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लामाटोला सचिव सांसद के करीबी होने का दिखाते हैं धौंस

लामाटोला सचिव महेश केवट यह तक कहने से नहीं चूकते कि मेरा भाई भाजपा नेता है व संसाद  हिमाद्री सिंह हमारे गांव की है मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता


कोतमा - एक ओर केन्द्र व प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए कमर कसे हुए हैं और भ्रष्टाचार उन्मूलन के नए तरीके देकर ठोस कदम उठाकर कैशलेस व जीएसटी प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, लेकिन इस प्रणाली को जिले में प्रशासनिक अधिकारी, सरपंच, सचिव, सब इंजीनियर ने अपनी कमाई का धंधा बना रखा है। जनपद पंचायत अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत लामा टोला में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने तो हद ही कर दी। अधिकारियों ने जांच करने तक की बात तो कही लेकिन आज भी कार्यवाही नहीं हुई।


जनपद पंचायत अनूपपुर मुख्यालय बदरा बना भ्रष्टाचार का गढ़ -

जिले की अनूपपुर जनपद पंचायत मुख्यालय बदरा की पंचायतों में भ्रष्टाचार रूकने का नाम नहीं ले रहे है, जनपद अपनी पंचायतों में हुए विकास कार्याे का बखान करने से नहीं चूक रही है, लेकिन इसके पीछे वास्तविकता कितनी है, इसकी जानकारी हैरान करने वाली है, शासन की योजनाओं में में पैतरेबाजी करके शासन का पैसा कैसे निकाल लिया जाता है, इसका उदाहरण जनपद पंचायत मुख्यालय बदरा अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लामाटोला में आसानी से देखने को मिल जाएगा। यहां के सरपंच व सचिव की जोडी ने पूरे पंचायत में अपना कब्जा किया हुआ है जिसे जितने पैसे लेने होते हैं वह कहीं तो किसी भी दुकान का बिल लगाकर पैसे निकाल लेते हैं। ग्राम पंचायत लामा टोला में पदस्थ सचिव महेश केवट,सरपंच व रोजगार सहायक की मिलीभगत से हर कार्य में कमीशन का खेल चल रहा है।


सचिव ने की बिल में छेडछाड-
ग्राम पंचायत लामा टोला के सचिव लामा टोला ने तो भ्रष्टाचार की हद ही पार कर दी,जब बिल का खुलासा हुआ तब पता चला कि किस प्रकार से ग्राम पंचायतों में शासकीय पैसों का सचिव द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है सचिव द्वारा एक ही बिल का दो बार भुगतान किया गया।वहीं स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए गए शौचालय का भी भुगतान 4 हितग्राहियों के नाम पर 2 बार कर दिया गया ग्राम पंचायत लामा टोला में  किस प्रकार का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। लोगों के टैक्सों का पैसा किस प्रकार के इस ग्राम पंचायत सचिव ने अपने जेब में भरते जा रहे है ऐसा नहीं है कि सचिव के फर्जी बिल भुगतान भ्रष्टाचार के संबंध में जनपद पंचायत सीईओ को जानकारी न हो, लेकिन जब ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार का कमीशन के पैसे का बंदरबाट होता हो तो भला सीईओ कैसे भ्रष्टाचारी सचिव महेश केवट पर जांच करने का साहस कर सकते हैं।

हर पर्व में राशि बढती-
ग्राम पंचायत लामा टोला में पदस्थ सचिव द्वारा राष्ट्रीय पर्व के नाम पर हमेशा राशि बढते हुये लगाई जाती है,15 अगस्त 2019 के बिल की राशि 6 हजार रुपए की लगाई गई वहीं 26 जनवरी 2020 की राशि 10 हजार 500 रुपए की लगाई। 4 माह बाद राशि बढ़ा कर राशि राष्ट्रीय पर्व के नाम पर निकाली गई इतनी जल्दी राष्ट्रीय पर्व में खर्च होने वाली राशि का दोगुना हो जाना अपने आप में सवाल खड़ा कर रहा है सचिव महेश केवट को किसी का भी डर नहीं है।

रोजगार सहायक के भाई के नाम पर हुआ लाखो का भुगतान -

ग्राम पंचायत लामाटोला के पूर्व सचिव ईश्वर सिंह एवं वर्मान सचिव महेश केवट,सरपंच आनंद सिंह एवं रोजगार सहायक सुदीप सिंह बघेल भ्रष्टचार की तीनों तिकड़ियो ने मिलकर ऐसा मकड जाल बिछाया कि रोजगार सहायक के चचेरे भाई देववांत प्रताप सिंह के जीएसटी न. 23FQTPS8888G2ZN जो कि ओम साई राम सप्लायर एंड ट्रेडर्स के बिल में डाल कर मटेरियल सप्लायर का लगभग 50 लाख का बिल भुगतान हो गया। सचिव महेश केवट सरपंच आनंद सिंह रोजगार सहायक के भ्रष्टाचार के इस खेल में जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी लिप्त।जिससे भ्रष्टाचारियों को किसी का डर भय नहीं है आज अंधेर नगरी चौपट राजा जैसा हाल जनपद पंचायत अनूपपुर मुख्यालय बदरा अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों में फैले भ्रष्टाचार पर अभयदान दिया जा रहा है।

सचिव ने खरीदा टेबल कुर्सी दीवान -

ग्राम पंचायत लामा टोला के सचिव ने दो दो बार टेबल कुर्सी दीवान खरीदने का भुगतान तो ग्राम पंचायत से कर दिया लेकिन असल में जमीनी स्तर पर ग्राम पंचायत में देखने को कुछ नहीं मिलता।


बिना जीएसटी के व पर्ची के बिल में हो रहा भुगतान -

ग्राम पंचायत लामा टोला में निर्माण कार्य हो या फिर बूंदी, मिठाई या अन्य फिर फोटोकॉपी में बिना जीएसटी वाले बिल धडल्ले से लगा दिये जाते हैं जिससे शासन के टैक्स की लाखों रुपए चोरी की गई। पंचायत द्वारा रेत, गिट्टी, सीमेंट, मजदूरी के नाम पर पंचायतों में लाखों के बिल लगा रखे हैं जिसमें टैक्स की चोरी हुई है। पंचायत द्वारा धडल्ले से फर्जी बिल बनाकर लगा दी जाती है मानों ऊपर से नीचे तक सेटिंग है।
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