अनूपपुर - जिले के कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ संगीता प्रजापति जो कि वर्ष 2016 मार्च माह से कोतमा में अपनी सेवाएं लगातार दे रही है और लोगो को आयुर्वेद पद्धति से इलाज के बढ़ावा देते हुए महिला संबंधी मरीजों का इलाज कर दिन रात अपनी सेवाए दे रही है।उन्होंने आयुर्वेद पद्धति से इलाज को बढ़ावा देने के लिए कई कार्य किए हैं और कोतमा क्षेत्र में इसका असर भी देखते बनता है।
आयुर्वेद पद्धति से इलाज में जड़ से खत्म होती है बीमारियां - डॉ संगीता प्रजापति
कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा की आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ संगीता प्रजापति ने बताया कि उन्होंने BAMS का कोर्स पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय कॉलेज भोपाल से किया। जिसके बाद उनकी पोस्टिंग आयुष चिकित्सा अधिकारी के रूप में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटंगी जिला बालाघाट में वर्ष 2012 नवंबर में हुई।जिसके बाद उन्होंने लगातार कई मुकाम हासिल करते हुए आगे बढ़ती गई और ट्रांसफर लेकर वर्ष 2016 मार्च में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा जिला अनूपपुर में आ गई, तबसे लगातार वो अपनी सेवाएं कोतमा क्षेत्र के लोगो को दे रही हैं।
बांझपन, स्त्री रोग और गर्भवती महिलाओं के लिए आयुर्वेद है वरदान - डॉ संगीता प्रजापति
डॉ संगीता प्रजापति ने बताया कि उन्हें 15 अगस्त 2022 को अनूपपुर जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री मीना सिंह एवम तत्कालीन कलेक्टर सोनिया मीणा ने उन्हें सम्मानित भी किया था।आगे डॉ संगीता प्रजापति ने चर्चा के दौरान बताया कि उन्होंने कई ऐसे केस जैसे बांझपन,स्त्री रोग एवम गर्भवती महिलाओं को भी आयुर्वेद के सहारे हैंडल किया जिसका अच्छा परिणाम भी लोगो को मिले।आगे डॉ संगीता प्रजापति ने बताया कि पूरे संभाग में आयुष चिकित्सा विभाग में सबसे ज्यादा ओपीडी मरीजों का रिकॉर्ड भी कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को है।
गर्मियों में लू से बचने के लिए पानी ज्यादा मात्रा में पिए - डॉ. संगीता प्रजापति
डॉ संगीता प्रजापति ने बताया कि इस समय गर्मियों का मौसम चल रहा है और गर्मियों में मधुर और स्निगध आहार का सेवन करना चाहिए और सीधे तौर पर धूम से बचना चाहिए।आगे उन्होंने बताया कि गर्मी से बचने के लिए भरपेट सुपाच्य आहार खाकर ही घर से बाहर निकलना चाहिए व हल्के सूती वस्त्र धारण करने चाहिए।इसी के साथ सत्तू मिश्री और नींबू कांजी ज्यादा मात्रा में पीना चाहिए और आयुर्वेद के हरी वरी करी के सूत्र को ध्यान में रखना चाहिए।
आयुर्वेद पद्धति से शादी के 8 साल बाद हुआ बच्चा - ममता यादव
अनूपपुर जिले की ममता यादव ने बताया कि शादी के लगभग 8 साल हो गए थे और उन्हें संतान नहीं हो रही थी।आगे ममता यादव ने बताया कि हमने बाहर भी कई जगह बड़े बड़े हॉस्पिटल में इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।फिर एक दिन उन्हें कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. संगीता प्रजापति के बारे में जानकारी मिली और वह इलाज के लिए वो उनके पास गई।तभी डॉ. संगीता प्रजापति ने उन्हें आयुर्वेद दवाओं के साथ इलाज कराने की सलाह दी और उनका इलाज किया जिसका उन्हें बहुत ही अच्छा परिणाम मिला और शादी के लगभग 8 वर्ष बाद उन्हें संतान की प्राप्ति हुई।