अनूपपुर -प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश (श्री अशोक कुमार सोंधिया) श्रृंखला न्यायालय, राजेंद्र ग्राम जिला अनूपपुर थाना अमरकंटक के अपराध क्रमांक 40 /12 न्यायालय का सत्र प्रकरण क्रमांक 126/12 धारा 302, 34 भादवि प्रकरण में आरोपीगण अजय कुमार गुप्ता पिता सुभाष चंद्र गुप्ता ,प्रभात कुमार गुप्ता पिता लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता एवं मोनू और रोहित गुप्ता पिता सुभाष गुप्ता सभी निवासी ग्राम भेजरी थाना अमरकंटक जिला अनूपपुर को अपने निर्णय दिनांक 22/12/ 2018 में तीनों आरोपीगणो को आजीवन कारावास एवं 500-500 रू. अर्थदंड से दंडित किया है।
*जिला अभियोजन अधिकारी राम नरेश गिरी* द्वारा बताया गया कि घटना दिनांक 5/05/2012 को ग्राम भेजरी के बाजार में अपने घर के पास दिलीप कुमार गुप्ता के साथ बैठकर बाजार का हिसाब किताब कर रहा था तभी रात करीब 9:30 बजे बस स्टैंड भेजरीकी तरफ से रिंकू गुप्ता आया और शिव मंदिर भेजरी के सामने चबूतरा में बैठकर दिलीप गुप्ता को मां बहन की गंदी-गंदी गालियां देने लगा।उसके द्वारा उसे गाली देने से मना किए जाने पर रिंकू गुप्ता उसे डंडे से मारने लगा और उसी समय पीछे से प्रभात गुप्ता हाथ में चाकू लेकर आया और जान से खत्म करने के इरादे से दिलीप गुप्ता के पेट में चाकू घोप दिया। मोनू उर्फ रोहित गुप्ता एवं वीरेंद्र गुप्ता ने भी उसे मिलकर लाठी से मारपीट किया। फरियादी संजीव कुमार गुप्ता ने आहत दिलीप कुमार गुप्ता को पिकअप वाहन से स्थानीय लोगों की मदद से ले जाकर पुलिस थाना अमरकंटक में जाकर उक्त घटना की रिपोर्ट किए जाने पर आरोपी गढ़ के विरुद्ध अपराध क्रमांक 40/12 धारा 307,294,32, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया जाकर प्रकरण मे विवेचना की जा रही थी उसी दौरान आहत दिलीप की मृत्यु हो गई।
तदोपरांत अपराध में धारा 302 भादवि का इजाफा किया गया। प्रकरण की विवेचना उपरांत उक्त धाराओं में प्रकरण के आरोपी विरेंद्र गुप्ता के फरार होने पर शेष तीन आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया।पुलिस द्वारा अधिरोपित धाराओं में न्यायालय द्वारा प्रकरण के अवलोकन पश्चात आरोपी गण के विरुद्ध संज्ञान लिया जाकर प्रकरण का विचारण प्रारंभ किया गया।अभियोजन द्वारा प्रकरण में 14 साक्ष्यों के कथन न्यायालय में कराए गए थे आरोपीगण की ओर से 02 बचाव साक्ष न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। उक्त न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्यो का सूक्ष्मता से विश्लेषण करते हुए प्रकरण के फरार आरोपी विरेंद्र गुप्ता को छोड़कर शेष आरोपी अजय कुमार गुप्ता ,प्रभात कुमार गुप्ता एवं मोनू उर्फ रोहित गुप्ता को माननीय न्यायालय ने तीनों आरोपीगण को दोषसिद्ध पाते हुए धारा 302,34 में आजीवन कारावास की सजा एवं पांच-पाँच सौ रू. के अर्थदंड से दंडित किया गया। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एजीपी श्री गणेश अग्रवाल के द्वारा की गई।चूँकि राज्य मुकदमा नीति वर्ष 2018 के अनुसार जिले के समस्त अपराधी प्रकरणों का संचालन/समीक्षा उपसंचालक अभियोजन पर निहित होने और उक्त पद रिक्त होने पर जिले में पदस्थ जिला अभियोजन अधिकारी को दायित्वाधीन बनाया गया है,और इस कारण से उक्त प्रकरण में श्री अग्रवाल का सहयोग उनके चाहे जाने पर समय-समय पर मेरे द्वारा किया गया है।
*नोट* - मीडिया प्रभारी श्री राकेश कुमार पांडे अवकाश पर होने एवं प्रकरण का संपूर्ण विवरण इस कार्यालय को आज प्राप्त होने के कारण प्रसारण हेतु मेरे द्वारा आज दिया जा रहा है
