सीएमओ रामसेवक हलवाई पसान एंव विकास चंद्र मिश्रा सीएमओ कोतमा सहित उपयंत्री पर गिरी निलंबन कार्यवाही की गाज, आखिर फर्जी भर्ती घोटाले के बड़े मगरमच्छों पर कब होगी कार्यवाही, तीनों नगर परिषद में संविलियन एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की भर्ती कब होगी निरस्त, दोषियों पर कब दर्ज होगा मुकदमा या फिर छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर मामले को किया जाएगा रफा दफा, संविलियन भर्ती प्रक्रिया में जमकर पैसे का लेनदेन, भाजपा कांग्रेसी कई दिग्गज नेताओं के नेता ने रिश्तेदार चहेतो को संविलियन एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में कराया फर्जी भर्ती।
फर्जी घोटाले को उजागर करने वाले स्थानीय दो पत्रकारो पर सीएमओ राजेंद्र कुशवाहा ने पूर्व में झूठी शिकायत थाने में कराई थी दर्ज, शिकायत के बाद भी पत्रकारों ने फर्जी भर्ती घोटाले को मुहिम चलाकर प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशन कर कुंभकरणी की नींद में सो रही सरकार को जगाने का काम किया।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान ने तीनों नगर परिषद मे हुई फर्जी भर्ती घोटाले को लेकर सड़क से लेकर तहसील व जिले में किया गया धरना प्रदर्शन व विरोध। वही कांग्रेस के दो-दो विधायक फर्जी भर्ती घोटाले में साधे रहें चुप्पी
कोतमा - मध्य प्रदेश में अनूपपुर जिले के अंतिम छोर में तीन ग्राम पंचायत डोला,डूमर कछार व बनगवा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीनों ग्राम पंचायत को नवगठित नगर परिषद बनाने की घोषणा की वैसे ही तीनों नवगठित नगर परिषद के भ्रष्टाचारी पूर्व सचिव वर्तमान लेखापाल डोला राजकिशोर शर्मा, बनगवा राजेश मिश्रा एवम डूमर कछार रजनीश शुक्ला ने भ्रष्टाचार की नीव रख दी थी।जहा बाहरी अपात्र अपने चहते व्यक्तियों व रिश्तेदारों को ग्राम पंचायत के मनरेगा योजना कार्यों में फर्जी मजदूरों का जॉब कार्ड बनाकर मास्टर रोल में फर्जी हाजरी भरकर आपत्र को पात्र बनाने का कूट रचना रचित षड्यंत्र रच कर भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का खेल शुरू हुआ।जिसमे से सत्ता पक्ष के कुछ बड़े बड़े दिग्गज नेताओं के पुत्र पुत्री भाई भतीजा बहु को नवगठित नगर परिषद में कर्मचारियों की संविलीयन फर्जी भर्ती की गई,वही कांग्रेस विपक्ष पार्टी के कुछ दिग्गज नेता भी अपने चहेतो की फर्जी भर्ती करवाने में कामयाब रहे।वही डोला,डूमर कछार व बनगवा तीनों नगर परिषद में कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में मापदंडों को दरकिनार कर थोक के भाव कर्मचारियों को संविलीयन फर्जी भर्ती कराई गई। जिला चयन समिति के सदस्य एसडीएम ने अपने रिश्तेदार की संविलियन भर्ती कराई वही तत्कालीन उपयंत्री,कोतमा संदीप उरैती वर्तमान शहडोल ने अपने दो सगे भाइयों को संविलियन फर्जी तरीके से भर्ती करवाकर घोटाले को अंजाम दिया।
युवा कांग्रेस ने लगातार फर्जी घोटाले को लेकर सड़को पर रहा लवंत -
एक ओर तीनों नवगठित नगर परिषद में फर्जी भर्ती घोटाले को लेकर सत्ता पक्ष के नेता चुप्पी साधे रहे तो वही अनूपपुर जिले में कांग्रेस पार्टी के 2-2 विधायक होने के बाद भी कर्मचारियों की सांविलियन फर्जी भर्ती घोटाले के मामले को लेकर मौन रहे।विधायक द्वारा मीडियाकर्मियों से हमेशा कहा जाता रहा कि विधानसभा सत्र में विधानसभा पटल पर जोरशोर से प्रश्न उठाया जाएगा लेकिन तीन सत्र बीत जाने के बाद भी दोनो विधायको ने विधानसभा सत्र में फर्जी भर्ती घोटाले में दो शब्द सरकार से नही पूछे।जिससे कांग्रेस के दोनो विधायको की करनी कथनी में धरती आसमान का अंतर समझ आया वही फर्जी भर्ती घोटाले को लेकर युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने लगातार तीनों नगर परिषद में हुई फर्जी भर्ती घोटाले में सड़को पर आंदोलन नगर परिषद का घेराव,तहसील,एसडीएम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री,राज्यपाल,कमिश्नर,कलेक्टर, एसपी सहित एसडीएम को ज्ञापन देकर लोगो की संघर्ष की लड़ाई लड़ते रहे।वही राजनगर बिजुरी सहित कोतमा के स्थानीय मीडियाकर्मियों ने उपरोक्त मामले को समाचार के माध्यम से जोर शोर से उठाकर सरकार व प्रशासन तक पहुंचाया और कई बार खबर प्रकाशन के बाद राजनगर के 2 पत्रकारों पर आरोप प्रत्यारोप सीएमओ राजेंद्र कुशवाहा द्वारा लगाए गए थे।किंतु पत्रकारों ने हार नहीं मानी और लगातार खबर प्रकाशित करते रहे और अंततः डोला नगर परिषद में फर्जी भर्ती पर गाज गिरी।अब यह देखना होगा कि कर्मचारियों की सांविलियन भर्ती कब निरस्त होती है और दोषियों पर कब एफआईआर दर्ज होगी।
फर्जी भर्ती के मास्टर माइंड सीएमओ,लेखापाल, उपयंत्री,सरपंच सहित नपे -
नव गठित नगर परिषद डोला में फर्जी भर्ती घोटाले के कर्णधार तत्कालीन डोला प्रभारी एवम वर्तमान सीएमओ,पसान रामसेवक हलवाई, सीएमओ,कोतमा विकास चंद्र मिश्रा,उपयंत्री संदीप उरैती तत्कालीन उपयंत्री कोतमा सहित वर्तमान लेखापाल डोला राजकिशोर शर्मा एवम शांति देवी सरपंच,डोला पर संचालनालय,नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र.भोपाल ने कर्मचारियों की संविलीयन भर्ती प्रक्रिया में मापदंडों को दरकिनार व भारी अनियमितता पाने पर दोनो सीएमओ सहित उपयंत्री को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया,वही संचालनालय,नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र.भोपाल ने कोतमा तहसीलदार मनीष शुक्ला/प्रशासक नगरीय प्रशासक डोला जिला अनूपपुर को राजकिशोर शर्मा उप निरीक्षक,डोला एवम सरपंच शांति देवी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का आदेश जारी किया। और जांच में पाया गया कि इन सभी व्यक्तियों ने मिलकर संविलियन कर्मचारियों को पहले फर्जी तरीके से भर्ती किया गया और 1 के साथ साथ 58 मानदेयी कर्मचारियों का संविलियन जो मध्य प्रदेश अधिनियम 1961 की धारा 7(छ) एवम अधिनियम के अंतर्गत निर्मित मध्य प्रदेश नगर पालिका सेवा (वेतनमान एवम भत्ता) नियम 1968 में वर्णित प्रावधानों के विपरित इन सभी को उत्तरदायी है। संविलियन किए गए 58 कर्मचारियों का भुगतान वेतन भत्ते के दृष्टिगत निकाय को माह नवंबर 2021 तक लगभग 76 लाख रुपए आर्थिक क्षति जानबूझकर पहुंचाई गई।
फर्जी भर्ती घोटाले के बड़े मगरमच्छों पर कब होगी कार्यवाही -
नवगठित तीनों नगर परिषद डोला,डूमर कछार,बनगवा में दैनिक वेतन भोगी एवम संविलियन भर्ती प्रक्रिया में बड़े बड़े मठाधीश फर्जी घोटाले में लिप्त है,छोटे कर्मचारियों जैसे सीएमओ,लेखापाल पर फर्जी भर्ती घोटाले में लिप्त अधिकारी कर्मचारियों पर तो निलंबन की गाज गिरा दी जाती है किंतु इस फर्जी घोटाले के बड़े मगरमच्छों पर आखिर कार्यवाही की गाज कब गिरेगी जो आयुक्त शहडोल,नगरीय प्रशासन एवम विकास आयुक्त मकबूल खान जो सूचना के अधिकार पर मांगी गई जानकारी पर लिखित रूप से कहा था कि जब तीनों नगर परिषद में कर्मचारियों की संविलियन भर्ती हुई ही नहीं तो वेतन का सवाल ही पैदा नहीं होता तो ऐसे में मकबूल खान संयुक्त संचालक एवम जिला चयन समिति के सदस्य एसडीएम पर कार्यवाही की गाज कब गिरेगी।या फिर फर्जी भर्ती घोटाले में लिप्त छोटी मछलियों पर कार्यवाही कर बड़े मगरमच्छों को बचाने का खेल चल रहा है।वही प्रशासन एक ओर भ्रष्टाचारी अधिकारियो पर निलंबन तो कर देता है लेकिन चंद दिनों बाद भ्रष्टाचारी माननीय न्यायालय से उपरोक्त मामले में स्टे लेकर पुनः कुर्सी में विराजमान हो जाते हैं।
फर्जी भर्ती घोटाले में लिप्त दोषियों पर कब दर्ज होगा मामला -
नवगठित नगर परिषद डोला में हुई फर्जी भर्ती घोटाले को लेकर संचालनालय,नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र.भोपाल ने एक ओर 2 सीएमओ रामसेवक हलवाई,विकास चंद्र मिश्रा,उपयंत्री संदीप उरैती को निलंबित करने का आदेश दे दिया वही लेखपाल राजकिशोर शर्मा एवम सरपंच शांति देवी के विरुद्ध तहसीलदार कोतमा को अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का फरमान तो दे दिया गया किंतु तीनों नगर परिषद में लगभग कुल 200 लोगो को सांविलियन कराया गया।फर्जी भर्ती घोटाले के सभी कर्णधार अधिकारी,कर्मचारी,नेता,जनप्रतिनिधि, संविलियन कर्मचारियों के विरुद्ध आखिर कब दर्ज होगा मुकदमा या फिर 2-4 छोटे अधिकारियो कर्मचारियों पर निलंबन की कार्यवाही की गाज डालकर पूरे मामले में पर्दा डालने का काम प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।