कोतमा- बिजुरी रेलवे स्टेशन के पास कोल साइडिंग होने से दिन और रात डस्ट धूल उड़ रहे हैं , जिससे आने जाने वाले राहगीरों सहित कॉलोनी में रह रहे लोगों को भी धूल से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ! जिसे दूसरे जगह स्थापित करने की आवश्यकता है, यह बातें कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष मनोज सोनी ने कहीं !
जिस प्रकार से कोल साइडिंग बड़े-बड़े बहनों से कोयला लाकर यहां पर डंप किया जाता है, उस से उड़ने वाली धूल काफी खतरनाक साबित हो रही है कोल साइडिंग के बगल से ही कपिलधारा कॉलोनी भी स्थापित है ,जिसमें हजारों की तादात पर लोग रह रहे हैं और गंभीर बीमारियों के शिकार भी हो रहे हैं ! दिन रात उड़ने वाले धूल परेशानियों का सबब बना हुआ है !
बगल में ही स्थापित है स्कूल- मनोज सोनी ने बताया कि साइडिंग की चंद कदम दूरी पर ही एक प्राइवेट स्कूल भी स्थापित है जिसमें सैकड़ों बच्चे पढ़ रहे हैं दिनभर उड़ने वाले दस्त से इन बच्चों के स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ रहा है अगर समय रहते धूल डस्ट को नहीं रोका गया तो भविष्य में इन बच्चों व आम नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ करना साबित होगा !
गंभीर बीमारी के हो सकते हैं शिकार- कोतमा में पदस्थ डॉक्टर के एल दीवान ने बताया कि कोयले के धूल उड़ने से आम नागरिकों को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें स्वास, दमा, खांसी सहित गंभीर बीमारियां हो सकती है ! अगर धूल के कड़ अधिक मात्रा में उड़ रहे हैं ,और यह फेफड़े में जाकर जमते हैं तो इसमें मौत तक भी हो सकती हैं ! सवाल यहां पर या उठता है इतना गंभीर बीमारी होने के बावजूद भी प्रदूषण विभाग इस ओर किसी प्रकार का ध्यान नहीं दे रहे हैं !
