पाँचवे दिन भी भूखे पेट घर वापस लौटे नौनिहाल- जिम्मेदार मौन
जिला पंचायत सी ई ओ का आदेश बेअसर, स्व सहायता समूहों की मनमानी,समूह संचालकों को नही उच्च अधिकारियों का डर
कोतमा- मध्यप्रदेश शासन द्वारा एम डी एम मध्याह्न भोजन योजना लागू की गई थी जिससे शासकीय विद्यालयों में अध्यनरत छात्र छात्राओं को विद्यालय में ही दोपहर में भोजन उपलब्ध कराया जा सकें साथ ही शिक्षा का स्तर और बढ़ सकें जिसके लिए शासन द्वारा स्व-सहायता समूह का गठन किया गया और स्व-सहायता समूह को मध्याह्न भोजन परोसने की जिम्मेदारी सौंपी गई शासन द्वारा स्व-सहायता समूह संचालक के खाते में भोजन परोसने के एवज में राशि दी जाती है लेकिन उक्त राशि का समूह संचालक और विद्यालय के प्रधान अध्यापकों की मिली भगत से जमकर दुरूपयोग किया जाता है। जहाँ लगातार 5 दिनों से मध्याह्न भोजन कार्य ढंप पड़ा है।
प्रधान अध्यापक भी जिम्मेदार-
स्कूलों के प्रधान अध्यापकों की लापरवाही से छात्र छात्राओं को शासन द्वारा चलाई जा रही शिक्षा समबन्धित जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा जिसके जिम्मेदार कही न कही प्रधान अध्यापक भी है क्योकि मध्याह्न भोजन कार्य विद्यालय के प्रधान अध्यापकों की देख रेख में किया जाता है कि स्व-सहायता समूह द्वारा मीनू अनुसार भोजन परोसा जा रहा या नही कितने बच्चो का भोजन प्रति दिन बनाया जाता है लेकिन इन सब बातों से प्रधान अध्यापक का कोई लेना-देना नही होता चाहे समूह संचालक छात्र छात्राओं को कुछ भी परोसते रहें।
मध्यान भोजन का आबंटन समय पर उपलब्ध कराएं -सीईओ
मध्यान भोजन में खाद्यान की अनुपलब्धता की खबरों को संज्ञान में लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सरोधन सिंह ने जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम एवं जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को ससमय संबंधित सहायता समूह को एमडीएम खाद्यनन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं जिले के शासकीय विद्यालयों में एमडीएम खत्म क्यों हुआ कारणों की समीक्षा की एवं नियमित रूप से आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत अवगत कराने हेतु निर्देशित किया है इस दौरान लोक सेवा गारंटी अधिनियम सेवाओं के प्रदाय में विलंब में संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम सेवाओं के प्रदाय में अनावश्यक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी एवं संबंधित अधिकारियों पर कठोर अनुशासनत्मक कार्यवाही की जाएगी।
इनका कहना:
मै अभी जानकारी लेता हूँ कि जब चांवल प्राप्त हो गया है तो फिर छात्र-छात्राओं को भोजन क्यो नही दिया गया।
सरोधन सिंह
जिला पंचायत
सी ई ओ अनूपपुर
बी आर सी के कहने पर मंगलवार 15 अक्टूबर दोपहर लगभग 3 बजे समूह संचालक खुर्शीदा बानों का लड़का एम डी एम चांवल 50 किलों मुझसे लेकर गया है।
लल्लू महराज
शासकीय राशन दुकान सेल्समेन



