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चार दिनों से नही मिला खाना,जिम्मेदार दे रहे आश्वसन



चार दिन से नही मिल रहा मध्यान्ह भोजन,जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का खमियाजा उठा रहे मासूम

कोतमा- विगत चार दिनों से शासकीय स्कूलों में बंद मध्यान्ह भोजन को लेकर प्रमुखता से प्रकाशित समाचार से अभी तक प्रशासन जागा नही है कहने को तो अधिकारी कल से वितरण शुरू हो जाएगा यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।मगर ऊपर से लेकर नीचे तक कितनी बड़ी लापरवाही है यह सामने है।अनूपपुर जिले के कोतमा के कई शासकीय विद्यालय में बच्चों को भोजन देने का काम करने वाले समूह ने नैनिहालो को खाद्यनन सामग्री न होने की वजह से मध्यह्न भोजन देना 4 दिन से बन्द कर दिया है। छोटे छोटे बच्चे भूख से तिलमिलाते हुए भी नज़र आये परंतु इस ओर ध्यान देने की जगह कोतमा के जिम्मेदार अधिकारी मीडिया से ही दबाव बनाते आये कि खबर क्यो चला दी ऊपर से हमे सुनने को मिल रहा है।

मध्यान भोजन का आबंटन समय पर उपलब्ध कराएं -सीईओ

 मध्यान भोजन में खाद्यान की अनुपलब्धता की खबरों को संज्ञान में लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सरोधन सिंह ने जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम एवं जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को ससमय संबंधित सहायता समूह को एमडीएम खाद्यनन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं जिले के शासकीय विद्यालयों में एमडीएम खत्म क्यों हुआ कारणों की समीक्षा की एवं नियमित रूप से आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत अवगत कराने हेतु निर्देशित किया है इस दौरान लोक सेवा गारंटी अधिनियम सेवाओं के प्रदाय में विलंब में संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम सेवाओं के प्रदाय में अनावश्यक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी एवं संबंधित अधिकारियों पर कठोर अनुशासनत्मक  कार्यवाही की जाएगी।

चार दिन से  मासूम बच्चे रहे भूखे,समूह ने नहीं दिया खाना-

अनूपपुर जिले के कोतमा में चलने वाले शासकीय स्कूल में बच्चों को भोजन देने वाले कुछ समूह द्वारा बच्चों को खाना दो दिन तक शुक्रवार- शनिवार को नहीं दिया गया वही नौनिहाल बच्चे भूख से  तिलमिलाते हुए नजर आए। जब मीडिया ने प्राथमिकता से इस खबर को प्रकाशित किया तो जिला पंचायत सी ई ओ अनूपपुर सरोधन सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए समय पर खाद्यनन सामग्री उपलब्ध कराने की बात जिम्मेदार अधिकारियों से कही परंतु बच्चों को 4 दिन तक भूखा रहना पड़ा सी ई ओ जिला अनूपपुर का आदेश बेअसर देखने को मिला।नगरीय क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे स्कूलों से भूखे पेट घर  वापस लौटे स्कूल में खाना मिलने व पढ़ाई करने की उम्मीद से स्कूल आने वाले बच्चे खाली पेट लौटते दिखाई नज़र आये वैसे तो समूह संचालकों ने अपना पल्ला झाड़ने के लिए एक आवेदन पत्र बनाकर स्कूलों में जमा कर दिया और स्पष्ट किया कि चावल न मिलने के कारण बच्चों को खाना नहीं दिया जा सकता जबकि स्व-सहायता समूहों को दायित्व है कि समय पर मध्यान भोजन बना कर बच्चों  खिलाया जाना चाहिए।

आखिर जमुना स्व सहायता समूह को किसका अभयदान-

 अनूपपुर जिले के शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय,सहित अन्य शासकीय  विद्यालयों में बच्चों को भोजन देने की जिम्मेदारी स्व सहायता समूहों को दिया गया है जो कि सरकार के नियमों व मापदंडों के विपरीत भोजन परोस रहें है।या यू कहे कि शासन द्वारा चलाई जा रही मिड डे मील योजना की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।शासकीय विद्यालयों में अध्यनरत नन्हें छात्र छात्राओं ने बताया कि हमें हमेशा दाल,चावल,सब्जी,रोटी ही मिलती है जो रूखा सुखा मिलता है खा लेते हैं। मीनू अनुसार स्व-सहायता समूह संचालकों द्वारा बच्चों को भोजन नहीं दिया जाता लेकिन मीनू अनुसार राशि जरूर आहरण की जाती है  मध्याह्न भोजन वितरण करने में स्व सहायता समूहों द्वारा मनमाने तरीके से सिर्फ  सब्जी,दाल,चावल रोटी ही परोसा जा रहा है जिससे बच्चों को शिक्षा से जोडऩे का प्रयास बेमानी साबित हो रहा है।शासन द्वारा निर्धारित मीनू के तहत बच्चों को मध्याह्न भोजन जमुना स्व सहायता समूह द्वारा नहीं दिया जा रहा हैं। स्थिति यह है कि समूह द्वारा घटिया भोजन दिए जाने पर शिक्षक भी मौन धारण किये रहते है जिससे स्व सहायता समूहों के हौसले बुलंद है और विद्यालय में बच्चों को घटिया स्तर का,मनमाने तरीके से भोजन दिया जाता है।

 स्व सहायता समूह लगा रहें मिड डे मील योजना को पलीता-

 एक ओर सरकार शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देने के लिए तरह तरह की योजनाएं चला रही हैं साथ ही बच्चों को ज्यादा से ज्यादा शिक्षा देने व शिक्षित करने का पूरा प्रयास कर रही है।लेकिन वही दूसरी ओर मध्याह्न भोजन परोसने वाले समूहों द्वारा शासन की योजनाओं पर पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोडी जा रही है। कोतमा कन्या शासकीय माध्यमिक विद्यालय में भोजन देने वाले जमुना स्व सहायता समूह द्वारा शासन के निर्धारित मीनू अनुसार बच्चों को खाना नहीं दिया जाता।



इनका कहना:


पहले खाद्यान एक साथ आ जाता था।लेकिन इस बार भोपाल से मध्यान्ह भोजन का आबंटन लेट आया था। समय से नही आ पाने के कारण उठाव नही हो पाया।खाद्यान आ गया है।भेजवाने की व्यवस्था की जा रही है।

आर बी तिवारी
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी,अनूपपुर
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