाले क्षेत्र हैं एवं ग्राम के सड़को की चौड़ाई और क्षमता से अधिक भारी वाहनों के परिवहन हेतु अपेक्षाकृत काफी कम है।
पैदल चलने वालो को होती है परेशानी हो चुकी है मौत-
फ्लाई ऐश के ओव्हर लोड वाहन के चालकों की लापरवाही से न जाने कितने लोगों को चोटे आई हैं,अभी हॉल ही में एक महिला को फ्लाई ऐश के ओवर लोड भारी वाहन के चालक सकरे मार्ग से निकल रहे भारी की लापरवाही की वजह से अपनी जिंदगी गंवान पड़ी थी। पूरे सड़को पर वाहन कब्जा कर चलने की वजह से सड़को पर निरंतर जाम लगा रहता है जिससे पैदल / साइकिल / मोटर साइकिल चालको के लिए सड़को पर चलना जोखिम भारा हो गया है साथ ही बदरा ग्राम में शासकीय विद्या निकेतन स्कूल संचालित है जिससे छात्र-छात्राओं को विद्यालय पैदल / साइकिल से आने जाने से डर लगने लगा है वहीं उनके अभिभावक भी चिंतित रहते हैं।
निपटान स्थल पर नहीं है प्रदूषण रोकथाम की व्यवस्था-
जनसुनवाई में शिकायत की गई है कि फ्लाई ऐश निपटान स्थल पर सीमांकन व बाउंडरी नहीं की गई है। फ्लाई ऐश निपटान स्थल से कालोनी की दूरी 20 मीटर से कम है। जिससे फ्लाई ऐश का डस्ट उड़ते हुये लोगों के घरों मे जा रहा है जिससे उन्हें स्वास्थ संबंधी समस्याए तो ही ही रही है साथ ही आस पास का पूरा वातावरण प्रदूषित होता जा रहा है। फ्लाई ऐश निपटान स्थल पर खनन व खनिज, राजस्व विभाग की अनुमति के बिना ही खनन व उत्खनन का कार्य किया जा रहा है।
कब थमेगी मनमर्जी-
परेशानी झेल रही आवाम एवं जनप्रतिनिधि जिले के उच्च नेता एवं प्रशासन के उच्चाधिकारी के पास अनेको बार आवेदन देकर इसे रोकने की मिन्नते की हैं लेकिन कभी किसी ने इस पर ध्यान देना उचित नहीं समझा, जिले के परेशान हो रही जनता से प्रशासन को कोई सरोकार नहीं है तभी तो आवाम की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है। भाजपा के जिला संयोजक चंडीकांत झा ने जनसुनवाई में आवेदन देते हुये एम. बी पावर प्लांट जैतहरी द्वारा ग्राम सेन्दुरी में जो फ्लाय ऐश निपटान का कार्य किया जा रहा है उसे रोकने की मांग करते हुये संबंधित विभाग के मिलीभगत से हुये कार्य की जांच करते हुये कार्यवाही की मांग की है।
फ्लाई ऐश निपटान से आवाम हो रही बीमार-
एम.बी पावर प्लांट जैतहरी द्वारा ग्राम सेन्दुरी में फ्लाई ऐश निपटान का कार्य किया जा रहा है। यह निपटान कार्य तिपान नदी से महज 50 मीटर
भी की दूरी पर फ्लाई ऐश का निपटान किया जा रहा है जिससे नदी का जल प्रदुषित हो रहा है, अगर ऐसे ही निपटान होता रहेगा तो आने वाले समय में प्रदूषण व्यापक पैमाने पर नदियों में फैल जायेगा और नदियों का पानी पीने वाले लोग गंभीर बीमारी से ग्रसित हो जायेंगे। इस मुद्दे को अगर स्थानीय प्रशासन गंभीरता से नहीं लेता तो आगामी भविष्य में क्या कुछ हो सकता है यह कहा नहीं जा सकता।वही जब इस संबंध में मोजर बेयर प्लांट जैतहरी के जिम्मेदार अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि हमने अपने डिपार्टमेंट से पता किया है सब काम सही चल रहा है।वही सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने मोजर बेयर प्लांट जैतहरी के नाम नोटिस काट कर जवाब मांगा है।