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पर्यवेक्षक की उदासीनता से,अंधेरे में नौनिहालों का जीवन

पर्यवेक्षक द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में नहीं की जाती निगरानी,पर्यवेक्षक ही नहीं करती कार्यवाही

भालूमाड़ा - सरकार चाहे कितने भी नियम कानून बना ले परंतु उसका पालन जमीनी स्तर पर होता हुआ नहीं दिखाई देता आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ताओं के समय पर ना आने की समस्याएं तो काफी पहले से बनी हुई थी जिसे लेकर सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आंगनबाड़ी केंद्रों में आने की निगरानी व्हाट्सएप के जरिए करना शुरू कर दी जिसमें कार्यकर्ताओं को केंद्र में पहुंचने की सूचना व्हाट्सएप के जरिए देनी होती है और यह भी स्पष्ट किया गया था कि अगर कार्यकर्ता समय पर आंगनबाड़ी केंद्र में नहीं पहुंचेंगे तो उनका मानदेय काट लिया जाएगा। लेकिन समय-समय पर कार्यकर्ताओं के समय पर आंगनबाड़ी केंद्र न पहुंचने की शिकायतें सामने आती रही हैं इस समस्या के समाधान के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने जिलाधिकारियों को सेक्टर बार व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर निगरानी करने के निर्देश दिए थे।

ऐसे होनी है निगरानी -

प्रमुख सचिव ने आदेश दिए थे कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रातः 9:00 से 9:30 के बीच व्हाट्सएप पर अपनी स्वयं की फोटो ग्रुप में भेजनी होगी जिसकी मॉनिटरिंग पर्यवेक्षक द्वारा की जाएगी और परियोजना अधिकारी इस जानकारी को जिला कार्यक्रम अधिकारी को 10:00 बजे के पहले भेजेंगे यदि समय पर नाश्ता नहीं दिया जाता तो पर्यवेक्षक 1 दिन की राशि की कटौती संबंधित प्रदाय करता समूह के अध्यक्ष से करेगी।यदि एक से अधिक बार लापरवाही मिलेगी तो समूह को मिले पूरक पोषण आहार वितरण ठेके को निरस्त कर दिया जाएगा इसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ की केंद्रों में सही समय पर पहुंचने व निगरानी के लिए विभाग ने सभी अधिकारी एवं पर्यवेक्षक को प्रदेश स्तर पर एप से जोड़ा गया है जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के केंद्रों में आने व पर्यवेक्षक के निरीक्षण की जानकारी उच्च अधिकारियों को मिलती रहे।

पर्यवेक्षक गिरजा परस्ते आंगनबाड़ी केंद्रों के समय पर न खुलने के मामले में करती हैं लीपापोती -
जनपद अनूपपुर मुख्यालय बदरा अंतर्गत नगर पालिका परिषद पसान क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों कि कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षक व्हाट्सएप  ग्रुप में जुड़ी हुई हैं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका अपने-अपने आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचने के बाद व्हाट्सएप ग्रुप में अपनी अपनी फोटो तो डालती हैं लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचने का समय सही है या गलत है इसकी निगरानी पर्यवेक्षक गिरजा परस्ते करती हैं। सूत्रों की मानें तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समय से आंगनबाड़ी केंद्र में नहीं पहुंचती और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए निगरानी होने के बाद भी पर्यवेक्षक गिरजा परस्ते इस ओर कोई ध्यान नही देती हैं जिससे आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले ननिहाल बच्चे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का इंतजार करते बैठे रहते हैं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने समय से न आकर देरी से आती हैं जिस पर पर्यवेक्षक कोई ध्यान नहीं देती मानो उन्हें किसी का भय ही न हो।


कहना है -

अभी नया निर्देश आया है कार्यवाही चल रही है और जो समय से नही आते उन पर कार्यवाही की जाएगी।

गिरजा परस्ते
पर्यवेक्षक अनूपपुर

कहना है -

मै पूरे मामले को देख लेती हूं कार्यवाही की जाएगी।

नलिनी अथिया
महिला बाल विकास विभाग परियोजना अधिकारी,अनूपपुर
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