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लतार सचिव सरपंच ने मिलकर भ्रष्टाचार के लिख दिए बड़े-बड़े अध्याय



भ्रष्टाचारी सचिव सरपंच के जांच के मामले पर चुप्पी साधकर कुंभकरण की नींद पर सो रहे हैं बदरा जनपद सीईओ, गरीबी रेखा कार्ड धारी के नाम पर लाखों रुपए का कई फर्जी भुगतान, बिना पीसीसी सड़क निर्माण कार्य बने ही निकल गई ₹50700  की शासकीय राशि


कोतमा- अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत लतार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराने के नाम पर लूट सी मची हुई है शासकीय पैसे को सचिव ददन केवट व सरपंच मिल बांटकर बंदरबांट कर रहे हैं और शासन के पैसे पर पलीता लगा रहे हैं। मध्यप्रदेश में सरकार बदलने के बाद ग्रामीणों को यह भरोसा था कि गाँव में रुके हुए विकास कार्य जल्द पूरे होंगे। लतार ग्राम पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार में अंकुश लगेगा किन्तु ऐसा होता नही दिखाई दे रहा है बल्कि भ्रष्टाचार का ग्राफ और तेजी से बढ़ रहा है लतार के सचिव सरपंच आपसी साँठ गाँठ करके भ्रष्टाचार कर अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं। भ्रष्टाचार के कई ऐसे मामले वर्तमान में सुर्खियों में बने हुए हैं।

शौचालय निर्माण कार्य के नाम पर भ्रष्टाचार-

ग्राम पंचायत लतार के सचिव ददन केवट व सरपंच ने सार्वजनिक शौचालय निर्माण कार्य के नाम पर एक ही काम के दो बार पैसे फर्जी तरीके से निकाल लिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार लतार सामुदायिक भवन बस स्टैंड के पास सार्वजनिक शौचालय निर्माण कार्य के नाम पर दिनांक 15/02/2019 को 40300 रुपये की राशि निकाली गयी और वह राशि का भुगतान कुमुद एंटरप्राइजेज के नाम किया गया और दिनांक 22/04/2019 को भी सार्वजनिक शौचालय निर्माण कार्य बस स्टैंड के पास के नाम पर 9000 रुपये का भुगतान मोहनदास चौधरी को कर दिया गया।एक ही कार्य के दो बार पैसे निकालकर शासकीय पैसे का भ्रष्टाचार करके अपनी अपनी जेबे भरी जा रही है।जब ग्राम पंचायत लतार में हो रहे भ्रष्टाचार पर कोई ग्रामीण आवाज उठाता है व उच्च अधिकारियों से शिकायत करता है तो उसके विरुद्ध थाने पर झूठी शिकायत sc/st एक्ट के तहत करा के उसकी आवाज हमेशा के लिए दबा दी जाती है जिससे ग्रामीण भी अब भ्रष्टाचारी सचिव सरपंच शिकायते करने से डरते एवं कतराते है और दबी जुबान में मीडिया के जरिए ग्राम पंचायत लतार में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने की बात कही जाती है।

पीसीसी सड़क निर्माण के नाम पर फर्जी बिल भुगतान-

ग्राम पंचायत लतार में बस स्टैंड से मोहन दास चौधरी के घर की ओर जाने वाली सड़क पहले से ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत डामरीकरण सड़क निर्माण कार्य लगभग 10 वर्ष पूर्व किया गया था कही भी बस स्टैंड से मोहन चौधरी के घर तक कही भी पीसीसी सड़क बनी हुई नजर नहीं आती है किंतु सचिव सरपंच ने कागजो पर फर्जी पीसीसी सड़क निर्माण कार्य दिखाकर 50700 रुपये की राशि दिनांक 22/04/2019 को अजय कुमार मिश्रा को भुगतान कर दी गई।


बीपीएल कार्ड धारक के नाम हो रहा लतार में फर्जी भुगतान-

ग्राम पंचायत लतार में सचिव सरपंच  भ्रष्टाचार करने के लिए किसी भी हद तक जाने पर उतारू है भ्रष्टाचार के नए नए अध्यय लिखे जा रहे हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार अजय कुमार मिश्रा लतार निवासी का पहले बीपीएल कार्ड सचिव सरपंच ने बनवाया जिसका बीपीएल कार्ड नंबर 157/3114 है और समग्र आईडी न. 9163583 को देखा जा सकता है। दूसरी ओर अजय कुमार मिश्रा के नाम से लाखो रुपये के फर्जी बिल लगा लगा कर पैसे निकाले जा रहे हैं एलईडी लाइट लगाइस के नाम पर 19990 रुपये 12 मार्च 2019 को, पीसीसी सड़क निर्माण कार्य बस स्टैंड से मोहनदास चौधरी के घर की ओर बनाने के नाम पर 50700रुपये 22 अप्रैल 2019 को,कंप्यूटर के नाम 27520 रुपये 22 मार्च 2019 को,वन चौकी पीसीसी सड़क मार्ग पर मजदूरी फर्जी भुगतान के नाम पर 6300 रुपये 15 फरवरी 2019 को,गिट्टी रेता के नाम पर 10800रुपये 15 फरवरी 2019 को,संस्कृतिक कार्य के नाम पर 28300 रुपये 1 फरवरी 2019 को,नेट सेटअप बॉक्स पेंटिंग व अन्य कार्य के नाम पर 13300 रुपये 29 जनवरी 2019 को लतार के भ्रष्टाचारी सचिव सरपंच ने सैकड़ों ऐसे फर्जी बिल तैयार कर शासकीय पैसे को डकार लिया गया। अजय कुमार मिश्रा का बिल देखकर यह भी साफ साफ नजर आता है जो बिल मोहनदास चौधरी द्वारा लगाया जाता है सेम बिल अजय कुमार मिश्रा के नाम से लगाकर बिल भुगतान किये गए मात्र मोहनदास चौधरी के नाम से जो बिल लगाये गए हैं उस बिल के ऊपरी हिस्से को मोड़कर या फाड़कर मनमानी अपने तरीके से बिल में राशि भरकर राशि को स्वयं आहरित कर लिया गया।इन भ्रष्टाचारियो सचिव सरपंच पर अंकुश लगाने वाला कोई भी अधिकारी नजर नहीं आता है बदरा जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरुण भरद्वाज भ्रष्टाचारियो पर कार्यवाही करने की वजह शिकायत होने का इंतजार करते हैं।जब जिम्मेदार अधिकारी ही अपने कर्तव्य से पल्ला झाड़ ले तो साफ साफ पता चलता है दाल ही काली नही पूरी दाल ही काली है।ऊपर से नीचे तक पूरा कमीशन का खेल चल रहा है।

सचिव लतार के गोलमोल जवाब-

जब फोन में सचिव लतार से इस संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन में चुप्पी साधते हुए मिलकर बात करने की बात कही गई और गोलमटोल जवाब दिया गया।

कहना है-

आपने मुझे ध्यान दिलाया है मैं तत्काल मामले को संज्ञान में लेकर जांच करवाता हूँ।

सरोधन सिंह
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी
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