बिजुरी /
बेलिया फाटक से बिजुरी
के बीच निर्माणाधीन कार्य करने वाली कंपनी अनिल बिल्डिकाम की कार्यप्रणाली से आमजन परेशान है। यह कंपनी ना ही नेशनल हाइवे अथॉरिटी के मापदंड पर खरी उतर रही है और ना ही आमजन के सुरक्षा मानकों का ख्याल रख रही है। इसके चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं। निर्माण कंपनी की लापरवाही इतनी कि कई बार तो जिस मार्ग से डायवर्जन दिया होता है, वहीं पर मुरड़ व पत्थर डालकर रास्ता ब्लॉक कर देते हैं। जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है। ग्रामीणों द्वारा शिकायत करने पर कई बार वहां के कार्मिक राहगीरों से लड़ने को उतारू हो जाते है। शनिवार को ही नगराबान्ध के पास निर्माणाधीन सड़क शुरू रास्ते पर बिना कोई डायवर्जन किए सड़क पर छोटे छोटे पत्थरो के ढेर लगा सड़क ब्लाक किया गया था
बिना इंडिकेटर किए रास्ता करते हैं डायवर्ट
नेशनल हाईवे ने भले ही आमजन को ध्यान में रखते हुए निर्माण के दौरान कुछ मापदंड तय किए हैं। लेकिन बेलिया फाटक से बिजुरी तक निर्माण करने वाली कंपनी सुरक्षा मानकों पर एक प्रतिशत भी खरी नहीं उतर रही। कंपनी ने जहां चाहा बिना कोई इंडीकेट किए सड़क में डायवर्जन कर देते हैं। इसके चलते शनिवार की शाम 8 बजे के करीब नगाराबान्ध के समीप सड़क पर एजेंसी द्वारा सड़क निर्माण के बाद बिन इंडिकेट किये पत्थर डाल कर सड़क बाधित की गई थी जिसके चले बिजुरी निवासी मोनू पाठक पिता रामदास पाठक एवम उमराम पिता बलराम अंधेरा होने के कारण सड़क पर बिछे पत्थरो को न देख पाए और उनकी मोटरसाइकिल पत्थरो से टकरा कर गिर गयी जिस कारण मोनू पाठक के पैर एवम सिर में गम्भीर चोट लग गयी जिनको ग्रामीणों द्वारा बिजुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पंहुचाया गया जिनका प्राथमिक उपचार बाद जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। रात के समय मे आए दिन हादसे हो रहे है। कई बार रात के समय में डायवर्जन रास्ते पर ही कार्य प्रारंभ कर देते हैं।
सड़क पर पूरे दिन रहते हैं धूल के गुबार
निर्माणाधीन सड़क पर जगह बिछाए गए मुरड़ पर पानी का छिड़काव नहीं करने से पूरे दिन रोड पर धूल का गुबार उड़ते रहते हैं। जिससे बाइक सवार को तो चलना भी दूभर हो जाता है। साथ ही डायवर्जन सड़क पर बड़े बड़े कंक्रीट डाल देने से आए दिन बाइक सवार स्लिप हो रहे हैं। साथ ही तेज रफ्तार से निकलने वाले वाहनों से बड़े बड़े उछलने वाले पत्थरों से भी लोग घायल हो रहे है। कई बार छोटी कारों के शीशे भी टूट रहे हैं।
यह है हाइवे अथॉरिटी के नियम
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ने आमजन की सुरक्षा के लिए कई मापदंड तय किए हुए हैं। जिन्हें हाइवे निर्माण कंपनी को सुचारू रूप से अपनाने होते हैं ताकि आमजन को हाइवे निर्माण के दौरान परेशानी नहीं हो। सड़क निर्माण के दौरान धूल से बचाव के लिए पानी का छिड़काव करना होता है । इसके अलावा चार से पांच किलोमीटर एक तरफ का पूरा निर्माण कर दूसरी तरफ रास्ता डायवर्जन करना होता है।
