उपसरपंच बन बैठा ठेकेदार व निर्माण सामग्री सप्लायर, ग्राम पंचायत पिपरहा में उपसरपंच के नाम पर दसों लाख रुपये की राशि का हुआ भुगतान,पूरे खेल में बदरा सी.ई.ओ.,इंजीनियर सचिव,सरपंच भी लिप्त
कोतमा- अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरहा में विकास कार्य कराने के नाम पर जनपद पंचायत सी. ई.ओ.बदरा,इंजीनियर,सचिव सरपंच,उपसरपंच ने लूट मचा रखी है शासकीय पैसे का कैसे बंदरबांट करना है कोई इनसे आ कर सीखे प्रदेश में सरकार तो बदल गई पर कुछ भ्रष्ट अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के नश-नश में फैला भ्रस्टाचार अब तक जस का तस देखने को मिल रहा है शासकीय पैसे की जमकर हेराफेरी की जा रही है सरकार एक ओर ग्रामीण अंचलों के अंतिम छोर में बसने वाले हर एक गांव में विकास के लिए पानी की तरह पैसे ग्राम पंचायतों में बहा रही है जब जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि शासकीय पैसे में पलीता लगाने में जुट जाएं और खुद ही विकास कार्य करने के लिए आये हुए शासकीय पैसे की हेराफेरी में लिप्त हो जाये तो ऐसे में विकास कार्य ग्राम पंचायतों के अंदर आने वाले गाँव का तो नहीं पर जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का जरूर विकास हो रहा है।जनपद पंचायत बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरहा में विकास कार्य कराने के नाम पर शासकीय पैसे को दीमक की तरह लगकर जिम्मेदार अधिकारी सी.ई.ओ.बदरा,इंजीनियर,सचिव, सरपंच, उपसरपंच मिलकर शासकीय पैसे निकालकर ग्राम पंचायत पिपरहा को खोखला करने में जुटे हैं।ग्राम पंचायत में किये गए निर्माण कार्यो व बिलो का सत्यापित मूल्यांकन पहले किया जाता है उसके उपरांत ही निर्माण एजेंसी को कार्यो का भुगतान किया जाता है। ग्राम पंचायत पिपरहा मे वर्ष 2018-19 में विकास कार्यो का सत्यापित मूल्यांकन आंखों में पट्टी बांधकर कर दिया गया।
उपसरपंच बना ठेकेदार-
ग्राम पंचायत पिपरहा के उपसरपंच शिवमूरत केवट स्वयं अपने ग्राम पंचायत में ठेकेदार बन बैठा है और साथ ही साथ मटेरियल सप्लायर भी हो गया है उपसरपंच द्वारा वर्ष 2018 में पी.सी.सी. निर्माण कार्य दादूराम के घर से बृजभान के घर की ओर बनाने के नाम पर 3 लाख 97 हजार 9 सौ 60 रुपये दिनांक 24/10/2018 को निकाला गया फिर इसी कार्य के लिए 34 हजार 5 सौ रुपये तथा 1 लाख 70 हजार रुपये दिनांक 13/09/2018 को,1 लाख 8 सौ रुपये दिनांक 23/08/2018 को,4 लाख 56 हजार रुपए दिनांक 24/06/2019 को शौचालय निर्माण कार्य,2 लाख 76 हजार रुपए दिनांक 01/06/2019 को शौचालय निर्माण कार्य,2 लाख 49 हजार 6 सौ रुपये दिनांक 25/05/2019 को रपटा निर्माण कार्य,लालमन गोड़ के घर से रामगोपाल के घर की ओर पड़रीटोला में 160 मी. पी.सी. सी. सड़क निर्माण कार्य के नाम पर 2 लाख 8 सौ रुपये दिनांक 23/04/2019 को,1 लाख 80 हजार रुपये दिनांक 11/03/2019 को तथा 14 हज़ार रुपये दिनांक 15/02/2019 को,30 हजार रुपये 25/02/2019 को ग्राम पंचायत में अन्य सामग्री के नाम पर उपसरपंच शिवमूरत लाल केवट के खाते में पैसे का भुगतान ग्राम-पंचायत पिपरहा द्वारा किया गया।
जीएसटी न. बन्द फिर भी जारी हो रहा बिल और भुगतान-
ग्राम पंचायत पिपरहा के उपसरपंच शिवमूरत केवट द्वारा अपने ही ग्राम पंचायत में मटेरियल सप्लाई करने के लिए बिल जीएसटी न.23ERWPK5968Q1ZG का रजिस्ट्रेशन तो कर लिया गया और दिनांक 24/03/2018 से 31/12/2018 तक जीएसटी न. की वैधता थी परंतु जीएसटी न. की वैधता समाप्त होने के बाद 01/01/2019 के बाद भी जीएसटी न. लिखा बिल ग्राम पंचायत में लगाकर कई लाख रुपये ग्राम पंचायत पिपरहा के आते रहे और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बनकर बिल भुगतान करते रहे।
छत्तीसगढ़ से आया बूँदी,मुररा-
सचिव सरपंच ने शासकीय पैसे की मटियामेट करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी भ्रष्टाचार करने के लिए व शासकीय पैसे की हेराफेरी करने के लिए छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के धनौली से रविशंकर एंड सप्लायर बिना जीएसटी बिल के बूँदी मूररा के नाम पर 9 हजार 8 सौ रुपये दिनांक 24/01/2018 को एवं 5 हजार रुपये नेट रिचार्ज के नाम से दिनांक 22/01/2018 को निकाले गए जब बिल पर लिखे न. पर फोन के माध्यम से चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि हमारे द्वारा कभी भी कोई बूँदी,मुररा का सप्लाई का काम ग्राम पंचायत पिपरहा में नही किया गया और न ही नेट पैक रिचार्ज का कार्य किया जाता है जिससे साफ साफ पता चलता है कि कैसे फ़र्ज़ी बिल लगा-लगाकर ग्राम पंचायत पिपरहा में शासकीय राशि की लूट मची हुई है।
उपसरपंच ने उड़ाई पंचायती राज नियमो की धज्जियां-
उपसरपंच ग्राम पंचायत- पिपरहा शिवमूरत केवट ने खुलेआम म.प्र. पंचायती राज नियमो की धज्जियां उड़ा दी और उपसरपंच के इस पूरे खेल में जनपद पंचायत बदरा सी.ई. ओ.(अरुण भरद्वाज),इंजीनियर,सचिव श्री राम सिंह(ग्राम पंचायत-पिपरहा),सरपंच पिंकी अगरिया सबने मिलकर म.प्र. पंचायती राज के नियमों का खुलेआम उलंघन करते हुए अपनी जेबें भरी गयी।
कहना है-
यदि ग्राम पंचायत पिपरहा के उपसरपंच द्वारा उसी ग्राम पंचायत में ठेकेदारी व निर्माण कार्यो की सामग्री सप्लाई उपसरपंच द्वारा की जा रही है और बिल भुगतान उपसरपंच के नाम पर हो रहा है तो यह गलत है। सी. ई.ओ.,इंजीनियर व सचिव कार्यो के सत्यापन के बाद भी बिल भुगतान होता है तो पूरे मामले की जांच गम्भीरता पूर्वक कराई जाएगी मामले में लिप्त पाए जाने पर किसी को बक्शा नही जाएगा।
सरोधन सिंह
जिला पंचायत सी.ई.ओ., अनूपपुर

