पुलिस का रौब दिखा कर रेत ठेकेदार ने बिना परमीशन के ही ग्राम सड़क की उड़ा रहा धज्जिया
खतरे में नदियां, अवैध-निरंकुश तरीके से हो रहा रेत खनन, जिम्मेदार क्यों नहीं ले रहे एक्शन?
केवई नदी में रेत माफिया करा रहे अवैध उत्खनन 5 हेक्टेयर खनन की लीज रेत खोद रहे लीज से ज्यादा
चंगेरी पंचायत में रेत का अवैध कारोबार जोरों पर जारी है। कहीं वन विभाग तो कही रेलवे विभाग की जमीन से अघोषित खदानों से रेत निकाली जा रही है। लंबे समय से कोतमा क्षेत्र में चल रहे काले कारोबार के विरोध में ग्रामीण एकजुट हो गए। प्रदर्शन कर उन्होंने रेत से भरी ट्राॅलियां रोकीं। कहा यह गांव की रोड है, यहां से बड़े वाहन नही ले जा सकते तो ठेकेदार के गुर्गों ने पोलिस का रौब दिखाकर ग्रामीणों को डरा दिया। उत्खनन जोरों पर है। ग्रामीणों का कहना है इससे दुर्घटना की आशंका के अलावा गांव की सड़कें खराब हो रही हैं।
अनूपपुर/हिमांशू पासी - विकासखंड कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत चंगेरी के ग्रामीणों ने ठेकेदार के ऊपर रेत और रेत तस्करी करने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से इसकी शिकायत की थी। इसके बावजूद कार्यवाही नहीं होने से अवैध परिवहन करने वालों के हौसले बुलंद है। वहीं जिले से अवैध तरीके से रेता का उत्खनन कर ट्रक के माध्यम से मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भेजी जा रही है।अनूपपुर जिले के कोतमा इलाके के चंगेरी स्थित केवई नदी में रेत ठेकेदार लीज क्षेत्र से बाहर जाकर रेत का अवैध खनन शुरू कर दिया है, जबकि इसके लिए राजस्व और खनिज विभाग के अफसरों और कर्मचारियों ने सीमांकन कर दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि इमली घाट और नए रेत घाट के बीच पांच सौ मीटर से ज्यादा नदी का भाग लीज क्षेत्र से बाहर है, लेकिन ठेकेदार द्वारा वहां खनन कराया जा रहा है।
*केवई, सोन नदियों का अस्तित्व खतरे में,*
अनूपपुर जिले की नदियों का दोहन कोई नया काम नहीं है,यह लंबे समय से चलता आ रहा है।जब जिसका मन चाहता है वह अपनी गाड़ी लेकर आ जाता है और नदी को खोद कर वहां से बालू उठाकर लेकर चल देता है. अगर आकड़ों में यह गिना जाए तो रोज अनूपपुर जिले के केवई, सोन आदि नदियों से 300-400 ट्रक व ट्रेक्टर बालू जिले के अलावा अन्य जिले व प्रातों को बेचा जा रहा है. यह मध्यप्रदेश सरकार के हिस्से की वह कमाई है, जिसे ठेकेदार, रसूखदार व अन्य जिले व प्रांत वाले खुशी-खुशी अपने हक में उपयोग कर रहे हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि अनूपपुर जिला प्राकृतिक संपदा से भरपूर धरती है, जहां धूल, मिट्टी, रेत, गिट्टी से लेकर के सोना तक यहां की नदियां उगलती हैं, लेकिन जिले के प्रशासनिक अधिकारी ने इस प्राकृतिक संपदा को कभी भी गंभीरता पूर्वक ध्यान में नहीं लिया.
*ओवरलोड डंपर बन रहे हादसे का कारण,*
प्रशासनिक अफसरों की लचर कार्य प्रणाली के चलते ओवर लोड रेत से भरे डंपर बेखौफ होकर नगर की सड़कों पर से अंधी रफ्तार से गुजर रहे हैं, लेकिन अफसरों द्वारा ओवरलोड रेत से भरे डंपरों पर कार्रवाई नहीं किए जाने की उनकी भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। केवई नदी स्थित रेत खदान चंगेरी रेत खदानों से ओवरलोड रेत भर कर डंपर और ट्रक नगर के मध्य से निकले स्टेट हाईवे से दिन के उजाले व रात के अंधेरे में गुजरते हैं। नगर की सीमा में प्रवेश करते ही चालक डंपर की स्पीड बढ़ा लेते है। अंधी रफ्तार से गुजरते यह रेत भरे वाहन कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकते है। नगर का व्यस्ततम बैरियल चौराहा से ही रेत से भरे वाहन अंधी रफ्तार से दौड़ते हुए गुजरते है। यह चौराहा पर सुबह से रात तक भारी ट्रैफिक रहता है। सड़क किनारे लगते ठेले व दुकानदारों के द्वारा सड़क के दोनों तरफ दुकानों के सामने 10 से 15 फिट तक सामान रख लिए जाने से चौराहा से निकली स्टेट हाईवे की सड़क मात्र 15 से 20 फीट की ही बचती है। हालांकि अधिकारी क्षमता से अधिक रेत भर कर अंधी रफ्तार से दौड़ते डंपरो, ट्रक आदि वाहनों की जांच कर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाते है। लेकिन कार्रवाई नही की जाती है। लगता है प्रशासन भी गंभीर हादसे का इंतजार कर रहा है। अंधी रफ्तार से दौड़ते रेत से भरे ओवर रोड डंपर कभी भी हादसे का कारण बन सकते है।
*गांव की सड़क बनी स्टेट हाईवे*
बहुचर्चित चंगेरी खदान से रेत लोड कर रेलवे की भूमि में परिवहन किया जा रहा था। जिससे परिवहन के दौरान कई पुलिया क्षतिग्रस्त हुई। लगातार शिकायतों के बाद रेलवे पोलिस के के द्वारा रेलवे की जमीन से परिवहन करने पर अंकुश लगा दिया। तत्पश्चात ठेकेदार ने चंगेरी गांव के अंदर से गांव में बनी ग्राम सड़क का उपयोग कर रेत से भरे हाईवा वाहन का परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। जब इस विषय को ग्रामीण वासियों ने ठेकेदार के खिलाफ आवाज उठाई तो ठेकेदार ने स्थानी पुलिस का रॉक बताकर कहा हम गांव के अंदर से ही बड़ी गाड़ियां ले जाएंगे।
इनका कहना है-
बिना परमीशन के ग्राम सड़क से बड़े वाहनों से परिवहन कर रहे है, जब हमने और ग्रामीणों ने परमीशन की बात की तो बोले हम पुलिस को बुलवाकर सबको उठवा लेंगे।
कमला सिंह
सरपंच ग्राम पंचायत चंगेरी