खतरे में नदियां, अवैध-निरंकुश तरीके से हो रहा रेत खनन, जिम्मेदार क्यों नहीं ले रहे एक्शन?
केवई नदी में रेत माफिया करा रहे अवैध उत्खनन 5 हेक्टेयर खनन की लीज रेत खोद रहे लीज से ज्यादा,तो ठेकेदार के गुर्गे खुलेआम कर रहे गुंडागर्दी
कोतमा/हिमांशू पासी- जिले के विकासखंड कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत चंगेरी के ग्रामीणों ने ठेकेदार के ऊपर रेत और रेत तस्करी करने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से इसकी शिकायत की थी। इसके बावजूद कार्यवाही नहीं होने से अवैध परिवहन करने वालों के हौसले बुलंद है। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया है कि अनूपपुर जिले से अवैध तरीके से रेत का उत्खनन कर ट्रक के माध्यम से मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भेजी जा रही है।अनूपपुर जिले के कोतमा इलाके के चंगेरी स्थित केवई नदी में रेत ठेकेदार लीज क्षेत्र से बाहर जाकर रेत का अवैध खनन शुरू कर दिया है, जबकि इसके लिए राजस्व और खनिज विभाग के अफसरों और कर्मचारियों ने सीमांकन कर दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि इमली घाट और नए रेत घाट के बीच पांच सौ मीटर से ज्यादा नदी का भाग लीज क्षेत्र से बाहर है, लेकिन ठेकेदार द्वारा वहां खनन कराया जा रहा है।
रोजाना होता है नदियों का दोहन -
अनूपपुर जिले की नदियों का दोहन कोई नया काम नहीं है,यह लंबे समय से चलता आ रहा है।जब जिसका मन चाहता है वह अपनी गाड़ी लेकर आ जाता है और नदी को खोद कर वहां से रेत उठाकर लेकर चल देता है।अगर आकड़ों में यह गिना जाए तो रोज अनूपपुर जिले के केवई, सोन आदि नदियों से 300-400 ट्रक व ट्रेक्टर रेत जिले के अलावा अन्य जिले व प्रातों को बेची जा रही है।यह मध्यप्रदेश सरकार के हिस्से की वह कमाई है, जिसे ठेकेदार, रसूखदार व अन्य जिले व प्रांत वाले खुशी-खुशी अपने हक में उपयोग कर रहे हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि अनूपपुर जिला प्राकृतिक संपदा से भरपूर धरती है, जहां धूल, मिट्टी, रेत, गिट्टी से लेकर के सोना तक यहां की नदियां उगलती हैं, लेकिन जिले के प्रशासनिक अधिकारी ने इस प्राकृतिक संपदा को कभी भी गंभीरता पूर्वक ध्यान में नहीं लिया।
जिला प्रशासन ने मूंधी आंखे -
प्रशासनिक अफसरों की लचर कार्य प्रणाली के चलते ओवर लोड रेत से भरे डंपर बेखौफ होकर नगर की सड़कों पर से अंधी रफ्तार से गुजर रहे हैं, लेकिन अफसरों द्वारा ओवरलोड रेत से भरे डंपरों पर कार्रवाई नहीं किए जाने की उनकी भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। केवई नदी स्थित रेत खदान चंगेरी रेत खदानों से ओवरलोड रेत भर कर डंपर और ट्रक नगर के मध्य से निकले स्टेट हाईवे से दिन के उजाले व रात के अंधेरे में गुजरते हैं। नगर की सीमा में प्रवेश करते ही चालक डंपर की स्पीड बढ़ा लेते है। अंधी रफ्तार से गुजरते यह रेत भरे वाहन कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकते है। नगर का व्यस्ततम बैरियल चौराहा से ही रेत से भरे वाहन अंधी रफ्तार से दौड़ते हुए गुजरते है। यह चौराहा पर सुबह से रात तक भारी ट्रैफिक रहता है। सड़क किनारे लगते ठेले व दुकानदारों के द्वारा सड़क के दोनों तरफ दुकानों के सामने 10 से 15 फिट तक सामान रख लिए जाने से चौराहा से निकली स्टेट हाईवे की सड़क मात्र 15 से 20 फीट की ही बचती है। हालांकि अधिकारी क्षमता से अधिक रेत भर कर अंधी रफ्तार से दौड़ते डंपरो, ट्रक आदि वाहनों की जांच कर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाते है। लेकिन कार्रवाई नही की जाती है। लगता है प्रशासन भी गंभीर हादसे का इंतजार कर रहा है। अंधी रफ्तार से दौड़ते रेत से भरे ओवर रोड डंपर कभी भी हादसे का कारण बन सकते है।
रेत ठेकेदार शासकीय संपति को पहुंचा रहा नुकसान -
बहुचर्चित चंगेरी खदान से रेत लोड कर रेलवे की भूमि में परिवहन किया जा रहा था। जिससे परिवहन के दौरान कई पुलिया क्षतिग्रस्त हुई। लगातार शिकायतों के बाद रेलवे पुलिस के द्वारा रेलवे की जमीन से परिवहन करने पर अंकुश लगा दिया। तत्पश्चात ठेकेदार ने चंगेरी गांव के अंदर से गांव में बनी ग्राम सड़क का उपयोग कर रेत से भरे हाईवा वाहन का परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। जब इस विषय को लेकर ग्रामीणवासियों ने ठेकेदार के खिलाफ आवाज उठाई तो ठेकेदार ने स्थानीय पुलिस का रॉब बताकर कहा हम गांव के अंदर से ही बड़ी गाड़ियां ले जाएंगे जिसको जो करना है कर लो।वही जिले के जिम्मेदार अधिकारियों से जब इस संबंध चर्चा करने का प्रयास किया गया तो वह भी अपने कार्यालय से नदारद मिले।
ताजा मामला -
कोतमा थाना अंतर्गत ग्राम निगवानी में दिनांक 6 जनवरी की लगभग 10 बजे रात रेत खदान ठेकेदार के गुर्गे भिंड मुरैना निवासी शुभम सिंह,सोनू सिंह सहित दर्जनों गुन्डे महगी गाड़ियों में हथियार रखकर शहर में खुलेआम घूम रहें।और ये रेत ठेकेदार के गुर्गे शुभम सिंह सोनू सिंह आम नागरिकों के साथ खुलेआम मारपीट कर रहें है वही दूसरी तरफ स्थानीय पुलिस मूक दर्शक बनें तमाशा देख रही है और रेत ठेकेदार के गुर्गे खुलेआम गुंडागर्दी करते हुए मारपीट कर रहे हैं।
रेत ठेकेदार के गुर्गों ने वाहन में की तोड़फोड़ -
6 जनवरी की रात लगभग 10 बजे ग्राम निगवानी निवासी अनुराग सिंह शनि दुबे संदीप नारायण मिश्रा अभिषेक सिंह के साथ रेत ठेकेदार के गुर्गो ने जमकर मारपीट की साथ ही एक बोलेरो वाहन तोड़ फोड़ दिया । जिसकी शिकायत कोतमा थानें में की गई लेकिन पीड़ितों को अब तक राहत नही मिली । मतलब ये कि कोतमा पुलिस ने उल्टा पीड़ित संदीप नारायण मिश्रा अनुराग सिंह पर ही मामला दर्ज कर दिया गया।अब सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस रेत ठेकेदार एवं उनके गुर्गो पर महेरबान क्यों है? जब मारपीट ग्राम वासियों के साथ हुई और मारपीट रेत ठेकेदार के गुर्गो द्वारा की गई तो फिर पुलिस ने मामला पीड़ितों पर ही कैसे बना दिया । तो क्या पुलिस रेत माफियाओं से मिली हुई है या फिर सत्ता का दबाव है यह तो पुलिस ही बता सकती है।कुछ भी हो अगर इसी तरह रेत ठेकेदार के गुर्गो द्वारा आम लोगों के साथ मारपीट किया जाना फिर थानें में झूठा मामला दर्ज कराना ये क्षेत्र के लिए अच्छा संकेत नही है।वही पुलिस विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच कर कार्यवाही करने की बात कही है।