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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी स्वयं बीमार व कुपोषित

एंबुलेंस नहीं मिलने पर पिछले माह माइनस कॉलोनी स्थित एक महिला की मृत्यु भी हो चुकी है इसी तरह से और भी कई मामले हैं एंबुलेंस के अभाव में हुए अज्ञात मौतों हो चुके फिर  उसके जिम्मेदार कौन, स्वस्थ विभाग या फिर जनप्रतिनिधि..!

एक भी महिला चिकित्सक डॉक्टर नहीं, 24 घंटे एक डॉक्टर कैसे कर रहा है मरीजों का इलाज, विधायक जी की एंबुलेंस में ना ड्राइवर चालक का  पता  ना डीजल तेल का तो क्या पानी से  हवा से चल रही है एंबुलेंस, फिर यह कैसी सौगात..? 

कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का हाल बेहाल  भी कुछ ऐसा कागजों पर डाँक्टरो की भारी भरकम फौज पर अपनी दुर्दशा अव्यवस्थाओ की लम्बी कतार ,खून टाइट फाइट  ,मलेरिया, पीलिया, डेंगू अन्य बीमारियों जाँच पर यहा की जाँच पर पूरी तरह ना करें भरोसा क्यो की अक्सर जाँच रिपोर्ट नहीं आती सही।   

 कोतमा/ अनूपपुर जिले के कोतमा विधानसभा क्षेत्र बिजुरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सा  व्यवस्था भगवान भरोसे ही हो रहा मरीजों का इलाज, पूर्व की  प्रदेश में शिवराज   सरकार रहते समय विपक्षी नेता बिजुरी स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं को देखते हुए आए दिन प्रदेश सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया और  बिजुरी के आम जनता को  यह भरोसा  दिया जाता रहा  जब  प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार  बनेगी तो  निश्चित ही बिजुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में  फैली अव्यवस्थाओं को दूर किया जाएगा, किंतु कांग्रेस पार्टी की प्रदेश में सरकार  और कोतमा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी का विधायक जीतने के बाद धरातल स्तर पर प्राथमिक समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था और दयनीय हो चुकी  यह बात किसी से छिपी नहीं हैं।चुनाव के समय  बड़े बड़े वादे  करके  सत्ता में काबिज होकर  आम जनता से अच्छी सी अच्छी स्वास्थ्य  सुविधा बिजुरी स्वास्थ्य केंद्र में देने का वादा सब खोखला  नजर आ रहा, चाहे वह  डॉक्टरों कमी दूर करना हो, या फिर नर्सों की नियुक्ति। मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ उनके जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, स्वास्थ्य सुविधा देने के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। छोटी सी छोटी बीमारी होने पर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया जाता है या फिर अपोलो, गरीब जब तक कुछ समझ पाता बहुत  लेट हो चुका होता है। प्रदेश में तो सरकार बदल गई लेकिन स्वास्थ्य संबंधित अव्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चलती हुई नजर आ रही है।

एक डॉक्टर के सहारे चल रहा है स्वास्थ्य केंद्र- 

बिजुरी स्वास्थ्य केंद्र से लगा हुआ सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्र है और साथ ही साथ नगर पालिका क्षेत्र भी है जहां भारी संख्या में आबादी लगी हुई है किंतु बिजुरी स्वास्थ्य केंद्र में मात्र एक डॉक्टर अनिल त्रिपाठी नियुक्त है ऐसे भी एक डॉक्टर के सहारे  24 घंटे मरीजों की स्वास्थ्य संबंधित जांच चेकअप जो समय पर मरीजों को इलाज करना संभव  है वहीं दूसरी ओर 4 स्टाफ नर्स नियुक्त और चार से पांच सफाई कर्मचारी आप अंदाजा लगा सकते हैं ऐसे में मरीजों को कितनी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल पाती होगी ,गंदगी का अंबार स्वास्थ्य केंद्र में लगा रहता है चारों ओर  अव्यवस्थाओं का  भंडार ऐसा लगा है जैसे स्वयं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी  बीमार कुपोषित पड़ा हुआ है ।

विधायक जी की एंबुलेंस सौगात  विकास कार्यो की पिटारे की खुली पोल-
कोतमा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील सराफ ने कांग्रेस पार्टी व्दारा कोतमा विधायक प्रत्याशी बनाए जाने के बाद बिजुरी नगर वासियों को यह वादा किया गया था प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार व कोतमा विधायक मेरे बनने के बाद  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी की फैली अव्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दूर कर दिया जाएगा डॉक्टरों की कमी को दूर कर लिया जाएगा एवं बिजुरी क्षेत्र की आम जनता कई वर्षों से मांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी में एंबुलेंस की सुविधा को लेकर लड़ाई लड़ी जा रही थी और जीतने के उपरांत विधायक कुछ महीने पहले ही खनिज विभाग प्रतिष्ठान अनूपपुर द्वारा  स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी को एंबुलेंस वाहन देने  हेतु राशि स्वीकृत की गई थी और कोतमा  विधायक चुने जाने पर की सौगात बिजुरी वासियों को दी गई एंबुलेंस वाहन का संपूर्ण रखरखाव व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग बिजुरी को सौपा गया और नेता जी ने खूब वाहवाही बटोरी गई, किंतु सच्चाई तो कुछ और ही नजर आ रही विधायक  द्वारा दिए गए एंबुलेंस वाहन  एम पी 18,ए वी 7298 में शुरू से लेकर  अब तक ड्राइवर  नहीं रखा गया एंबुलेंस में डीजल की व्यवस्था अब तक ना हो सकी मरीज स्वयं एंबुलेंस में मजबूर होकर डीजल भरा कर अपनी जान बचा रहे हैं ,एंबुलेंस वाहन को तीनों शिफ्ट पर चलाने के लिए ड्राइवर चालक अब तक  नहीं रखा गया आखिर एंबुलेंस वाहन चालक का वेतन कौन करेगा और कौन डीजल की व्यवस्था करेगा अब ना तो इसकी चिंता विधायक जी को नजर  आ रही है ना स्वास्थ्य विभाग अधिकारी  सीएचएमओ कोतमा को। एंबुलेंस में तीनों शिफ्ट ड्राइवर चालक एवं डीजल की व्यवस्था के लिए एक दूसरे पर पत्र लिखने की बात कहीं जा रही है अंततः नगर पालिका बिजुरी  को एंबुलेंस डीजल व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए पत्र पर पत्र लिखे जा रहे हैं किंतु नगर पालिका ने एंबुलेंस में डीजल  व्यवस्था देने से अपना पल्ला झाड़ लिया गया है।

कहना हैं :-
विधायक जी द्वारा  दिए गए एंबुलेंस वाहन पर इमरजेंसी और मजबूरी में डीजल एवं चालक व्यवस्था ना होने के कारण मरीज स्वयं डीजल व चालक का खर्चा उठाते हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में  मैं ही एक डॉक्टर यहां पदस्थ हूं अन्यथा कोई नहीं।
                 डाँ. अनिल त्रिपाठी
     प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी

कहना हैं:-
एंबुलेंस वाहन में डीजल व्यवस्था  कराने हेतु नगर पालिका परिषद को पत्र लिखा गया है स्वास्थ्य विभाग में ऐसा कोई फंड नहीं है जिसे डीजल की व्यवस्था एंबुलेंस में कराई जा सके और एंबुलेंस  वाहन में तीनों शिफ्ट पर चालक का खर्चा उठाया जा सके ।

 के .एल. दीवान 
 मुख्य चिकित्सा अधिकारी विकासखंड कोतमा

कहना हैं :- मुझे किसी प्रकार का पत्र स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंबुलेंस वाहन पर डीजल देने के लिए नहीं मिला पत्र मिलते ही नगर पालिका नियम मापदंडों में स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस वाहन में डीजल देने का प्रावधान होगा तो जरूर दिया जाएगा अन्यथा नहीं ।

              पुरुषोत्तम सिंह 
अध्यक्ष  नगर पालिका बिजुरी
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