अनूपपुर - नगर पालिका परिषद पसान में राजनीतिक सरगर्मी तेज होती नजर आ रही है। नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष अजय यादव के खिलाफ पार्षदों ने नाराजगी जाहिर करते हुए अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र सौंपा है। पत्र में उपाध्यक्ष पर कथित तौर पर विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने, मंगल भवन के नवनिर्माण कार्य को प्रभावित करने तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। पार्षदों ने इन परिस्थितियों को देखते हुए उनके विरुद्ध निंदा प्रस्ताव एवं अविश्वास प्रस्ताव पारित करने की मांग की है।
मंगल भवन के निर्माण कार्य में बाधा डालने का आरोप-
पत्र में उल्लेख किया गया है कि नगर की जनता की सुविधा के लिए परिषद द्वारा मंगल भवन के नवनिर्माण का कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि इस कार्य को रुकवाने के उद्देश्य से उपाध्यक्ष द्वारा एसईसीएल प्रबंधन तथा संयुक्त संचालक, नगर प्रशासन एवं विकास, शहडोल संभाग को पत्र लिखकर विकास कार्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार का आरोप-
पार्षदों ने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर परिषद की छवि धूमिल करने तथा जनता को भ्रमित करने वाली कथित भ्रामक एवं निराधार बातें लगातार प्रसारित की जा रही हैं। इससे जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका परिषद की प्रतिष्ठा प्रभावित होने की बात कही गई है।
रिश्तेदार को ठेका दिलाने का भी उल्लेख-
पत्र में उपाध्यक्ष अजय यादव पर अपने नातेदार आज़ाद यादव के नाम से नगर पालिका परिषद पसान में ठेकेदारी का कार्य कराते हुए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त करने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने इसे नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विकास कार्यों में अवरोध का आरोप-
पार्षदों का आरोप है कि उपाध्यक्ष द्वारा परिषद के लोकहित एवं जनकल्याणकारी कार्यों में लगातार व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि उपाध्यक्ष अपने पद के दायित्वों का उचित निर्वहन नहीं कर रहे हैं और उनका पद पर बने रहना परिषद के हित में नहीं है।
निंदा और अविश्वास प्रस्ताव पारित करने की मांग-
पत्र के अंत में पार्षदों ने नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुसार उपाध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई करने, उन्हें पद से पृथक करने की प्रक्रिया अपनाने तथा उनके कथित आचरण की निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव एवं अविश्वास प्रस्ताव पारित करने की मांग की है।
16 पार्षदों ने किए हस्ताक्षर-
उपाध्यक्ष के खिलाफ सौंपे गए मांग पत्र पर वार्ड क्रमांक 1 से 18 तक के कुल 16 पार्षदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें वार्ड क्रमांक 1 से पूजा सिंह, वार्ड 2 से गीता अजय यादव, वार्ड 3 से सविता सिंह, वार्ड 4 से विकास कुमार जायसवाल, वार्ड 5 से सरोज लोधी, वार्ड 6 से अलका लालबहादुर जायसवाल, वार्ड 8 से पुष्पा सिंह श्याम, वार्ड 9 से सुशील कुमार (चुन्ना), वार्ड 10 से चेनू, वार्ड 11 से आफरीन फिलहाल हुसैन, वार्ड 12 से अब्दुल कलाम, वार्ड 13 से दीपक कुमार सिंह, वार्ड 14 से दीपाली साहू, वार्ड 15 से अर्चना मुगेरिया, वार्ड 16 से शकुन पनिका और वार्ड 18 से इन्द्रलाल केवट शामिल हैं।
परिषद की आगामी बैठक पर नजर-
16 पार्षदों के एकजुट होकर निंदा प्रस्ताव की मांग उठाने के बाद अब सबकी नजर नगर पालिका परिषद की आगामी बैठक पर है। बैठक में इस मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, उपाध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और इस संबंध में उनका पक्ष सामने आना अभी बाकी है। परिषद की बैठक में होने वाली चर्चा और निर्णय से ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
इस पत्र के सामने आने के बाद नगर पालिका परिषद पसान की राजनीति में हलचल बढ़ने की संभावना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।