न.पा. पसान क्षेत्र में बाजार बैठकी के पैसे का हो रहा गोलमाल
भालूमाड़ा- नगर पालिका परिषद पसान अंतर्गत जमुना, भालूमाड़ा में बाजार बैठकी की वसूली के पैसे में जमकर धांधली हो रही है। नगर पालिका पसान में भालूमाड़ा में गुरुवार के दिन लगभग हजारों दुकान लगती है और बाजार बैठकी से सप्ताह के प्रति गुरुवार के दिन लगभग 5000 रुपये आते है लेकिन नगर पालिका परिषद पसान में लगभग 600 से 800 रुपये ही वसूली के बता कर जमा होते है और प्रतिदिन भालूमाड़ा एटीएम चौक और चम्मच चौक में लगभग 30 से 40 दुकान लगती है। और प्रतिदिन बाजार बैठकी भालूमाड़ा से रोजाना 400 से 500 रुपये आते है लेकिन लगभग 100 या 200 रुपये ही नगर पालिका बैठकी के नाम पर जमा होते है। ऐसा ही हाल सप्ताह के प्रति मंगलवार को लगने वाली बाजार में भी किया जाता है और जमुना में भी प्रतिदिन लगने वाली बाजार बैठकी वसूली का है। बाजार बैठकी पैसे की हेराफेरी में छोटे कर्मचारियों के साथ-साथ बड़े-बड़े कर्मचारी भी लिप्त है। जिससे साफ पता चलता है की दाल में काला नहीं पूरी दाल ही काली है। व्यपारियो का कहना है कि जमुना भालूमाड़ा में बाजार बैठकी करने वाले व्यक्ति बाजार बैठकी की रसीद तक व्यपारियो को नगर पालिका पसान की नही देते है न कोई लिखा पढ़ी न ही कोई हिसाब होता है मनमानी ढंग से बाजार वसूली का पैसा कुछ लोग मिलकर डकार रहे है। सूत्रों का तो यहाँ तक कहना है कि बाजार बैठकी के पैसे अध्य्क्ष पति के इसारे पर उनके खास चेहेते लोगो को कुछ लोगो को सप्ताह में तो कुछ लोगो को महीने में बाजार बैठकी के पैसे बांटे जाते है कुछ चेहेते पार्षदो के साथ साथ एक मीडियाकर्मी कोभी जमुना बाज़ार से करीब 2000 रुुपये प्रतिमाह पैसे मुँह बंद रखने के लिए दिए जाने की खबर हैं। कुछ नगर पालिका अधिकारी व कर्मचारी सप्ताह में व महीने में 300 रुपये से 2000 रुपये बाजार बैठकी के ले रहे हैं। और इस पैसे से कुछ लोगो की पार्टियां भी रात में सजती है।बाज़ार बैठकी से आने वाले पैसे से नगर पालिका के कोष भंडार भरते है और नगर के विकास कार्यों में इन पैसों का उपयोग किया जाता और नगर का विकास होता किन्तु जब मुख्य नगर पालिका अधिकारी और अध्यक्ष नगर पालिका के पैसे मटिया मेट करने में लगे हो और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हो तो भला छोटे कर्मचारी नपा के ऐसे मामलों से दूर कैसे रह सकते हैं।दुकानदारो ने मीडियाकर्मियों से ये भी बताया कि बाजार बैठकी की रसीद तो दूर की बात है दुकानदारो से फलफूल,सब्जी-भाजी,सप्ताह के गुरुवार और मंगलवार के दिन भालूमाड़ा और जमुना में मछ्ली,मुर्गा की दुकान लगाने वाले व्यपारियो से मछली मुर्गा बकरा स्वयं स्वाद चखने के लिए बाजार बैठकी के पैसों के बदले मुफ्त में मास-मछली ले कर काम चलाया जाता है यह मास मछली किसके यहाँ बनती है कौन स्वाद चखता है जांच का विषय है लेकिन नगर पालिका परिषद पसान जमकर बाजार बैठकी के पैसे में हेराफेरी और बंदरबांट हो रहा है इस मामले में कोई भी कुछ कहने से बचते है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी भी मौन- जब इस संबंध में नगर पालिका परिषद पसान के मुख्य नगर पालिका अधिकारी से फोन के माध्यम से चर्चा करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन तक उठाना उचित नहीं समझा।जिससे यह समझा जा सकता है कि वह नगर की जनता और भ्रष्टाचार कमीशन खोरी जैसे गंभीर मामलों के लिए वह कितना चिंतित हैं।

