कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक प्रतिनिधि ने कहा कि सरकार को डूमर कछार एवं डोला के लिये पुनर्विचार करना चाहिए !
राजनगर ! जब से नवगठित नगर परिषद डोला और डूमरकछार को अधिसूचना के द्वारा रद्द कर पुनः डोला और डूमरकछार को ग्राम पंचायत में गठित कर दिया गया तब से दोनों पक्षों के नेतागण अपने बयान देने लगे ! वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व विधायक प्रतिनिधि जगदीश पटेल ने कहां की सरकार का यह फैसला हमारे क्षेत्र के लिए बड़े ही दुर्भाग्य का विषय है
इससे हमारे क्षेत्र का विकास पूरी तरह से रुक जाएगा।
पहले से ही हमारे क्षेत्र का विकास रुका हुआ था, एक उम्मीद थी अगर नगर पंचायत बन जाता तो यहां का विकास नियमित रूप से होता लेकिन सरकार ने वह किन कारणों से इसे नगर पंचायत नहीं बनने दिया इसे पुनः ग्राम पंचायत में जोड़ दिया गया यह हमारे क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी ही दुर्भाग्य का विषय है।
हम सरकार से अपील करते हैं कि इसका पुनर्विचार किया जाए क्योंकि यहां आवश्यकताएं अनंत है, धीरे-धीरे यहां कालरी भी बंद हो रही है रोजगार के आय खत्म हो रहे हैं, जिस कारण से लोग यहां से पलायन कर रहे हैं, डूमर कछार पंचायत धीरे धीरे समाप्ति की ओर हो रहा है, लेकिन अगर यह नगर पंचायत हो जाता तो यहां पलायन रुक जाएगा रोजगार प्रदान होता, जरूरत की चीजें उपलब्ध होती, क्षेत्र विकसित होता, लोग विकसित होंते, इस कारण से सरकार से पुनः अनुरोध है कि इस फैसले पर पुनः विचार करें एवं डूमर कछार और डोला को नगर पंचायत ही रहने दे।यहां के जनता की मांग भी है कि दोनों क्षेत्र नगर पंचायत बने, लगभग यहां की जनसंख्या भी 9-10 हजार हैं। पूर्व में भी 10,000 की जनसंख्या में भी नगर पंचायत बनाया गया है, उसी आधार पर इसे भी नगर पंचायत बनाया जाए।सरकार को नियमों में बदलाव करके क्षेत्र के विकास के लिए इस बारे में सोचना चाहिए !
जब छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश एक था उसके बाद जब छत्तीसगढ़ अलग हुआ लेदरी जैसी ग्राम पंचायत को जिसकी आबादी 5000 से कम है उसको नगर पंचायत बनाया गया वहीं पर झगराखांड को नगर पंचायत बनाया गया जैसे कि छत्तीसगढ़ सरकार संशोधन करके क्षेत्र के विकास के लिए नगर पंचायत बना रही है विकास को मद्देनजर रखते हुए,तो मध्य प्रदेश सरकार को भी यह काम करना चाहिए और हमारी सरकार का उद्देश्य है कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना !