मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ऋण लोन करना लगता बैंक प्रबंधक को झंझट वाला काम,कई महीनों से जानबूझकर लटकाकर कर रहे परेशान, बाकी लोन भारतीय स्टेट बैंक शाखा कोतमा काँलरी से हो रहे फटाफट, और मुख्यमंत्री स्व.रोजगार योजना के कार्य पर बैंक प्रबंधक रोता स्टाफ का रोना
कोतमा - मध्य प्रदेश की सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का शुभारंभ हुए कई वर्ष हो गए लेकिन योजना का लाभ पाने के लिए लोग एडी चोटी और माथे से पसीना बहा रहे हैं लेकिन समय पर आज उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा हैं नगर पालिका जिला उद्योग कार्यालय अनूपपुर व बैंको के चक्कर लगा लगा कर थक जाते हैं और यह भी कहने से नहीं चूकते कि सरकार ने जिन योजनाओं के तहत हम गरीब बेरोजगारों को रोजगार व व्यपार के लिए ऋण पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर होते हैं अधिकारियों को कमीशन न देने पर कई कमियां आवेदन के दस्तावेजों में गिना कर बार-बार दौड़ धूप करवाकर परेड कराई जाती है।जहा एक ओर इस योजना के तहत सरकार बेरोजगारी को कम करने का प्रयास कर रही हैं यह योजना मध्य प्रदेश के युवा वर्ग के लिए वरदान साबित हो सकती हैं। आज भी हमारे देश में बहुत से ऐसे युवा हैं जो अपना खुद का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं मगर पैसों की कमी के कारण बेरोजगारी की मार झेलने पर आज विवश है।
मुख्यमंत्री रोजगार योजना का लाभ के लिए भटक बेरोजगार -
नगर पालिका परिषद पसान द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत कोतमा कालरी भालूमाडा़ एवं जमुना कॉलरी से 5-5 बेरोजगार गरीब युवाओं व महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भालूमाड़ा से गोपी प्रसाद साहू,कविता तिवारी,देवानंद सारथी,गोपाल स्वामी एवं दीपा चौधरी वार्ड न. 13 के आवेदन जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय भेजा गया वर्ष 2019-20 के लक्ष्य के मुताबिक आवेदन स्वीकृत हो कर भारतीय स्टेट बैंक शाखा कोतमा कालरी एवं जमुना कॉलरी में आए कई महीने हो गए लेकिन बैंक प्रबंधक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को दरकिनार करते हुए आवेदनकर्ता की स्वीकृत राशि को कई महीनों बीत जाने के बाद भी पात्र व्यक्तियों को अब तक लाभ न दे सके और आवेदनकर्ता आए दिन सुबह नई आस सोच उमंग सरकार से बैंक के माध्यम से लगाए बैठे रहते हैं उनका लोन स्वीकृत हो जाएगा जिससे वह अपना खुद का व्यापार कर जीवन यापन कर सकेंगे किंतु उन गरीबों का सपना सुबह की किरण व सवेरा से शुरू होती है और प्रतिदिन शाम ढलते ही सपने चकनाचूर हो रहे हैं आखिर लापरवाह अधिकारियों पर सरकार व जिले के उच्च अधिकारी आखिर कब कानून का हंटर इन पर चलाएंगे।
कोतमा कॉलरी बैंक मैनेजर के बिगड़े बोल -
भारतीय स्टेट बैंक कोतमा कालरी के बैंक मैनेजर कृष्ण चंद्र साहू से जब फोन पर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत सैंक्शन हुए पांच व्यक्तियों को अब तक लोन वितरण न किए जाने के संबंध में चर्चा की गई और क्लोजिंग डेट मार्च 2019-2020 है, तो ऐसे में कैसे गरीबों को रोजगार के लिए समय पर पैसे मिल सकेगा, तब बैंक मैनेजर साहब साँहू के सुर ताल के साथ-साथ बोल ही बदल गए उन्होंने कहा कि हमारे पास स्टाफ की कमी है जिससे मुख्यमंत्री स्व.रोजगार योजना के लोन की सैंक्शन राशि उन व्यक्तियों के खाते में अब तक नहीं जा सकी मीडिया कर्मी द्वारा जब उनसे यह पूछा गया आप के बैंक के ऊपर स्टाफ को की कमी है तो फिर ऐसे में अन्य लोन कैसे स्वीकृत हो जा रहे हैं दनादन , तब बैंक मैनेजर साहब कहने लगे कि अगर आपको इस बात से दिक्कत है तो मैं यह लोन भी करना बंद कर दूंगा। मान लीजिए आपके सामने 10 तरह के पकवान परोसे गए है और आपको कह दिया जाए कि 4 प्रकार के पकवान स्वादिष्ट ही खाना खाए तो हैं तो जो सबसे ज्यादा अच्छे व स्वादिष्ट होंगे आप वही ना खाएंगे वैसे ही हमारा भी हाल है जो हमको ज्यादा आरामदायक लगता है हम वही काम करते हैं।कुछ ऐसे ही झंझट वाले काम है समय निकालकर किसी छुट्टी वाले दिन वह भी कार्य कर दूंगा।
कहना है -
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के पात्र व्यक्तियों की सूची भारतीय स्टेट बैंक शाखा कोतमा कालरी व जमुना कॉलरी में कई महीने पहले भेज दी गई है किन कारणों से बैंक प्रबंधन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है वही जाने। अपने कर्मचारियों को बैंक में आए दिन भेज कर इस संबंध में पता कराने का प्रयास कर रहा हूं।
रामसेवक हलवाई
मुख्य नगरपालिका अधिकारी,पसान
हमारे यहां 5 व्यक्तियों के नाम जिला उद्योग केन्द्र से आए हैं सेंक्शन राशि अभी स्वीकृत नहीं हुई है जल्द ही राशि स्वीकृत कर उनके खाते में डाल दी जाएगी।
कार्तिकेश चौधरी
भारतीय स्टेट बैंक
शाखा प्रबंधक,जमुना कॉलरी