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फर्जी बिल भुगतान कर, शासकीय पैसे का हो रहा बंदरबांट




ग्राम पंचायत के सचिव संभु सिंह,सरपंच उमाकांत और रोजगार सहायक राजेश गुप्ता छोहरी ने मिलकर कर रहे हैं भ्रष्टाचार,भ्रष्टाचार के लिखे जा रहे नए नए अध्यय,उच्च अधिकारी मौन धारण कर बने मूकदर्शक


कोतमा- अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पडौर में शासकीय पैसे का बंदरबांट करने के नए नए तरीके सचिव,सरपंच,रोजगार सहायक आखिर ढूंढ ही लेते है । सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए लाख कड़े कानून बना दे। किन्तु शासकीय पैसे का कैसे बंदरबांट व भ्रष्टाचार करना है वह कोई ग्राम पंचायत के सचिव,सरपंच एवं रोजगार सहायक से सीखे।ज्यादातर ग्राम पंचायतों में सचिव,सरपंच, रोजगार सहायक शासकीय पैसे का हेराफेरी करके अपनी जेब भरने में जुटे रहते हैं विकास कार्यों का पैसा डकारने से ये कदापि इन्हें उच्च अधिकारियों का डर नही होता है कारण मात्रा ऊपर से नीचे तक कुछ अधिकारी भ्रष्टाचार के पूरे खेल में लिप्त होते हैं। सचिव, सरपंच यह भी कहने से नही चूकते है कि यदि हमारी जाँच होती भी है तो हमारे विभाग के अधिकारी करते है जो इस पूरे खेल में हमारे साथ होते है इसलिए हमें जांच व शिकायत का कोई डर व भय नहीं होता है।जिससे बेधड़क होकर शासकीय पैसे की हेराफेरी करके पलीता लगाया जा रहा है। 


ग्राम पंचायत पडौर का मामला-

जनपद पंचायत बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पडौर में पदस्थ सचिव शंभू सिंह सरपंच उमाकांत सिंह ने ग्राम पंचायत के शासकीय पैसे की हेराफेरी करने के नए-नए तौर तरीके निकाल कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। 26 जनवरी 2019 को सचिव सरपंच द्वारा छोहरी ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक राजेश कुमार गुप्ता के पिता की दुकान जो छोहरी में मे केसरवानी ट्रेडर्स के नाम से संचालित है जहाँ से 60 किलो बूंदी 120 रुपये की दर से 7200 रुपये की,2 बोरी लाई 400 रुपये की दर से 800 रुपये, नमकीन 9 किलो 140रुपये की दर से 1200 रुपये,पेन,कॉपी इत्यादि समान कुल बिल 9,940 रुपये का खरीदा गया और में. केशरवानी ट्रेडर्स छोहरी दुकानदार द्वारा जीएसटी बिल न देकर फर्जी तरीके से बिल बनवा कर ग्राम पंचायत पडौर को थमा दिया गया और सचिव संभु सिंह,सरपंच उमाकांत ने मिलकर शासकीय पैसे का बंदरबांट करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। ग्राम पंचायत पडौर के सचिव सरपंच ने ऐसे कई बिल भुगतान फर्जी तरीके से किये है। ऐसा नहीं है कि इसकी भनक जनपद पंचायत सीईओ,बदरा को न हो लेकिन सीईओ,बदरा भी शासकीय पैसे को मटिया मेट करने वाले भ्रष्टाचारी सचिव, सरपंच पर नकेल कसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है।जिससे ज्यादातर जनपद पंचायत बदरा अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतो में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर अपना पैर पसार रहा है।








मिल बैठकर मामले को सुलझा लेते है-

जब इस संबंध पर ग्राम पंचायत पचोर के सचिव से फोन पर चर्चा करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच उमाकांत ने फोन पर चर्चा करने के दौरान मीडिया से कहा मामले को मीडिया पर हाइलाइटेड करने से आपको क्या मिलेगा आप आइए मिल बैठकर मामले को रफा-दफा कर लेते हैं और विज्ञापन माध्यमों से आपका सहयोग हम कर देंगे साथ ही कुछ पैसे का सहयोग कर दिया जाएगा आप लोगों को मैं सचिव रोजगार सहायक चुनाव से चर्चा करके कल आपसे बात करता हूं समाचार प्रकाशन ना करें।





रोजगार सहायक छोहरी के बड़बोले बोला-

जनपद पंचायत बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत छोहरी के रोजगार सहायक राजेश गुप्ता के पिता की दुकान से बिना जीएसटी नंबर का बिल भुगतान 26 जनवरी 2019 को बूंदी,नमकीन,लाई एवं अन्य सामग्री के संबंध में चर्चा करने का प्रयास किया गया तब उनके द्वारा कहा गया की दुकान पर मैं और मेरे पिताजी ही बैठते हैं पडौर ग्राम पंचायत में दी गई सामग्री के संबंध पर चर्चा की गई तो छोहरी के रोजगार सहायक ने कहा यह सब छोटे मोटे मामले है ज़्यादा तूल न दे भ्रष्टाचार के बड़े मामले तो मिडिया उठाती ही नहीं। और मीडिया में मेरे कई अच्छे खासे मित्र भी है आप दो सौ रुपये ले लीजिए और मामले को रफादफा करिये वैसे भी शिकायत और जांच में कुछ होने वाला नही है।





कहना है-
उपरोक्त संबंध में शिकायत मेरे पास यदि आती है तो मामले की जांच तभी करा पाऊंगा।बिना शिकायत के मामले की जाँच मैं कैसे कर सकता हूँ।

अरुण भारद्वाज

सी ई ओ,जनपद पंचायत बदरा जिला-अनूपपुर
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