भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा 20 लाख का पुल निर्माण कार्य..?

शासकीय पैसे की जमकर होली खेल रही बगैहाटोला सरपंच सचिव की जोड़ी, जिम्मेदार बने धृतराष्ट्र,सचिव रुस्तम अगरिया ने माना पुल में नही हुआ है सरिया का उपयोग

अनूपपुर - प्रदेश सरकार भले ही विकास की बात करती हो और प्रदेश के मुख्यमंत्री भले ही मंच से विकास की गंगा प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचाने का वादा करते हो लेकिन अनूपपुर जिले में विकास की गंगा किस तरह बहाई गई है यह जमीनी स्तर पर जा कर देखते बनता है।जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुछ सचिवो के साथ गठजोड़ कर इन दिनों विकास की उल्टी गंगा बहा रहे हैं,जिसकी कई शिकायते भी की गई लेकिन उन शिकायतों पर संज्ञान लेने वाला कोई नहीं है। अनूपपुर जिलें के जनपद पंचायत कोतमा के कुछ ग्राम पंचायत सचिव सरपंच भ्रष्टाचार की सभी पराकष्ठाए पार कर चुके हैं और उच्च अधिकारियों के गैर जिम्मेदारान रवैया के कारण ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर शासकीय पैसे की लूट मची हुई है।आज ग्राम पंचायत बगैहाटोला के सरपंच मोहन पाव व सचिव रुस्तम अगरिया जैसे कुछ जिम्मेदार मलाईदार कुर्सी में विराजमान होकर अपने स्वयं के स्वार्थ सिद्धि के खातिर अनैतिक कार्य करके अत्यधिक धन अर्जित करने का खेल - खेल रहे हैं,ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार की पर्ते इतनी गहरी होती जा रही है जिसे आने वाले वक्त में रोक पाना संभव नहीं दिखाई देता।


मनरेगा के तहत बने पुल में हुआ भ्रष्टाचार -

अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बगैहाटोला में मनरेगा योजना के तहत क्रॉसडेनेज का निर्माण कार्य लगभग 15 लाख रुपए की लागत से कराया गया है।निर्माण कार्य इतनी घटिया क्वालिटी का है कि अभी से पुल में दरारे दिखने लगी है तो बरसात के समय पुल का क्या हाल होगा यह समझ से परे है,वही निर्माण कार्य के समय उपयोग हुआ सीमेंट इतनी घटिया क्वालिटी का है कि हाथ से छूने पर ही गिर जाता है।वही बात की जाए पुल निर्माण कार्य में उपयोग हुए सरिये की तो पुल में सरिया कहा पर पड़ी हुई है दिखाई ही नहीं देती ।पुल के दोनो ओर बड़े बड़े बोल्डर पड़े हुए हैं और अगल बगल में मिट्टी की ढलाई भी नहीं की गई है जिससे आने जाने वाले लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और अगर कोई राहगीर मिट्टी में फिसल गया तो बोल्डर से टकराकर उसके साथ कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।पुल निर्माण कार्य में जमकर लीपापोती की गई है और पुल को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुल 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित हुआ है कि नही।वही तो पुल निर्माण कार्य में काम करने वाली सुखवारिया ने बताया कि मैंने 2 सप्ताह काम किया लेकिन मेरा पैसा आज तक नहीं मिला और सरपंच सचिव ने मिलकर जमकर निर्माण कार्य में लीपापोती की है और पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।

गुणवत्तविहीन कार्य पर हो कार्यवाही -भागवत प्रसाद चौधरी 

जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बगैहाटोला के वार्ड नं 06 के पंच भागवत प्रसाद चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव सरपंच मिलकर ग्राम पंचायत अंतर्गत गुणवत्तविहीन निर्माण कार्य करवा रहे हैं।ग्राम पंचायत बगैहटोला अंतर्गत डोंगराटोला मोहल्ले में पीपल के पेड़ के पास आरसीसी पुल निर्माण कार्य लगभग 5 लाख रुपए की लागत से कराया गया है जो कि पूर्णता गुणवत्तविहीन हैं और अभी से पुल गिरने लगा है।पुल के बनने के बाद लोगो को आने जाने में और भी परेशानियां होती है क्योंकि पुल के ऊपर से आने जाने वाले रास्ते को ही जाम कर दिया गया है।वही लगभग 5 लाख की लागत से बने पुल में घटिया क्वालिटी का मटेरियल उपयोग किया गया है जिसके फलस्वरूप अभी से ही पुल पर बने बीम टूट कर गिरने लगे हैं और पुल निर्माण में कही भी सरिया का उपयोग नहीं कराया गया है और जब सरपंच से निर्माण कार्य में सरिया लगी होने की बात पूछी गई तो सरपंच का कहना है कि पुल से सरिया चोरी कर ले गया कोई।आगे उन्होंने बताया कि फर्जी रूप से बिल लगाकर शासकीय राशि आहरित कर ली गई है और गुणवत्तविहीन कार्य करवाकर जमकर शासकीय पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है।वही आगे उन्होंने बताया कि जब मेरे द्वारा करवाए जा रहे गुणवत्तविहीन कार्यों का विरोध किया जाता है तो देख लेने की धमकी दी जाती है।

कहना है -

जो भी घटिया निर्माण कार्य हुआ है उसे फिर से कराया जायेगा,पुल बिना सरिया के ही बन गया है।

रुस्तम अगरिया
सचिव,ग्राम पंचायत बगैहाटोला

कहना है -

आप ने जानकारी दी है मैं खुद मौके पर जा कर उपरोक्त मामले की जांच करूंगा।

एम के सोनी
मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत कोतमा
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