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पंचायती चुनाव निरस्त,फिर भी कड़ाके की ठंड में पसान में चुनावी सरगर्मी तेज.?

कोतमा/अरुण त्रिपाठी - प्रदेश में भले ही पंचायती चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग ने फिलहाल निरस्त कर दिया हो,लेकिन अनूपपुर जिले की तीन नगर पालिका पसान,कोतमा और अनूपपुर में अध्यक्ष पद का आरक्षण सामान्य सीट होने की घोषणा हुई तभी से तीनों नगर पालिका क्षेत्र में ठंड के मौसम में भी राजनीतिक चहल पहल,सरगर्मी तेजी से बढ़ गई।वही कांग्रेस पार्टी की 15 महीने की कमलनाथ सरकार ने नगर पालिका चुनाव अध्यक्ष जनता से न करवा कर पार्षदों की रजामंदी से अध्यक्ष चुनने को लेकर अध्यादेश कानून बनाया तब से कई राजनीतिक पार्टी के दिग्गज नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे थे,किंतु उपरोक्त मामला आज माननीय न्यायालय में विचाराधीन है इसके बावजूद पसान नगर पालिका क्षेत्र में कांग्रेस बीजेपी अपनी राजनीतिक पैठ जमीनी तट पर बनाने में जुट गए हैं।यदि भविष्य में नगर पालिका परिषद पसान में अध्यक्ष पद का चुनाव आम जनता के जरिए से होता है तो भाजपा कांग्रेस के बड़े बड़े दिग्गज अध्यक्ष पद के टिकिट के लिए अपनी अपनी पार्टी से टिकिट के लिए ताल ठोकेंगे।अब यह देखना होगा कि कांग्रेस भाजपा राजनीतिक पार्टियां अपने अपने जीत के समीकरण तय कर,किस नेता पर जीत का भरोसा जताती है और टिकट थमा कर किसे मैदान में उतारती है।वर्तमान नगर पालिका परिषद पसान का चुनाव मार्च माह के महिनें में कार्यकाल खत्म होने जा रहा है,अब यह देखना होगा कि कितनी जल्दी प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव कराने की हरी झंडी मिलती है या फिर पंचायती चुनाव जैसे नगरीय निकाय चुनाव पर भी संकट के बादल मंडराएंगे या छटेंगे,यह आने वाला समय ही तय करेगा।लेकिन आज नगर पालिका पसान क्षेत्र में पान ठेलो होटलों चौराहे तिराहे पर चुनाव पर चर्चा जोरो पर हो रही है और राजनेता अपनी अपनी राजनीतिक पैठ आम जनता से मुलाकात कर अपनी राजनीतिक साख बनाने में जुट गए हैं।अब किस पार्टी का किस नेता पर नगर पालिका अध्यक्ष पद का प्रत्याशी का ताज सजेगा यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।

भाजपा में कई दिग्गज नेताओं का भविष्य दांव पर -

पसान नगर पालिका का चुनाव वर्ष 2017 में भाजपा और कांग्रेस पार्टी दोनो राजनीतिक दलों के लिए ठीक नहीं रहा कारण सही प्रत्याशी का चयन न होना।एक ओर भाजपा ने नए नवेले चेहरे सपना शिवहरे को अध्यक्ष के पद पर जीत का दाव लगाई तो वही कांग्रेस भी बीजेपी के नक्शे कदम पर सरोज सूर्या लोधी को अपना प्रत्याशी बनाकर जीत की हुंकार भरी लेकिन भाजपा कांग्रेस दोनो ही राजनीतिक पार्टी के प्रत्याशी को निर्दलीय प्रत्याशी सुमन राजू गुप्ता ने चारो खाने चित कर दिया और भारी मतों से जीत का परचम लहराया वही इसके पहले सुमन राजू गुप्ता ने कांग्रेस पार्टी से टिकट मिलने पर जीत हासिल की थी और वही एक बार भाजपा के दिग्गज नेता रामअवध सिंह ने भरी मतों से जीत हासिल कर सुमन राजू गुप्ता को पराजित कर हार का स्वाद चखाया था।वही वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष कभी कांग्रेस का दामन ओढ़ लेती हैं,तो कभी बीजेपी का और जब पार्टी से टिकट नहीं मिलती तो अपनी ही पार्टी से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान पर उतर जाती है।वही नगर पालिका परिषद पसान की अध्यक्ष सुमन राजू गुप्ता का कार्यकाल ज्यादा अच्छा तो नही कहा जा सकता क्योंकि नगर के विकास कार्य के नाम पर मात्र लीपापोती ही की गई और चुनाव के समय जनता को विकास के लुभावने सपने दिखाकर चुनाव पर जीत तो हासिल कर ली लेकिन उनके वर्तमान कार्यकाल में नगर के विकास पर ग्रहण सा लग गया और आम जनता से किए गए वादे पूरे अब तक नहीं होने पर क्षेत्र की आम जनता काफी न खुश दिखाई दे रही है।ऐसे में भाजपा पसान नगर पालिका क्षेत्र में अध्यक्ष पद के लिए किस दिग्गज, प्रभावशाली,जनाधार नेता पर दांव लगाती है यह आने वाला वक्त ही तय करेगा लेकिन आज बड़े बड़े दिग्गज नेता भाजपा की ओर से अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनने के लिए जुगाड में लगे हुए हैं।


वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा से दावेदार -

वर्तमान अध्यक्ष सुमन राजू गुप्ता कांग्रेस निर्दलीय प्रत्याशी बनने के बाद जीत हासिल करने के बाद वर्तमान में भाजपा का दामन थाम लिया,जिससे नगरीय निकाय चुनाव वर्ष 2022-23 के चुनाव में भाजपा में अध्यक्ष पद की उनकी मुख्य दावेदारी होगी वही सुमन राजू गुप्ता के भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों में आपसी गुटबाजी कई फाड़ो में नजर आ रही है जो खुलकर नजर आ रही है।अब देखना यह होगा कि भाजपा उन पर ही दाव लगती है या अपने जमीनी कार्यकर्ता दिग्गज नेताओं पर।

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रबल दावेदार -

अनूपपुर जिले के भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान जिला उपाध्यक्ष राम अवध सिंह पर पूर्व में नगर पालिका पसान के अध्यक्ष पद हेतु दांव खेला था और उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को हार का स्वाद चखाया था,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह की पैठ क्षेत्र की आम जनता एवम भाजपा संगठन में अच्छी खासी आज भी बनी हुई है।क्षेत्र की आम जनता इन्हे विकास पुरुष के नाम से भी जानती है क्योंकि इन्होंने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में नगर के कई विकास कार्य को आयाम दिया और आम जनता को नई नई सौगात दी जिसकी वजह से क्षेत्र की आम जनता अपने चहेते विकास पुरुष नेता को पुनः अध्यक्ष पद के लिए सबसे ज्यादा पसंद कर रही है जिससे नगर के विकास कार्यों में जो ग्रहण लग चुका है वह विकास कार्य सही पटल पर आ सके।

भाजपा से संध्या मिश्रा भी अध्यक्ष पद प्रत्याशी की दौड़ में -

भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े बड़े दिग्गज नेता नपा पसान चुनाव 2022-23 पर अपनी अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में उतरने के लिए तैयार है वही अनूपपुर के भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष उमेश मिश्रा की पत्नी संध्या उमेश मिश्रा भी भाजपा से प्रबल दावेदार हो सकती है।निश्चित तौर पर उनकी दावेदारी से कई राजनीतिक नेताओं के चुनावी समीकरण बिगड़ सकते हैं और यदि भाजपा लोकल ब्राम्हण महिला प्रत्याशी पर चुनाव मैदान में उतरने से निश्चित तौर पर इसका लाभ भाजपा संगठन को मिलेगा।संध्या उमेश मिश्रा की आम जनता के बीच अच्छी खासी पैठ लोकप्रियता बनी हुई है। अगर भाजपा इन पर दांव लगाती है तो निश्चित तौर पर इसका फायदा भी भाजपा को जीत की सौगात मिल सकती है।

पसान मंडल अध्यक्ष भी नपा अध्यक्ष के प्रबल दावेदार -

जैसे जैसे नपा का चुनाव नजदीक आ रहा है भाजपा में दावेदारों की सूची लंबी होती चली जायेगी,पसान मंडल में भाजपा संगठन को जमीनी स्तर पर सभी वार्डो में मजबूती प्रदान करने वाले वर्तमान मंडल अध्यक्ष सिद्धार्थ त्रिवेदी भी नपा अध्यक्ष की इस दौड़ से अछूते नहीं हैं।उनकी पैठ भाजपा कार्यकर्ताओं व आम जनता में अच्छी खासी बनी हुई है और सिद्धार्थ त्रिवेदी पूर्व में पार्षद भी रह चुके हैं और उनके पिता श्री शिवराजदत्त त्रिवेदी पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं,एक समय ऐसा भी था कि पसान नगर पालिका क्षेत्र में उनकी राजनीतिक तूती बोलती थी उन्हे राजनीतिक भीष्म पितामह भी लोग कहते हैं। यदि वरिष्ठ भाजपा नेता व उनके पुत्र सिद्धार्थ त्रिवेदी मंडल अध्यक्ष ब्राम्हण चेहरे पर दांव खेलती है तो निश्चित तौर पर भाजपा को जीत हासिल हो सकेगी।

वरिष्ठ भाजपा नेता विमल त्रिपाठी भाजपा प्रत्याशी की दौड़ में -

यदि आने वाला नगरीय निकाय चुनाव अध्यक्ष पद से होगा तो निश्चित तौर पर वरिष्ठ भाजपा नेता विमल त्रिपाठी भी इस कतार पर खड़े नजर आ रहे हैं कारण भाजपा नेता के शीर्ष नेताओं में अच्छी खासी पैठ व नजदीकी और नगर की आम जनता में उनकी स्वच्छ छवि,ब्राम्हण चेहरा।भाजपा संगठन के लिए बिना स्वार्थ हित के पार्टी संगठन के समर्पित रहना उनकी पहचान है।आम जनता के बीच मिलनसार व्यवहार यदि भाजपा इन पर दांव लगाती है,तो यह ब्राम्हण चेहरा भी पसान नगर पालिका अध्यक्ष पद में जीत का परचम लहरा सकता है।

कांग्रेस के कई दिग्गज नेता अध्यक्ष पद प्रत्याशी के दावेदार -

प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की 15 महीनो की कमलनाथ सरकार आने के बाद धीरे धीरे कांग्रेस पार्टी जमीन पर मजबूत होती चली जा रही थी किंतु आपसी गुटबाजी कांग्रेस पार्टी की प्रदेश में सरकार की नईया डूबा दी और धीरे धीरे कांग्रेस पार्टी की साख गिरती चली जा रही है लेकिन कांग्रेस पार्टी की पैठ आज भी पसान नगर पालिका क्षेत्र व आम जनता में अच्छी खासी बनी हुई है,कांग्रेस पार्टी बाहर से जितनी खोखली दिखती है अंदर से उतनी खोखली नही बल्कि पसान क्षेत्र में भाजपा के बड़े बड़े दिग्गज,प्रभावशाली नेता होने के बाद भी कांग्रेस के कुछ नेताओं की लोकप्रियता के सामने कही नही टिकते जिससे निश्चित तौर पर कांग्रेस पार्टी यदि पसान नगर पालिका क्षेत्र में सही प्रत्याशी चुनकर अध्यक्ष पद के लिए जीत पर दांव लगाती है तो निश्चित तौर पर पार्टी संगठन को मजबूती मिलेगी और जीत का ताज भी कांग्रेस पार्टी पर क्षेत्र के मतदाता सजा सकते हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक त्रिपाठी दावेदारी की पहली कतार पर -

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक त्रिपाठी भी नपा अध्यक्ष पद हेतु कांग्रेस पार्टी से प्रबल दावेदार हैं,जब अनूपपुर जिले सहित कोयलांचल क्षेत्र में मंत्री बिसाहू लाल सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद बड़े बड़े कांग्रेस के दिग्गज नेता कांग्रेस पार्टी से पलायन कर भाजपा का दामन झंडा थामने में लगे हुए थे उस बदलाव के तूफान की हवा में भी कांग्रेस के सच्चे सिपाही के रूप में कांग्रेस को मजबूत करने में अशोक त्रिपाठी लगे हुए थे।कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पण भाव और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व दिग्गज नेताओ में उनकी अच्छी खासी नजदीकी,आम जनता के प्रति सरल स्वभाव के धनी अशोक त्रिपाठी भी कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी बनकर अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर नपा पसान में कांग्रेस पार्टी को वापस सत्ता की ओर ले जाने का दरवाजा खोल सकते हैं।घर घर जाकर आम जनता से रूबरू होना,गरीब बेसहाय लोगो की बिना स्वार्थ भाव के सेवा भाव से चौबीसों घंटे आम जनता के लिए समर्पित रहना ही उनकी पहचान है।


लोकल ब्राम्हण चेहरा संजू मिश्रा भी कांग्रेस प्रत्याशी की कतार पर -

नगरीय निकाय चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहा है,वैसे ही चुनाव की तैयारी ठंड के मौसम में भी जोर पकड़ रही है।कांग्रेस पार्टी के सच्चे सिपाही के रूप में संजू मिश्रा का सम्पूर्ण परिवार जाना जाता है जो पार्टी के लिए निस्वार्थ समर्पण भाव से जिम्मेदारी मिलने पर पार्टी को समय समय पर मजबूती प्रदान करते रहे हैं।संजू मिश्रा पसान गांव के एक लोकल ऐसे नेता व कार्यकर्ता है जो बिना लाभ और लालसा के कांग्रेस पार्टी के लिए हमेशा समर्पित रहे हैं और पूरे क्षेत्र में इनकी एवम उनके परिवार की आम जनता के बीच पैठ बनी हुई है।यदि कांग्रेस पार्टी लोकल ब्राम्हण चेहरा संजू मिश्रा पर दांव लगाती है तो बड़े बड़े दिग्गज नेताओं के दांत खट्टे कर देने का दम रखते हैं और पार्टी को जीत हासिल दिला सकते हैं।समय समय पर उन्होंने गरीब असहाय जरूरतमंद लोगों को मदद के लिए अपने घर के दरवाजे खोलकर अपने हाथ उनकी मदद के लिए हमेशा बढ़ाए है, इनकी स्वच्छ छवि ही इनकी पहचान है।

मुकेश शर्मा कांग्रेस पार्टी से प्रबल दावेदार प्रत्याशी-

वैसे तो भाजपा और कांग्रेस में बड़े बड़े दिग्गज नगर पालिका पसान नगरीय निकाय चुनाव में अपनी अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं और आम जनता के बीच अपना अपना चुनाव प्रचार अभियान भी शुरू कर दिया है लेकिन कांग्रेस पार्टी का एक युवा,जुझारू चेहरा मुकेश शर्मा जो किसी पहचान का मोहताज नहीं है।कांग्रेस पार्टी के लिए उनके पूज्य पिताश्री तिलकराज शर्मा जो इंदिरा गांधी की हत्या के बाद प्रथम जेल कैदी यात्री के रूप मे अपना नाम दर्ज कराया है वही मुकेश शर्मा के बड़े भाई नरेश शर्मा जिन्होंने कांग्रेस पार्टी के लिए जीवन भर समर्पण भाव से निस्वार्थ पार्टी संगठन के लिए त्याग बलिदान के लिए हमेशा पार्टी संगठन को मजबूत करने में लगे रहे,जिनकी क्षेत्र में अच्छी खासी पकड़ बनी है और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व. नरेश शर्मा कांग्रेस पार्टी के कई पदों पर रहते हुए बखूबी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।उनके परिश्रम त्याग के कारण कांग्रेस पार्टी पसान क्षेत्र में और मजबूत हुई और स्व. नरेश शर्मा जी की पैठ कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व अरुण यादव सहित प्रदेश के दिग्गज नेता स्व. दलबीर सिंह व स्व. राजेश नंदिनी के परिवार से काफी नजदीकी रहा है।वही स्व. नरेश शर्मा के छोटे अनुज मुकेश शर्मा एनएसयूआई से छात्र नेता के रूप में राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा और कांग्रेस पार्टी को मजबूती दिलाई।और उनकी क्षेत्र में स्वच्छ छवि और कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पण भाव निस्वार्थ कार्य करते रहे यदि इनको कांग्रेस पार्टी से अध्यक्ष पद के लिए दाव लगाती है तो ब्राम्हण चेहरे के साथ साथ कांग्रेस के एक सच्चे सिपाही के रूप में खरा उतरेंगे और जीत हासिल कर कांग्रेस पार्टी का परचम लहरा सकते हैं।वही कांग्रेस पार्टी अपने पूर्व प्रत्याशी सरोज सूर्या लोधी पर भी दाव खेल सकती है,अब देखना यह होगा कि कांग्रेस पार्टी ब्राह्मण चेहरे पर दांव लगाती है या फिर पुराने चेहरे के सहारे चुनाव की बैसाखी पर चुनाव लडेगी।
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