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कोतमा तहसील मे राजस्व समस्या डगर डगर, भगवान भरोसे

एक आर आई 3 महीने से कार्यालय में बैठकर ले रहा है वेतन, नहीं मिला अब तक किसी भी फील्ड का पदभार, किसान राजस्व संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए भटक रहे इधर उधर

*जब जिला प्रशासन,कोतमा एसडीएम,तहसीलदार से फोन के माध्यम से उपरोक्त संबंध में चर्चा करने का प्रयास किया गया तो फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा*

कोतमा- अनूपपुर जिले के कोतमा तहसील में समस्याओं का भंडार लगा हुआ है आज राजस्व संबंधी कार्य जैसे नक्शा तरमीम, सीमांकन,सर्वे,मुआवजा,नामंत्रण, किसानों की कब्जा संबंधित समस्या,डायवर्सन आदि के लिए किसानों एवं आम जनता को भटकना पड़ रहा है समय पर कार्य ना होने से लोग राजस्व अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर सुबह शाम लगाने को मजबूर हो रहे हैं लेकिन ज्यादातर हल्का पटवारी अपने कार्यालय से नदारद रहते हैं और कोतमा तहसील में 5 राजस्व निरीक्षक(आर.आई.) पदस्थ है किंतु 4 राजस्व निरीक्षक अधिकारी फील्ड में कार्य करने के लिए जाते हैं और उनके ऊपर कार्य का बोझ इतना बढ़ जाता है कि किसानों की समस्या का निराकरण समय अवधि पर नहीं हो पाता और किसान राजस्व कार्य कराने के लिए इधर-उधर की ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे हैं किसानों के राजस्व कार्य ना होने से चिंता की लकीर किसानों के माथे पर देखी जा सकती है दूसरी ओर कोतमा तहसील में पदस्थ तहसीलदार महोदय को भी बिजुरी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है और सप्ताह में 2 दिन नगर पालिका के कार्यालय में बैठकर नगरपालिका के कार्यों का निपटारा किया जाता है लेकिन कोतमा तहसील में राजस्व कार्य कराने के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। समाजसेवी विजय यादव ने बताया कि आज किसान नक्शा तरमीम सीमांकन सर्वे मुआवजा डायवर्शन आदि जैसी समस्याओं के लिए भटक रहे हैं और अधिकारी सब कुछ जान कर भी अंजान बने हुए हैं जिला कलेक्टर महोदय से अपील की है कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए जिन आर आई अधिकारियों को कोतमा तहसील कार्यालय में बैठकर 3 महीने से बैठने का वेतन दिया जा रहा है उन्हें फील्ड का प्रभार देकर किसानों की समस्या का निराकरण जल्द से जल्द कराने के निर्देश दिए जाएं ताकि दूर दराज से आए हुए किसानों को इधर-उधर भटकना न पड़े।

चार आर.आई. के भरोसे चल रहा है राजस्व कार्य -

कोतमा तहसील अंतर्गत जनपद पंचायत कोतमा में 31 ग्राम पंचायत एवं दो नगरपालिका कोतमा एवं बिजुरी आती हैं और सैकड़ों से अधिक गांव लगे हुए हैं लेकिन कोतमा तहसील में हल्का पटवारी लगभग 70 से 72 की संख्या में पदस्थ होने चाहिए किंतु मात्र 50 पटवारी हल्का नए एवं पुराने मिलाकर पदस्थ है इनमें से कई ट्रेनिंग करते हुए पदस्थ है ऐसे में किसानों आम जनता के राजस्व संबंधित समस्याओं का निराकरण कोसों दूर होता हुआ नजर आ रहा है।

एक आर. आई. पर मेहरबान साहब -

कोतमा तहसील कार्यालय में जिला कलेक्टर महोदय के आदेश के उपरांत 6 सितंबर 2019 को नरेश सोनी राजस्व निरीक्षक की पदस्थापना कोतमा तहसील में की गई 3 माह से अधिक समय हो चुका किंतु आर आई महोदय आज तक तहसील कार्यालय में हाजिरी लगाकर बैठकर 3 माह से वेतन ले रहे हैं आर आई नरेश सोनी पर राजस्व अधिकारी भी मेहरबान होते नजर आ रहे है 3 माह हो चुके लेकिन आर आई महोदय को किसी भी फील्ड का पदभार नहीं सौंपा गया जिससे किसानों की समस्या का भोझ दूसरे आर आई राजस्व अधिकारियों पर पड़ रहा है और लोगों की राजस्व समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
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