डीज़ल चोरीं के मामले में,अंधेरे की कार्यवाही आज भी अंधेरे में,पुलिस महानिरिक्षक शहडोंल जोन के आदेश पर थाना प्रभारी मनोज दीक्षित के विरुद्ध एस.डी.ओ.पी.कोतमा ने प्राथमिक जाँच की, जाँच में पाया डीज़ल चोरी के मामले में थाना प्रभारी ने पहले दोनों डीज़ल चोरों को पकड़ कर हथकड़ी लगा कर रखा फिर सुबह बिना कोई कार्यवाही के छोड़ देना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध.. !
कोतमा- भालूमाडा़ थाना क्षेत्र अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है चोरी लूट खुले आम हत्या हो जाना आम बात हो गई है क्षेत्र में अवैध कारोबार जमकर फल फूल रहा है जुआ सट्टा अवैध शराब ,कबाड़ अवैध उत्खनन जोरों से चल रहे हैं पोड़ी घाट सोन नदी से दिन रात रेत माफिया अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर परिवहन कर रहे हैं इतना ही नहीं केवई नदी शिवलहरा घाट,पम्प घाट, लतार शाम होते ही रेत माफिया पूरी यह तरह से सक्रिय हो जाते हैं और रात के अंधेरे में अवैध कारोबार स्थानीय पुलिस के संरक्षण में फल फूल रहा है और थाना प्रभारी को इसकी भनक तक ना हो यह कैसे संभव हो सकता है थाना प्रभारी अपने आप को इमानदार और अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान बताते फिरते हैं किंतु कई ऐसे मामले हैं वर्तमान में प्रकाश में आए जिसमें थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध देखी गई जैसे महिला उत्पीड़न का मामला ,डीजल चोरी, पत्रकार पर बिना जांच करें रंजिशन झूठे मामले दर्ज कर देना थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगातार खड़े हो रहे हैं थाना प्रभारी के कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार कुछ अधिकारियों से शिकायत कर पूरे मामले से अवगत कराया गया और अनूपपुर जिले के विधायक बिसाहू लाल से भी थाना प्रभारी की शिकायतें होती रही किंतु थाना प्रभारी की ऊंची पहुंच के आगे सभी शिकायतें आज बौनी साबित हो रही है।
डीजल चोरी के मामले में थाना प्रभारी कटघरे में -
नेशनल हाईवे मार्ग 43 बदरा एम एन सिंह पेट्रोल पंप के पास 31 अगस्त 2019 की दरमियानी रात बोलोरो वाहन क्र एमपी 65 टी 1164 से करीबन 2 बजे रात को 4 व्यक्ति पेट्रोल पंप पर उतरे और सुन सान देखकर पेट्रोल पंप में खड़े ट्रक वाहनों के तेल टंकी के ताले तोड़कर डीजल चोरी की जा रही थी डीजल चोरी की घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई किंतु मौके पर तत्काल घटनास्थल पर दो पुलिसकर्मी चालक करमजीत सिंह,आरक्षक दिनेश सिंह राठौर आ पहुंचे और दोनों डीजल चोरों को भालूमाडा़ थाना के दोनों पुलिसकर्मी द्वारा भालूमाडा़ थाने ले जाया जाताविरुद्ध कारनामे की पोल खोल देती हैं साथ ही पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को डीजल चोरी के पूरे घटनाक्रम व थाना प्रभारी की सांठगांठ कर आरोपियों को बचाने की जानकारी दी जाती है पुलिस अधीक्षक अनूपपुर की फटकार के बाद थाना प्रभारी द्वारा डीजल चोरों पर मामला दर्ज किया जाता है जिससे पता चलता है कि थाना प्रभारी मनोज दीक्षित की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
एसडीपीओ की जांच में,थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध-
डीजल चोरी के मामले में पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के निर्देश पर भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में 31 अगस्त को डीजल चोरी के मामले की विभागीय जाँच की गई जांच के उपरांत मीडियाकर्मियों के पूछे जाने पर एसडीओपी,कोतमा एस एन प्रसाद ने बताया कि भालूमाड़ा थाना प्रभारी मनोज दीक्षित व दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका मामले में जांच के दौरान संदिग्ध पाई गई। दो डीजल चोरो को पकड़ कर पहले हथकड़ी लगाई जाती है फिर उन्हें छोड दिया गया पूरे मामले में कही न कही स्थानीय थाना प्रभारी व के पुलिसकर्मियों द्वारा मामले को दबाने के लिए लीपापोती की गई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को सम्पूर्ण जांच कर रिपोर्ट भेज दी गई थी।
थाना प्रभारी की विभागीय जांच कर रहे पुलिस कप्तान उमरिया -
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीजल चोरी के मामले में एसडीओपी के प्राथमिक जांच में भालूमाड़ा थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पुलिस महानिरीक्षक के आदेश पर उमरिया जिले के पुलिस कप्तान को भालूमाडा थाना प्रभारी की विभागीय जांच दी गई जिसमें थाना प्रभारी एवं दो पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्यालय पुलिस अधीक्षक अनूपपुर पत्र क्रमांक पु. अ./अनु ०/निस/87/2019 दिनांक 13/11/2019 को नोटिस भेजकर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया गया और पत्र में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि थाना प्रभारी द्वारा दिए गए जवाबआईआई में आरोप पत्र के जवाब संतोषजनक प्रस्तुत न किए जाने पर विभागीय जांच पुलिस अधीक्षक उमरिया द्वारा कराई जा रही है।
कहना है -
डीजल चोरी के मामले में विभागीय जांच की जा रही है लेकिन आपको मैं नहीं जानता हूं इसलिए कोई जानकारी नहीं दे सकता।
सचिन शर्मा
पुलिस अधीक्षक,उमरिया