कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष मनोज सोनी ने की थी भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत
राजकुमार शुक्ला सहित भ्रष्ट देवगवां सरपंच सचिव पर हुआ मामला दर्ज
जनपद अध्यक्ष को मोहरा बनाकर करवाये थे फर्जी भुगतान
जनपद की सभी पंचायतों ने एक ही फर्म को दे दिया था काम
अनूपपुर/रमाकांत शुक्ला-जनपद पंचायत अनूपपुर मुख्यालय बदरा के मुख्यकार्यपालन अधिकारी अरुण कुमार सिंह की लिखित शिकायत पर सरपंच अजय पनिका सचिव रमेश केवट ग्राम पंचायत देवगवां व राजकुमार शुक्ला,पूर्व बर्खास्त सचिव ग्राम पंचायत देवगवां जनपद पंचायत अनूपपुर के विरुद्ध पंचायत की राशि अपने खाते में लेकर शासकीय राशि का दुरुपयोग करने व धनराशि के अमानत में खयानत करने की जांच रिपोर्ट बाबत लेखा अधिकारी संतोष करचाम (वित्त)जिला पंचायत अनूपपुर व रावेन्द्र कुमार पटेल परियोजना अधिकारी अनूपपुर मनरेगा जिला पंचायत अनूपपुर, व अरुण कुमार भारद्वाज मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर द्वारा हस्ताक्षरित लिखित शिकायत भालूमाड़ा थाने में कई गयी। जिसपर पुलिस द्वारा उक्त शिकायत व दस्तावेजों की जांच कर धारा 409,120 ता,हि,के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया। ब्लाक कांग्रेस कमेटी कोतमा के अध्यक्ष मनोज सोनी के द्वारा यह आरोप लगाये गये थे कि भ्रष्ट व बर्खास्त सचिव राज कुमार शुक्ला जिसके ऊपर 36.94 लाख रूपये मनरेगा की राशि प्रभक्षण करने की आरआरसी कायम है, उसके द्वारा जनपद अनूपपुर में प्रभाव व जुगाड़ से उक्त किये हैण्डपंप खुदवाये गये तमाम सड़क,पुलिया निर्माण के नाम और लगभग 1 करोड़ की राशि अपने नाम से बिल लगाकर खाते में ली गई। आरोप है कि ठगी के इस कारोबार में देवगवां के पूर्व व भ्रष्ट सचिव ने 40 से 50 लाख का जुगाड़ बनाया। साथ ही लगाये गये लगभग हैण्डपंप कुछ ही माहों में दम तोड़ गये, मामले की शिकायत कांग्रेस नेता द्वारा जिला पंचायत के सीईओ सहित कलेक्टर व संभागायुक्त को देकर जांच की मांग की गयी थी खबर तो यह भी है कि शिकायत देने के बाद जनपद स्तर पर जांच कमेटी भी बना दी गई थी।
नेता, ठेकेदार या भ्रष्ट सचिव-
राज कुमार शुक्ला कुछ वर्ष पूर्व तक जनपद पंचायत अनूपपुर के कर्मचारी थे, प्रशासन द्वारा उन्हें ग्राम पंचायत देवगवां की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, इस दौरान उन पर व्यापक पैमाने पर पंचायत की राशि खुर्द-बुर्द करने के आरोप लगे थे, बाद में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था।अब इस मामले में व्यापक पैमाने में गड़बड़ी व भ्रस्टाचार पाए जाने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर व उच्चादजीकरियों द्वारा लिखित शिकायत की गई।
एक ही ठेकेदार, समझ से परे-
जनपद पंचायत के 25 में से 17 से 18 सदस्यों ने एक ही ठेकेदार को पंचायत क्षेत्र में नलकूप खनन सहित कई कार्य कैसे दे दिया, यह समझ से परे हैं, शिकायत में आरोप लगाये गये हैं कि जनपद अध्यक्ष को अपने प्रभाव में लेकर कथित सचिव ने सभी जनपद सदस्यों को मिलाकर पूरे पंचायतों में लाखों रुपये के निर्माण कार्य मे भ्रस्टाचार कर भुगतान अपने खाते में कराए गए हैं। जो पंचायत राज्य अधिनियमों का उल्लंघन हैं। सभी पंचायतों द्वारा एक ही ठेकेदार से काम करवाना महज संयोग नहीं, सुनियोजित भ्रष्टाचार है।
नाचने-गाने वाले की लिखित शिकायत पर हुई कार्यवाही-
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज सोनी द्वारा उक्त मामले की लिखित शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई थी।जिसपर राज कुमार शुक्ला के ऊपर लगाये गये आरोपों के संबंध में जब चर्चा राजकुमार शुक्ला से की गई तो शुक्ला ने कहा कि पूरा कार्य नियमों के तहत हुआ है, मनोज सोनी तो सुनील सराफ की कृपा पर कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष बने हैं, आर्केस्ट्रा करने व नाचने, गाने वाले पंचायत अधिनियम व तकनीकी के संदर्भ में क्या जाने, बकौल राज कुमार शुक्ला, 25 की जगह 17 जनपद सदस्यों ने स्वयं के विवेक से नलकूप उत्खनन का कार्य लिया, मैं अकेला नहीं, जिसने यह कार्य किया। 4 से 5 व्यापारियों ने बोर किये, टीएस पीएचई से लिया, पीएचई ने ही मूल्याकंन किया, कोई कार्य नियम से परे नहीं किया गया।
प्रमाणित भ्रष्टाचारी को कार्य आवंटन गलत हुआ था अब होगी कार्यवाही--
कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष मनोज सोनी ने राजकुमार शुक्ला द्वारा दिये गये बयान के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि क्षेत्र की जनता ने जो आरोप लगाये हैं, उस पर जांच की मांग मेरे द्वारा की गई है, शिकायत के बाद ब्लाक में जांच की कमेटी गठित कर दी गई है, इस मामले की भी जांच होनी चाहिए कि राज कुमार शुक्ला के खाते में पंचायतों से कितनी राशि, किस-किस मद की गई है, करोड़ों रूपये जनपद अध्यक्ष व सदस्यों को प्रभाव में लेकर राज कुमार के खाते में गये, जिसके ऊपर पहले ही लाखों की रिकवरी है, उसके खाते में इतनी बड़ी राशि पुन: पंचायतों से जा रही है,इसपर भ्रस्टाचारियों पर सख्त कार्यवाही के साथ शासकीय राशि की वसूली होनी चाहिये।

