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नपा पसान क्षेत्र में सप्ताहिक बाजार बैठकी वसूली का बंदरबांट जोरो पर,भ्रष्टाचारी भीष्म पितामह कौन..?

सप्ताहिक बाजार जमुना/ भालूमाडा़ बाजार बैठकी वसूली राशि पर लगभग 10 लाख की हुई हेराफेरी,अध्यक्ष सीएमओ की रजामंदी से फलता फूलता रहा भ्रष्टाचार,नपा पसान में विकास की गंगा बहने के बजाय भ्रष्टाचार की बह रही उल्टी गंगा,भ्रष्टाचार की गंगा में आखिर कौन लगा रहा डुबकी..!

कोतमा/ अरुण त्रिपाठी - अनूपपुर जिले के बहुचर्चित नगर पालिका पसान में बैठकी कर वसूली राशि का जमकर बंदरबांट हो रहा है,नगर पालिका पसान में एक हफ्ते में दो दिन बाजार बैठकी होती है जहा अध्यक्ष एवम सीएमओ के चहेते नगर पालिका कर्मचारियों से बाजार बैठकी वसूली कराने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर सौंपी गई है।लेकिन बाजार बैठकी की वसूली राशि नगर पालिका के खाते में लगभग प्रत्येक हफ्ते 5 सौ रुपए से लेकर 6 सौ रुपए तक मात्र जमा होते हैं जबकि लगभग 3 हजार से अधिक रुपए की बैठकी वसूली होती है,तो बाकी पैसे आखिर कौन करता है हेराफेरी।भालूमाड़ा में गुरुवार के दिन स्थानीय एवम दूर दराज के व्यापारी अपनी दुकान लगाकर सामानों का क्रय विक्रय करते हैं तो वही मंगलवार के दिन जमुना में बाजार लगती है।भालूमाड़ा में लगभग 3 सौ से अधिक दुकानें लगकर सजती है और नगर पालिका परिषद पसान द्वारा बिना रसीद दिए ही भालूमाड़ा एवम जमुना में बैठकी वसूली कराई जाती है।किसी से 10 रुपए तो किसी से 20 रुपए व्यापारियों से बैठकी वसूली के नाम पर पैसे लिए जाते हैं किंतु रकम 3 हजार वसूली तो होती है लेकिन नगर पालिका में नाम मात्र के लगभग 7 सौ रुपए जमा होते हैं।वही जमुना बाजार बैठकी का भी हाल बेहाल नजर आता है,बैठकी वसूली में लगभग 25 सौ रुपए की वसूली कर के औने पौने दाम शासकीय नगर पालिका में जमा हो रहे हैं और सब बाजार बैठकी राशि पर अपने अपने जेब भर कर भर्रेशाही चला रखे हैं।

कोविड महामारी समय बंदरबांट के बाद भी 4 माह तक18 सौ से 22 सौ रुपए हुए जमा -

नगर पालिका परिषद,पसान में बाजार बैठकी वसूली राशि का जमकर जिम्मेदार गोलमाल कर रहे हैं।सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार कोविड महामारी के समय पूर्व नपा कर्मचारी द्वारा जिसे बाजार बैठकी वसूली का जिम्मा मिला था उसके द्वारा वर्ष 2020-21 में 3 से 4 महीने भालुमाड़ा में बाजार बैठकी वसूली 18 सौ से 22 सौ रुपए नगर पालिका के खाते में जमा होते थे।जबकि दुकानें कोविड महामारी के समय कम लगा करती थी इसके बावजूद भी विगत 4 माह तक 18 सौ से 22 सौ रुपए बाजार बैठकी उपरोक्त कर्मचारी द्वारा जमा किए जा रहे थे।जबकि आज भालूमाड़ा में गुरुवार के दिन साप्ताहिक बाजार बैठकी में लगभग 3 सौ से अधिक छोटे एवम बड़े व्यापारी दुकान लगाते हैं इसके बावजूद भी 6 सौ रुपए नगर पालिका के खाते में बाजार बैठकी राशि जमा हो रही है।

बाजार बैठकी वसूली में चार वर्षो तक होता रहा भ्रष्टाचार, जिम्मेदारों को नहीं कोई खोज खबर - 

नगर पालिका परिषद पसान की वर्तमान परिषद के अध्यक्ष सुमन राजू गुप्ता के साढ़े चार वर्षो के कार्यकाल में भालूमाड़ा-जमुना बाजार बैठकी राशि वसूली में जमकर बंदरबांट कर राशि की हेराफेरी होती रही और जिम्मेदार अध्यक्ष सीएमओ कुमकरणीय नींद पर सो रहे हैं।ऐसा नहीं है कि इसकी भनक अध्यक्ष सीएमओ को नही है लेकिन इसके बावजूद बाजार बैठकी राशि वसूली की रकम को कुछ वार्डो के जनप्रतिनिधियों एवं चहेते व्यक्तियों को रकम प्रति सप्ताह 3 सौ के हिसाब से 4 व्यक्तियों को 1200 रुपये अलग से निकाल कर वर्तमान में भालूमाड़ा बाजार बैठकी वसूली राशि का बंदर बांट विगत साढ़े 4 वर्षो से चल रहा है कल्पना कीजिए कि विगत साढे़ 4 वर्षों में कितने लाखों रुपए पंजीरी के प्रसाद की तरह चहेतों को बढ़ते रहें और चेहरे बाजार बैठकी वसूली राशि पर अपने अपने भोग लगा रहे हैं ,जिसे देखने सुनने वाला कोई नहीं और पक्ष विपक्ष के पार्षद नेता जनप्रतिनिधि बाजार बैठकी घोटाले पर अपनी अपनी चुप्पी साधे बैठे हैं।कोई बैठकी वसूली से अपनी राजनीतिक पैठ बिछा रहा है तो किसी को अपने वोट बैंक की चिंता सता रही है कि यदि बाजार बैठकी की राशि का हेराफेरी पर आवाज उठाते हैं तो उनका हुक्का पानी नपा से बंद न हो जाए।

नपा पसान बैठकी वसूली राशि पर 10 लाखो का गोलमाल -

नगर पालिका परिषद पसान में भ्रष्टाचार के नए नए अध्याय विगत साढ़े 4 वर्षो के कार्यकाल में लिखे गए,नपा अध्यक्ष सुमन राजू गुप्ता अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीनता साफ साफ झलकती है। नगर के लोगो से विकास कार्यों के बड़े बड़े वादे चुनाव के समय किए गए लेकिन साढ़े 4 वर्षो तक विकास के नाम का झुनझुना ही लोगो को पकड़ाया जाता रहा।खुद के विकास पर सीएमओ अध्यक्ष लगे रहे और आम जनता के विकास कार्य एवम समस्याओं की कोई खोज खबर नहीं रही।अध्यक्ष सीएमओ के नाक के नीचे भालूमाड़ा जमुना बाजार बैठकी में विगत दसों लाख रुपए का गोलमाल हो गया और जिम्मेदारों को इसकी खोज खबर न हो यह कैसे संभव हो सकता है।वर्तमान में बाजार बैठकी प्रतिमाह लगभग 6 सौ रुपए जमा हो रही है और प्रतिदिन 50 - 60 रुपए जबकि कड़वी सच्चाई इसके उलट है।भालूमाड़ा में लगभग 3 हजार रुपए प्रति सप्ताह के हिसाब से वसूली हो रही है तो प्रतिमाह 12 हजार रुपए तो वही साढ़े 4 वर्षो में लगभग 6 लाख 50 हजार रुपए जमा होना चाहिए किंतु साढ़े चार वर्षो में भालूमाड़ा बाजार बैठकी में डेढ़ लाख से ज्यादा की राशि अब तक जमा नही हुई और यही हाल जमुना बाजार बैठकी वसूली का है जो औने पौने रुपए नगर पालिका के खाते में जमा कर बैठकी वसूली राशि का बंदरबांट होता रहा,जमुना बाजार बैठकी में साढ़े चार वर्षो में लगभग 1 लाख रुपए ही जमा हुए।आखिर किस के इशारे से बाजार बैठकी राशि का बंदरबांट करने का गोरखधंधा साढ़े चार वर्षो से चल रहा है।

कहना है -
मुझे काफी दिनों से बाजार बैठकी वसूली राशि कमा जमा करने के संबंध में जानकारी मिल रही थी, अगले सप्ताह मैंने स्वयं बाजार बैठकी भालूमाडा़ का निरीक्षण किया है, यदि वसूल की गई जमा राशि में सुधार नहीं तो कर्मचारी बदले जाएंगे

रामसेवक हलवाई
 मुख्य नगरपालिका अधिकारी पसान
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