भालूमाड़ा-पूरे देश में स्वच्छता अभियान की शुरूआत की गई। अभियान के शुरू में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने कस्बे के आम चौराहों पर भले ही झाडू लगा कर अभियान को सफल बनाने का संदेश दिया हो, लेकिन अब इस अभियान को लेकर नगरपालिका और प्रशासन दोनों ही लापरवाह बने हुए हैं। आम चौराहे और नगर की गलियां कचरों के ढेर से अटे पड़े हैं। अभियान को शुरू किए काफा वर्ष तो हो गए लेकिन नगर में जगह-जगह गंदगी और कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं।
भालूमाड़ा चम्मच चौक की हालत खराब- नगरपालिका परिषद पसान अंतर्गत आने वाले भालूमाड़ा चम्मच चौक जहां से दिनभर आस पास के गांव के लोग आते जाते हैं तथा नगर बस की सुविधा भी आस पास के गाँव की जनता को इसी चौराहे से मिलती है।आपको बता दें कि यह चौराहा कोतमा मुख्य मार्ग को जोड़ता है यदि आस पास के ग्रमीण कोतमा की ओर जाते है या आते है तो इसी चौराहे से होकर गुजरते हैं। यह चौराहा कोतमा नगर को जाने वाली सड़क को जोडने वाला चौराहा है है।यहाँ पर पहले तो फौव्वारो से पानी निकलता था रंगबिरंगी बत्तियों से इस चौराहे की पहचान और ही थी जिसे देखने घूमने के लिए लोग आया करते थे परंतु अब ये सब बन्द पड़े होने के कारण ये अपनी सुंदरता खो रहा है। इतना ही नहीं चौराहे पर बना सार्वजनिक भवन भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है। ऐसे में यहां बसों और अन्य वाहनों से गुजरने वाले यात्रियों को सड़क पर ही खड़ा रहना पड़ता है। गंदगी से अटे पड़े इस चौराहे की साफ-सफाई के अभाव में चौराहे की रौनक भी खत्म होती जा रही है।
चौराहे पर लगी पानी टंकी की नहीं होती सफाई- गर्मी का मौसम शुरू हो गया है जैसा कि ऊपर बताया गया है कि यह आस पास के ग्रमीण इलाकों को जोड़ने वाला मुख्य चौराहा है। यही से होकर लोग गुजरते है राहगीर चौराहे पर लगी पानी की टंकी का पानी भी उपयोग करते हैं परंतु उसमें से पीने योग्य पानी नहीं आता। यहां तक कि टंकी के नल के निचे ठीक तरह से सफाई व्यवस्था नहीं है। लोगो ने चौराहे में बन्द पड़े फौव्वारे व रंगबिरंगी बत्तियो की मरम्मत व साफ-सफाई करा कर चौराहे की रौनक को वापस लाने की अपील नगरीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से की है।
