
पीड़ित महिला को पैसा दिलाने में पुलिस रही विफल,नेता लगे सूदखोरों व बैंक दलालो को बचाने में,इस मामले के जाँच अधिकारी एस ०ई ० आस्तिक खान प्रभारी आप मेरे जगह आ के स्वय जल्दी जाँच कर ले, एस ०ई ०आस्तिक खान तानाशाही बोल मीडिया कर्मियों से बातचीत के बाद आनन-फानन में पहुंचे पहुंचे भारतीय स्टेट बैंक कोतमा कॉलरी दस्तावेज जुटाने , बीरबल की खिचड़ी की तरह जांच अधिकारी कर रहे हैं मामले की जांच ,अधिकारी कुंभकरण की नींद सो सो कर इस मामले की कर रहे हैं जांच।
रामचरण सूदखोर,बैंक दलाल व उसकी बहन-भाई का भी नाम आया इस मामले में सामने
कोतमा- भालूमाडा थाना अंतर्गत सुंदर नगरी निवासी सुशीला भास्कर पति शिवेंद्र भास्कर उर्फ मिट्टी द्वारा दिनांक 3/12/2018 को भालूमाडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि भारतीय स्टेट बैंक कोतमा कॉलरी भालूमाडा में उसके पति शिवेंद्र भास्कर को ले जा कर कृष्ण कुमार चतुर्वेदी उर्फ पिंटू पिता कामता चतुर्वेदी एवं रोशन वर्मा पिता शिवमोहन वर्मा द्वारा पति शिवेंद्र भास्कर की मानसिक स्तिथि ठीक न होने का फायदा उठाकर उसकी 6 लाख की एफ डी तोड़वाकर 4 लाख 50 हजार रुपये की हेराफेरी की गई भालूमाड़ा क्षेत्र में सूदखोर बैंक दलाल ऐसे फैले है जैसे जगह जगह पान के ठेले खुले होते है।सूदखोर बैंक दलाल सीधे साधे कालरी श्रमिकों को अपने झांसे में लेकर पहले तो ब्याज में पैसे देते है और धीरे धीरे अपने जाल में फास कर उनकी बैंक की चेकबुक,पास बुक,एटीएम कार्ड हस्ताक्षर किया हुआ चेक अपने घर मे रख लेते है जैसे ही खाते में पैसे आने की जानकारी लगती है तो यह सूदखोर व बैंक दलाल आनन फानन में उनके पैसे निकलवा लेते है।प्रशासन से बचने के लिए तरह तरह के जुगाड़ पहले से ही बनाये हुए है।सूदखोर व बैंक दलाल अपने बचने के लिए किराना दुकान,कपड़ा दुकान व जनरल स्टोर खोलकर रखते है।दुकान में समान तो कुछ नहीं होता लेकिन श्रमिको को पैसे उधारी दिला कर दुगुनी रकम वसूलते है। भालूमाड़ा क्षेत्र में कुछ सूदखोर जिनके पास रहने का ठिकाना नहीं था आज वह सूदखोरी व बैंक दलाली का कार्य कर श्रमिकों के पैसे से करोड़पति बन बैठे है।
पुलिस अब तक सो रही कुम्भकर्ण की नींद- भालूमाड़ा पुलिस सूदखोरों व बैंक दलालों के नाम आने के उपरांत भी उन पर कार्यवाही करने के जगह शिकायतकर्ता सुशीला भास्कर को आरोपित व्यक्तियो से राजी बाजी कराने में भालूमाड़ा पुलिस जुटी हुई है।
रोशन वर्मा उर्फ लाला ने बताया लिप्त व्यक्तियों के नाम- शिकायतकर्ता शीला भास्कर पति शिवेंद्र भास्कर कि एफ डी तोड़वाने में अहम भूमिका कृष्ण कुमार चतुर्वेदी उर्फ़ पिंटू पिता कामता चतुर्वेदी की है बताई गई। और साथ ही साथ इनके मामा सनद कुमार सूदखोर व बैंक दलाल की भूमिका एफ डी तोड़वाने में रही जो तत्काल चंद मिनटों में शिवेंद्र भास्कर को ले जाकर मामा भाचा ने बैंक अधिकारी से साठ गाठ कर के एफ डी 6 लाख की तोड़ा कर बचत खाता 31097455069 में पैसे को डलवा दिया गया।
इन लोगों ने भी लिए पैसे - रोशन वर्मा ने शपथ पत्र देकर बताया कि बैंक के एक अधिकारी ने 1 लाख रुपए पिंटू का मामा सनद 1 लाख रुपए पिंटू द्वारा 50 हजार रुपए शिकायतकर्ता की एफ डी तोड़वाकर बचत खाते से पैसे डकारे गए और उस गरीब के साथ पैसे की हेराफेरी की गई।सपथकर्ता और स्वयं इस मामले के आरोपित व्यक्ति रोशन वर्मा द्वारा और चौकाने वाले खुलासे किए गए।रोशन वर्मा द्वारा बताया गया कि मुझे बुलाकर अक्सर रामचरण केवट,विनोद गुप्ता,छविलाल केवट,फुलमतिया केवट पीली दफाई द्वारा शिकायतकर्ता के पति शिवेंद्र भास्कर जो मेरा दोस्त है कोतमा कियोस्क बैंक अक्सर इनके द्वारा शिवेंद्र भास्कर के बचत खाते से पैसे निकवाने शिवेंद्र के साथ भेजा जाता था और जब पैसा निकालने कोतमा जाता था तो नाश्ते और तेल का पैसा भी दिया जाता था पैसा निकालने के उपरांत मुझे 500 से 1000 रुपए दिया जाता था और साथ ही साथ शिवेंद्र भास्कर को भी कुछ पैसे निकलवाने वाले व्यक्तियों द्वारा दिया जाता था और मेरे साथ कियोस्क बैंक पैसा निकलवाने वाले कमल चौहान भी जाता था उसे भी कुछ पैसे दिए जाते थे।
नेता लगे बिना कार्यवाही मामले को निपटाने के जुगाड़ में - शिकायतकर्ता सुशीला भास्कर पति शिवेंद्र भास्कर थाने में जैसे ही शिकायत दर्ज कराती है और अपना दुखड़ा पुलिस प्रशासन को सुनाती है तो वहीं पुलिस भी अपने जुगाड़ में जुड़ जाती है और स्थानीय नेताओं को जैसे ही सूदखोरो व बैंक दलालों को इस कारनामे की जानकारी लगती है आनन-फानन में सूदखोरो व बैंक दलालो नेताजी बैठक कर मामले को रफा-दफा करने में जूट जाते हैं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला की 4 लाख 50 हजार देने के लिए कुछ बैंक दलाल राजी हो गए हैं जिन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा वह पैसा देने में आनाकानी कर रहे हैं जिससे पीड़ित महिला अभी भी जिसकी डेहरी स्थिति बहुत ही खराब है 3 साल की बच्ची और पति मानसिक रूप से परेशान हैं पुलिस प्रशासन उसे इंसाफ दिलाने में नाकाम साबित हो रहा है जिससे पुलिस प्रशासन पर से गरीबों का विश्वास उठता जा रहा है।
इनका कहना है- साक्ष्य सम्पूर्ण नहीं मिले हैं दस्तावेज बैंक एवं किस्योस्क बैंक से मंगाए जा रहे हैं कार्यवाही सम्पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद ही हो पाएगी यदि इतनी जल्दी कार्यवाही की है तो आप सब लोग जाँच मेरे जगह पर कर लो।
आस्तिक खान
एस आई, प्रभारी
थाना-भालूमाड़ा
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